झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैजनाथ राम और परिमल नथवानी जीते, कांग्रेस की हार के बाद गठबंधन पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी ने 18 जून 2026 को झारखंड राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा। नतीजों के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, और कांग्रेस ने मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
मतों का गणित
भाजपा विधायक कुशवाहा शशि भूषण मेहता के अनुसार, एनडीए गठबंधन को 28 वोट मिले, जेएमएम उम्मीदवार को 30 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार को केवल 20 वोट मिले। कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने स्पष्ट किया कि जेएमएम के 34 विधायकों में से 30 ने अपने उम्मीदवार को और 4 ने कांग्रेस को वोट दिया, जबकि कांग्रेस के 16 विधायकों ने पार्टी उम्मीदवार का समर्थन किया। इस प्रकार कांग्रेस को कुल 20 वोट प्राप्त हुए।
विजेताओं की प्रतिक्रिया
जीत के बाद बैजनाथ राम ने सभी समर्थक विधायकों और मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी विधायकों और मुख्यमंत्री का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया।' विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने परिमल नथवानी की जीत को विधायकों के 'विवेकपूर्ण निर्णय' का परिणाम बताया और कहा कि नथवानी पहले भी 12 वर्षों तक झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, जिससे विधायक उनके कार्यों से भलीभांति परिचित हैं।
कांग्रेस का रुख और आरोप
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई है' और कथित तौर पर सांसदों व विधायकों की 'खरीद-फरोख्त' का आरोप भाजपा पर लगाया। उन्होंने कहा, 'जब तक सभी तथ्य सामने नहीं आ जाते, कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता।'
गठबंधन में दरार की अटकलें
कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन में亀दरार की अटकलें शुरू हुईं, जिन्हें कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने सिरे से खारिज किया। जेएमएम सांसद महुआ माजी ने भी पार्टी अनुशासन की तारीफ की और कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी के हर विधायक ने जेएमएम उम्मीदवार को वोट दिया और एक भी वोट अमान्य नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार की हार को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि 'दोपहर तक किसी को भी अंदाजा नहीं था कि इस तरह की स्थिति बन सकती है।'
एनडीए पर रणनीतिक तैयारी के आरोप
माजी ने आरोप लगाया कि एनडीए ने चुनाव से पहले ही रणनीतिक तैयारी कर ली थी। उन्होंने कहा कि एनडीए नेता पहले से जीत का दावा कर रहे थे, जो संकेत देता है कि उन्होंने पहले ही कुछ विधायकों से बात कर ली थी। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम आदमी पार्टी (आप) में टूट के उदाहरण देते हुए इसे एनडीए का 'पुराना तरीका' बताया। ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं और अभी तक इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आगे झारखंड की राजनीति में यह चुनाव परिणाम गठबंधन समीकरणों को किस दिशा में ले जाता है, यह देखना होगा।