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झारखंड राज्यसभा चुनाव 18 जून: परिमल नथवानी और विजय साई रेड्डी की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस

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झारखंड राज्यसभा चुनाव 18 जून: परिमल नथवानी और विजय साई रेड्डी की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस

सारांश

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर 18 जून का चुनाव कागज़ पर इंडिया ब्लॉक की आसान जीत जैसा दिखता है — लेकिन परिमल नथवानी और विजय साई रेड्डी की निर्दलीय एंट्री, गठबंधन के भीतर खींचतान और क्रॉस वोटिंग की अटकलों ने इसे असली राजनीतिक परीक्षा बना दिया है।

मुख्य बातें

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर 18 जून को मतदान और मतगणना होगी।
उद्योगपति व पूर्व राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी और YSRCP नेता विजय साई रेड्डी ने निर्दलीय रूप से नामांकन पत्र खरीदे।
इंडिया ब्लॉक के पास 56 विधायक — दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त; एक सीट के लिए 28 मत जरूरी।
कांग्रेस ने झामुमो से बिना सलाह किए प्रणव झा का नाम घोषित किया, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ा।
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 11 जून ; तब तक अंतिम तस्वीर साफ होगी।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाला द्विवार्षिक चुनाव अप्रत्याशित राजनीतिक मोड़ पर आ गया है। रांची से मिली जानकारी के अनुसार, सत्तारूढ़ इंडिया ब्लॉक के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद, निर्दलीय दावेदारों की सक्रियता और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।

मुख्य उम्मीदवार और नामांकन की स्थिति

कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राजनीतिक सलाहकार प्रणव झा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और अनुसूचित जाति समुदाय के प्रभावशाली चेहरे बैजनाथ राम को मैदान में उतारा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभी तक अपने प्रत्याशी की औपचारिक घोषणा नहीं की है, हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने से उनकी संभावित उम्मीदवारी की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है।

निर्दलीय दावेदारों ने बढ़ाया सस्पेंस

चुनाव में नया रोमांच तब पैदा हुआ जब उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र खरीदा। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की, जिसने राजनीतिक अटकलों को और हवा दी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश की राजनीति से जुड़े वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता विजय साई रेड्डी ने भी नामांकन पत्र खरीदकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है।

इन दोनों नामों के सामने आने के बाद संभावित जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गई हैं। रवि यादव नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने भी नामांकन पत्र खरीदा है, लेकिन उनके लिए प्रस्तावक के तौर पर 10 विधायकों का समर्थन जुटाना भी मुश्किल माना जा रहा है।

इंडिया ब्लॉक में आंतरिक खींचतान

गौरतलब है कि राज्यसभा की दोनों सीटों को लेकर सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के भीतर भी रस्साकशी की स्थिति बनी रही। कांग्रेस ने झामुमो को विश्वास में लिए बिना प्रणव झा के नाम की घोषणा कर दी, जिस पर झामुमो नेताओं ने खुली नाराजगी जताई। बाद में कांग्रेस के पर्यवेक्षकों — छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजय शर्मा — ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पार्टी की ओर से स्थिति स्पष्ट की।

विधानसभा संख्या बल का गणित

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। महागठबंधन के पास झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायकों सहित कुल 56 विधायक हैं — जो दोनों सीटों पर जीत के लिए पर्याप्त संख्या है। दूसरी ओर BJP, आजसू, जदयू और लोजपा सहित NDA के पास 24 विधायक हैं। एकमात्र अन्य विधायक जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम (JLKM) के पास है।

चुनावी कार्यक्रम

चुनाव आयोग ने 1 जून को अधिसूचना जारी की थी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है। नामांकन पत्रों की जाँच 9 जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित है। मतदान और मतगणना 18 जून को एक साथ होगी। अब नज़रें इस पर टिकी हैं कि नाम वापसी की तारीख तक कौन-कौन मैदान में बना रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी परिमल नथवानी का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलना और विजय साई रेड्डी जैसे बाहरी चेहरे का झारखंड में नामांकन पत्र खरीदना बताता है कि पर्दे के पीछे सौदेबाज़ी चल रही है। गठबंधन के भीतर कांग्रेस-झामुमो की खींचतान इस बात की याद दिलाती है कि संख्या बल और एकजुटता एक नहीं होती। असली सवाल यह है कि नाम वापसी की तारीख — 11 जून — तक कौन-सी डील पक्की होती है और क्या इंडिया ब्लॉक का वोट बँटने से बचता है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2025 कब होगा?
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान और मतगणना 18 जून 2025 को होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून और नाम वापसी की अंतिम तिथि 11 जून है।
परिमल नथवानी कौन हैं और वे झारखंड से क्यों चुनाव लड़ रहे हैं?
परिमल नथवानी उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं, जिन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र खरीदा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की, जिससे उनकी उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
इंडिया ब्लॉक के पास कितने विधायक हैं और क्या वे दोनों सीटें जीत सकते हैं?
इंडिया ब्लॉक के पास झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायकों सहित कुल 56 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 28 मत चाहिए, इसलिए संख्या बल के आधार पर गठबंधन दोनों सीटें जीतने में सक्षम है।
कांग्रेस और झामुमो के बीच तनाव क्यों पैदा हुआ?
कांग्रेस ने झामुमो को विश्वास में लिए बिना प्रणव झा के नाम की घोषणा कर दी, जिस पर झामुमो नेताओं ने नाराजगी जताई। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने हेमंत सोरेन से मिलकर स्थिति को संभाला।
BJP ने झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है?
BJP ने अभी तक आधिकारिक रूप से अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने से उनकी संभावित उम्मीदवारी की चर्चा है। NDA के पास कुल 24 विधायक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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