झारखंड राज्यसभा चुनाव 2025: परिमल नाथवानी और बैजनाथ राम जीते, कांग्रेस के प्रणव झा हारे
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों पर 18 जून को हुए चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। इस प्रकार इंडिया गठबंधन और एनडीए ने एक-एक सीट अपने खाते में दर्ज की।
मतगणना का ब्यौरा
मतगणना के अनुसार, झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 31 वोट मिले, जबकि एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी को 28 वोट प्राप्त हुए। नाथवानी के पक्ष में पड़े 2 वोट अवैध घोषित किए गए। कांग्रेस के प्रणव झा को 21 वोट मिले और उनके पक्ष में डाला गया 1 वोट रद्द किया गया।
झारखंड विधानसभा परिसर में हुए मतदान में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और देर शाम मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए।
नाथवानी की चौथी बार राज्यसभा में वापसी
परिमल नाथवानी ने सोशल मीडिया पर अपनी जीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्यसभा सदस्य के रूप में चौथी बार सेवा का अवसर मिलना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने बताया कि झारखंड से यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा और 2008 में इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी।
नाथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व और एनडीए के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह झारखंड के हितों और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।
मतदान प्रक्रिया और राजनीतिक माहौल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं ने मतदान में भाग लिया। दिन का अंतिम वोट झामुमो नेता एवं मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने डाला। गौरतलब है कि मतदान से पूर्व दोनों खेमों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए रणनीतिक बैठकें आयोजित की थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में इंडिया गठबंधन सत्ता में है और एनडीए विपक्ष की भूमिका में है। आधिकारिक तौर पर परिणाम की औपचारिक घोषणा अभी लंबित बताई जा रही थी, हालांकि मतगणना के आँकड़े स्पष्ट थे।
इंडिया गठबंधन की रणनीति और परिणाम
इंडिया गठबंधन ने झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को मैदान में उतारा था। गठबंधन दोनों सीटें जीतने की स्थिति में नहीं रहा, क्योंकि उसके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था। एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नाथवानी को समर्थन देकर एक सीट सुनिश्चित करने में सफलता पाई।
यह परिणाम झारखंड की राजनीतिक गणित को स्पष्ट करता है — जहाँ सत्तारूढ़ गठबंधन के पास बहुमत है, वहीं एनडीए अपनी संख्या के अनुरूप एक सीट हासिल करने में सफल रहा। आने वाले समय में राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व इन दोनों नवनिर्वाचित सदस्यों के माध्यम से होगा।