बैंक लोन फ्रॉड: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने ADAG के पूर्व अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई भेजा
सारांश
Key Takeaways
- राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को अमिताभ झुनझुनवाला को प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई भेजने का आदेश दिया।
- झुनझुनवाला फिलहाल ईडी की गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
- मामला RHFL और RCFL में कथित बैंक लोन धोखाधड़ी और शेल कंपनियों के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
- झुनझुनवाला रिलायंस कैपिटल के वाइस चेयरमैन और ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं।
- इसी महीने सीबीआई ने RCom और अनिल अंबानी पर LIC को ₹3,750 करोड़ के नुकसान के आरोप में FIR दर्ज की।
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े सीबीआई के मामले में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई भेजने का आदेश दिया। सीबीआई की अर्जी पर मुंबई कोर्ट ने पहले ही झुनझुनवाला के खिलाफ यह प्रोडक्शन वारंट जारी किया था, जिसके बाद दिल्ली कोर्ट ने उन्हें मुंबई की अदालत में पेश किए जाने का रास्ता साफ किया।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। ईडी ने उन्हें कथित तौर पर बैंक लोन की राशि के दुरुपयोग और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया, ऐसा सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है।
मामले का केंद्र: RHFL और RCFL
यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) में कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है। आरोप है कि इन कंपनियों के ज़रिए बैंक लोन की धनराशि को शेल या फर्जी कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। जाँच एजेंसियों को शक है कि झुनझुनवाला और बापना (रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) दोनों की इन वित्तीय निर्णयों में अहम भूमिका थी।
झुनझुनवाला और बापना की भूमिका
अमिताभ झुनझुनवाला रिलायंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड में वाइस चेयरमैन तथा डायरेक्टर के पद पर भी कार्यरत थे। सूत्रों के अनुसार, उस दौरान RHFL और RCFL के कामकाज में उनकी केंद्रीय भूमिका थी। वहीं, बापना रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और RHFL के डायरेक्टर रह चुके हैं, और उन पर भी वित्तीय फैसलों में शामिल होने का आरोप है।
LIC को ₹3,750 करोड़ के नुकसान का आरोप
गौरतलब है कि इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया था। इसमें आरोप है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को ₹3,750 करोड़ का नुकसान पहुँचाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब ADAG समूह की कई कंपनियाँ पहले से ही कर्ज़ और नियामकीय जाँच के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में मुंबई कोर्ट में झुनझुनवाला की पेशी के बाद इस मामले में नई कानूनी कार्यवाही तेज़ होने की संभावना है।