भाजपा का लक्ष्य: टीटीएएडीसी चुनाव में सभी 28 सीटों पर जीतना, गठबंधन नीति जारी: सीएम साहा
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा सभी 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
- मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति को जारी रखने की बात की।
- 147 परिवारों के 587 मतदाता भाजपा में शामिल हुए।
- भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं पर की गई आलोचना।
- कानून-व्यवस्था में सुधार की बात की गई।
अगरतला, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा ने शनिवार को घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद (टीटीएएडीसी) चुनाव में सभी 28 सीटों पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती है, जबकि पार्टी गठबंधन की राजनीति की अपनी नीति को बनाए रखेगी।
धलाई जिले के धूमाछड़ा में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ काम करने में विश्वास करती है, लेकिन परिषद चुनाव में अपनी ताकत बढ़ाने का भी प्रयास करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया, “भाजपा अपने सहयोगियों को नहीं नकारती। हम उनकी सभी अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेंगे, लेकिन यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। हमारा लक्ष्य है कि 28 सीटें जीतें।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 147 परिवारों के 587 मतदाताओं का भाजपा में स्वागत किया। उन्होंने कहा, “आज हमारे लिए यह एक खुशहाल दिन है। आपने सही समय पर सही निर्णय लिया है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश और राज्य का विकास भाजपा के बिना संभव नहीं है। नए सदस्य क्षेत्र और संगठन की ताकत बढ़ाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नया भारत’ और ‘नया त्रिपुरा’ के अभियान में भागीदार बनेंगे।
साहा ने टीटीएएडीसी के मौजूदा प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने जनजातीय समुदायों के प्रति केवल सहानुभूति जताई, लेकिन वास्तविक विकास नहीं किया। उन्होंने परिषद प्रशासन में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पारदर्शी शासन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। “प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा है कि वे स्वयं भ्रष्टाचार नहीं करेंगे और न ही किसी को करने देंगे। उनके नेतृत्व में केंद्र और त्रिपुरा की सरकारें पारदर्शिता के साथ काम कर रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लगभग 20-21 राज्यों में भाजपा या भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें हैं और लोग समझते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रगति संभव नहीं है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। उनके अनुसार, आंकड़ों के अनुसार, राज्य अपराध के मामले में 28 राज्यों में नीचे से तीसरे स्थान पर है और पिछले 20 वर्षों में अपराध में लगभग 8.2 प्रतिशत की कमी आई है।
साहा ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक समूह “थांसा-थांसा” जैसे नारों के जरिए सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे लिए ‘थांसा’ का मतलब है सब साथ, विभिन्न जातियों, जनजातियों और अल्पसंख्यकों के साथ मिलकर एक सुंदर त्रिपुरा का निर्माण करना।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रधानमंत्री मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के विजन के अनुसार कार्य कर रही है और विकास तभी संभव है जब सभी मिलकर आगे बढ़ें।