राज्यसभा चुनाव 2026: कांग्रेस ने भूपेश बघेल और अजय शर्मा को झारखंड का पर्यवेक्षक नियुक्त किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 18 जून 2026 को होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों की तैयारियों को गति देते हुए वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और अजय शर्मा को झारखंड के लिए पार्टी पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा जारी यह नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद 5 जून 2026 को प्रभावी हुई।
चुनावी कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया
राज्यसभा की 24 द्विवार्षिक रिक्त सीटों के साथ-साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की 3 उपचुनाव सीटों के लिए एक साथ मतदान होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है, 9 जून को नामांकन पत्रों की जाँच होगी, 11 जून तक नाम वापसी संभव है और 18 जून की शाम मतगणना होगी।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली के तहत आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होते हैं, जिसमें राजनीतिक गठबंधन और विधायकों की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है।
कांग्रेस के उम्मीदवार और खड़गे का नामांकन
पार्टी ने 10 राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए अब तक 7 उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को कर्नाटक से अपना नामांकन दाखिल किया — उनका वर्तमान कार्यकाल 25 जून 2026 को समाप्त होता है।
घोषित उम्मीदवारों में कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान; मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन; तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती; राजस्थान से नीरज डांगी; और झारखंड से प्रणव झा शामिल हैं। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस को कर्नाटक की 4 में से 3 सीटें जीतने का भरोसा है।
झारखंड में कांग्रेस की स्थिति
झारखंड में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। 81 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 16 विधायक हैं। इसी संख्या बल का हवाला देते हुए पार्टी ने गठबंधन से एक राज्यसभा सीट की माँग की थी और उसी के तहत प्रणव झा को प्रत्याशी बनाया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब JMM और कांग्रेस के संबंध सहयोगात्मक तो बने हुए हैं, लेकिन भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और खनन जैसे मुद्दों पर कांग्रेस अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान भी बनाए हुए है।
संगठनात्मक तैयारियाँ
चुनावी रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस ने झारखंड में हाल ही में 36 सदस्यीय राजनीतिक मामलों की समिति का गठन किया है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को भी स्थान दिया गया है।
आगे क्या
पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा झारखंड में विधायकों के समन्वय और मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। 18 जून की मतगणना से पहले नामांकन और नाम वापसी की समयसीमा तेज़ी से नज़दीक आ रही है, जिससे अगले कुछ दिन राजनीतिक दृष्टि से निर्णायक रहेंगे।