झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: इंडिया गठबंधन ने दिखाई एकजुटता, 18 जून को दोनों सीटें जीतने का दावा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन ने 7 जून को अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए दोनों सीटों पर जीत का दावा किया। रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई विधायकों की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को संयुक्त समर्थन देने पर सहमति बनी।
बैठक का घटनाक्रम
रविवार शाम कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गठबंधन विधायकों की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दोनों उम्मीदवार और गठबंधन के अधिकांश विधायक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले कुछ दिनों से उभरे मतभेदों को दूर कर एकजुट संदेश देना था।
नेताओं के दावे
झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री सुदिव्य कुमार ने दावा किया कि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और दोनों सीटें जीतेंगे। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी कहा कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है। नेताओं ने यह भी बताया कि गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।
पहले उभरे थे मतभेद
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले दिनों सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेद उभर आए थे। कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी के ऐलान के बाद झामुमो ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात कही थी। हालांकि बाद में दोनों दलों के नेताओं की संयुक्त बैठक में यह मतभेद दूर कर लिया गया। रविवार की बैठक उसी सुलह की औपचारिक पुष्टि के रूप में देखी जा रही है।
नामांकन और आगे की प्रक्रिया
सोमवार को सुबह 11 बजे दोनों प्रत्याशी नामांकन दाखिल करेंगे और उनके साथ गठबंधन के सभी दलों के विधायक एवं नेता मौजूद रहेंगे। मौजूदा संख्या बल के आधार पर इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर मजबूत स्थिति में माना जा रहा है।
भाजपा की रणनीति
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी चुनाव को दिलचस्प बनाने की कोशिश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, BJP दूसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 18 जून का मतदान यह तय करेगा कि क्या गठबंधन की एकजुटता मतपेटी तक बरकरार रहती है।