राज्यसभा चुनाव 2025: मणिपुर में शारदा देवी और अरुणाचल में ताई तागाक ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में दाखिल किया नामांकन
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों ने सोमवार, 8 जून को 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। दोनों पूर्वोत्तर राज्यों में सत्ताधारी भाजपा के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है, जिससे दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
मणिपुर: शारदा देवी का नामांकन और प्राथमिकताएँ
मणिपुर राज्य भाजपा अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए मणिपुर विधानसभा सचिवालय में नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, भाजपा ऑब्जर्वर एवं असम के विधायक राजदीप रॉय, राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह तथा पार्टी के कई विधायक उपस्थित रहे।
नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए शारदा देवी ने कहा, 'अगर मैं संसद के उच्च सदन के लिए चुनी जाती हूँ तो मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करना और राज्य को प्रभावित करने वाली जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों का पुनर्वास और बसावट करना होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्य में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगी।
मणिपुर विधानसभा का समीकरण
60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 36 विधायक हैं। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी के 6, नागा पीपुल्स फ्रंट और कांग्रेस के 5-5, कुकी पीपुल्स अलायंस के 2, जनता दल-यूनाइटेड का 1 और 3 निर्दलीय विधायक हैं। कांग्रेस को छोड़कर सभी दल सत्ताधारी भाजपा के सहयोगी हैं। अब तक किसी भी विपक्षी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है।
यह चुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि मौजूदा भाजपा सांसद महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।
अरुणाचल प्रदेश: ताई तागाक का नामांकन
अरुणाचल प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष ताई तागाक ने ईटानगर स्थित अरुणाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में रिटर्निंग ऑफिसर तादार मीना के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उपमुख्यमंत्री चौना मेन, गृह मंत्री मामा नटुंग और भाजपा ऑब्जर्वर एवं असम के मंत्री अशोक सिंघल इस मौके पर उपस्थित रहे।
तागाक कई वर्षों से भाजपा से जुड़े रहे हैं और पूर्वोत्तर राज्य में पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। 60 सदस्यों वाली अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास भारी बहुमत है। यह चुनाव मौजूदा सांसद नबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने के कारण आवश्यक हुआ है।
पूर्वोत्तर में भाजपा की राज्यसभा रणनीति
यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पूर्वोत्तर भारत में अपनी संसदीय उपस्थिति और मजबूत करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि दोनों राज्यों में विधानसभा संख्याबल के आधार पर भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध या सहज जीत की संभावना प्रबल है। 18 जून को मतदान के बाद परिणाम उसी दिन आने की उम्मीद है।