गुजरात राज्यसभा चुनाव: भाजपा के चारों उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, सभी 11 सीटें जीतने का दावा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 8 जून 2026 को दावा किया कि गुजरात में पिछले 30 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) इस बार राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में एक भी उम्मीदवार उतारने की स्थिति में नहीं है। इसी क्रम में भाजपा के चारों उम्मीदवारों ने गांधीनगर स्थित गुजरात विधानसभा में अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए।
नामांकन प्रक्रिया और उम्मीदवार
भाजपा के चार उम्मीदवारों — राजू शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया — ने गांधीनगर में नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, संगठन महामंत्री रत्नाकरजी, विधानसभा उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी सहित राज्य सरकार के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
सरकार की प्रतिक्रिया
नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में जनता ने भाजपा को इतनी बड़ी संख्या में चुना है कि कांग्रेस आज राज्यसभा के लिए उम्मीदवार तक खड़ा करने की स्थिति में नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को विकास, जनसेवा, कल्याणकारी योजनाओं और सुशासन के आधार पर जनता का लगातार समर्थन मिला है।
ऐतिहासिक दावा: सभी 11 सीटें
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने इसे राज्य के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा, "यदि गुजरात की सभी 11 राज्यसभा सीटों पर भाजपा सदस्य निर्वाचित होते हैं, तो यह राज्य गठन के बाद पहली बार होगा और यह उपलब्धि इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज होगी।" विश्वकर्मा ने दावा किया कि गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के केवल 12 विधायक बचे हैं, जो राज्य में भाजपा के व्यापक जनाधार को दर्शाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में पार्टी ने जमीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने की रणनीति अपनाई है। विश्वकर्मा के अनुसार, चारों उम्मीदवार संसद के उच्च सदन में गुजरात के 6.5 करोड़ लोगों की आवाज बनेंगे।
चुनाव की आगामी तिथियाँ
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के अनुसार नामांकन पत्रों की जाँच 9 जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित है। यदि आवश्यकता पड़ी तो मतदान 18 जून को कराया जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस के केवल 12 विधायकों की संख्या को देखते हुए, राज्यसभा सीट जीतने के लिए आवश्यक मत कोटा पूरा करना उसके लिए संभव नहीं दिखता।
नामांकन दाखिल करने के बाद चारों उम्मीदवारों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी गुजरात की जनता के हितों और सार्वजनिक मुद्दों के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहेंगे।