24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज्यसभा चुनाव 2025: मणिपुर में शारदा देवी और अरुणाचल में ताई तागाक ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में दाखिल किया नामांकन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज्यसभा चुनाव 2025: मणिपुर में शारदा देवी और अरुणाचल में ताई तागाक ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में दाखिल किया नामांकन

सारांश

मणिपुर में भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी और अरुणाचल में पूर्व भाजपा अध्यक्ष ताई तागाक ने 18 जून के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। दोनों राज्यों में विधानसभा संख्याबल भाजपा के पक्ष में है और विपक्ष से अब तक कोई नामांकन नहीं आया है।

मुख्य बातें

मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी और अरुणाचल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष ताई तागाक ने 8 जून को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया।
दोनों राज्यों में 18 जून को मतदान होगा; मणिपुर में मौजूदा सांसद का कार्यकाल 21 जून और अरुणाचल में 23 जून को समाप्त होगा।
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 36 विधायक ; अरुणाचल में भी भाजपा के पास भारी बहुमत।
मणिपुर में अब तक किसी विपक्षी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं दाखिल किया।
शारदा देवी ने जीतने पर मणिपुर में स्थायी शांति और विस्थापितों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने की बात कही।

मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों ने सोमवार, 8 जून को 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। दोनों पूर्वोत्तर राज्यों में सत्ताधारी भाजपा के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है, जिससे दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

मणिपुर: शारदा देवी का नामांकन और प्राथमिकताएँ

मणिपुर राज्य भाजपा अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए मणिपुर विधानसभा सचिवालय में नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, भाजपा ऑब्जर्वर एवं असम के विधायक राजदीप रॉय, राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह तथा पार्टी के कई विधायक उपस्थित रहे।

नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए शारदा देवी ने कहा, 'अगर मैं संसद के उच्च सदन के लिए चुनी जाती हूँ तो मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करना और राज्य को प्रभावित करने वाली जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों का पुनर्वास और बसावट करना होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्य में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगी।

मणिपुर विधानसभा का समीकरण

60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 36 विधायक हैं। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी के 6, नागा पीपुल्स फ्रंट और कांग्रेस के 5-5, कुकी पीपुल्स अलायंस के 2, जनता दल-यूनाइटेड का 1 और 3 निर्दलीय विधायक हैं। कांग्रेस को छोड़कर सभी दल सत्ताधारी भाजपा के सहयोगी हैं। अब तक किसी भी विपक्षी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है।

यह चुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि मौजूदा भाजपा सांसद महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।

अरुणाचल प्रदेश: ताई तागाक का नामांकन

अरुणाचल प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष ताई तागाक ने ईटानगर स्थित अरुणाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में रिटर्निंग ऑफिसर तादार मीना के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उपमुख्यमंत्री चौना मेन, गृह मंत्री मामा नटुंग और भाजपा ऑब्जर्वर एवं असम के मंत्री अशोक सिंघल इस मौके पर उपस्थित रहे।

तागाक कई वर्षों से भाजपा से जुड़े रहे हैं और पूर्वोत्तर राज्य में पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। 60 सदस्यों वाली अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास भारी बहुमत है। यह चुनाव मौजूदा सांसद नबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने के कारण आवश्यक हुआ है।

पूर्वोत्तर में भाजपा की राज्यसभा रणनीति

यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पूर्वोत्तर भारत में अपनी संसदीय उपस्थिति और मजबूत करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि दोनों राज्यों में विधानसभा संख्याबल के आधार पर भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध या सहज जीत की संभावना प्रबल है। 18 जून को मतदान के बाद परिणाम उसी दिन आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

औपचारिकता अधिक लगते हैं — फिर भी उम्मीदवारों का चुनाव रणनीतिक संदेश देता है। मणिपुर में शारदा देवी का नामांकन ऐसे समय में आया है जब राज्य जातीय हिंसा और विस्थापन की गहरी पीड़ा से उबर नहीं पाया है; उनकी 'स्थायी शांति' की प्राथमिकता राजनीतिक जरूरत भी है और नैतिक दायित्व भी। अरुणाचल में ताई तागाक की उम्मीदवारी संगठनात्मक निष्ठा को पुरस्कृत करने की भाजपा की परंपरागत शैली को दर्शाती है। असली सवाल यह है कि क्या संसद में पहुँचने के बाद ये प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों की विशिष्ट समस्याओं — विशेषकर मणिपुर की जातीय दरार — को केंद्र के एजेंडे में वास्तविक जगह दिला पाएंगे।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव कब होगा?
दोनों राज्यों में राज्यसभा चुनाव 18 जून को निर्धारित है। मणिपुर में मौजूदा सांसद महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा का कार्यकाल 21 जून को और अरुणाचल में नबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने के कारण ये चुनाव आवश्यक हुए हैं।
मणिपुर से भाजपा की राज्यसभा उम्मीदवार कौन हैं और उनकी प्राथमिकताएँ क्या हैं?
मणिपुर राज्य भाजपा अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी भाजपा की उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा है कि चुने जाने पर मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करना, जातीय हिंसा से विस्थापित लोगों का पुनर्वास और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ होंगी।
अरुणाचल प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार ताई तागाक कौन हैं?
ताई तागाक अरुणाचल प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष हैं। वे कई वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं और पूर्वोत्तर राज्य में पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।
मणिपुर विधानसभा में दलीय स्थिति क्या है और क्या भाजपा की जीत तय है?
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 36 विधायक हैं। कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी दल — नेशनल पीपुल्स पार्टी, नागा पीपुल्स फ्रंट, कुकी पीपुल्स अलायंस और जनता दल-यूनाइटेड — भाजपा के सहयोगी हैं। अब तक किसी विपक्षी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं दाखिल किया है, जिससे शारदा देवी की जीत लगभग निश्चित मानी जा रही है।
अरुणाचल प्रदेश में राज्यसभा सीट पर भाजपा की स्थिति कैसी है?
60 सदस्यीय अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास भारी बहुमत है। मौजूदा सांसद नबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने पर यह सीट रिक्त होगी और भाजपा उम्मीदवार ताई तागाक की जीत प्रबल मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले