राज्यसभा चुनाव 18 जून: 27 सीटों के लिए नामांकन शुरू, 8 जून तक दाखिल करने की मोहलत
सारांश
मुख्य बातें
चुनाव आयोग (ECI) ने 1 जून 2026 को औपचारिक अधिसूचना जारी करते हुए 27 राज्यसभा सीटों — जिनमें द्विवार्षिक और उपचुनाव दोनों शामिल हैं — तथा तीन राज्यों की राज्य विधान परिषदों के चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया आरंभ कर दी। मतदान, यदि मुकाबला हुआ, 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे शुरू होगी।
चुनाव कार्यक्रम की मुख्य तिथियाँ
नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 1 जून को सुबह 11 बजे से शुरू हो गई। आखिरी तारीख 8 जून, दोपहर 3 बजे निर्धारित है। नामांकन पत्रों की जाँच 9 जून 2026 को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून है। रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति का विवरण भारत के राजपत्र और संबंधित राज्य राजपत्रों में प्रकाशित किया जा चुका है।
किन राज्यों में होंगे द्विवार्षिक चुनाव
राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक और मिजोरम में होंगे। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में राज्यसभा की एक-एक सीट पर उपचुनाव भी आयोजित किए जाएँगे।
विधान परिषद चुनाव: बिहार और कर्नाटक
बिहार में राज्य विधान परिषद के लिए नौ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव होगा, क्योंकि इन सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। इन नौ निवर्तमान सदस्यों में डॉ. कुमुद वर्मा, प्रोफेसर गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म साहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा की सीटें पहले से रिक्त हैं, क्योंकि दोनों नेता बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। कर्नाटक में विधान परिषद की सात सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव होगा।
नीतीश कुमार की सीट पर उपचुनाव
बिहार में विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव भी होगा। यह वह सीट है जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद रिक्त हो गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में सत्ता-संतुलन को लेकर विभिन्न दलों की नज़रें इन सीटों पर टिकी हैं।
आगे की प्रक्रिया
सभी चुनावों के लिए नामांकन, जाँच और वापसी की प्रक्रिया जून के पहले पखवाड़े में पूरी होगी। यदि किसी सीट पर निर्विरोध चुनाव होता है, तो मतदान की आवश्यकता नहीं होगी। 18 जून को होने वाले मतदान के परिणाम उसी शाम स्पष्ट होने की उम्मीद है।