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झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी के नामांकन पर सुनवाई पूरी, निर्वाची पदाधिकारी ने फैसला रखा सुरक्षित

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी के नामांकन पर सुनवाई पूरी, निर्वाची पदाधिकारी ने फैसला रखा सुरक्षित

सारांश

झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा-समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर कांग्रेस की आपत्तियों की सुनवाई घंटों चली — पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद से लेकर सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता तक दोनों पक्ष उतरे। फैसला सुरक्षित, 18 जून को मतदान।

मुख्य बातें

परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र पर कांग्रेस की आपत्तियों की सुनवाई 10 जून, बुधवार को रांची में घंटों चली।
निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।
कांग्रेस का आरोप: नामांकन में नाम की वर्तनी असंगत ( 'परिमल नाथवानी' बनाम 'नाथवानी परिमल' ) और कुछ कॉलम रिक्त।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद कांग्रेस की ओर से विधानसभा पहुँचे; नाथवानी की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता उपस्थित।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव; भाजपा विधायक सीपी सिंह ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर मतदान 18 जून को निर्धारित।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र पर दर्ज आपत्तियों की सुनवाई बुधवार, 10 जून को रांची स्थित विधानसभा में घंटों तक चली। निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला फिलहाल सुरक्षित रख लिया है। 18 जून को मतदान निर्धारित है, इसलिए यह निर्णय चुनावी समीकरणों पर सीधा असर डाल सकता है।

आपत्तियों की प्रकृति

कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने नाथवानी के नामांकन पत्र के विरुद्ध लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। कांग्रेस का आरोप है कि कुछ दस्तावेजों में उम्मीदवार का नाम 'परिमल नाथवानी' दर्ज है, जबकि अन्य में 'नाथवानी परिमल' लिखा गया है। इसके अतिरिक्त नामांकन पत्र के कुछ कॉलम रिक्त छोड़े जाने और आवश्यक जानकारियाँ अधूरी होने की आपत्तियाँ भी उठाई गई हैं।

गौरतलब है कि मंगलवार को नामांकन की जाँच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, जिसके बाद सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित की गई थी।

सुनवाई में किसने रखी दलीलें

बुधवार की सुनवाई में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तर्क प्रस्तुत किए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद भी विधानसभा पहुँचे और कानूनी दलीलें दीं। दूसरी ओर, नाथवानी की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता ने आपत्तियों का प्रतिवाद किया।

विधानसभा परिसर में राजनीतिक गर्मी

सुनवाई के समानांतर विधानसभा परिसर और उसके बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाथवानी का नामांकन रद्द करने की माँग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई नेता शामिल हुए।

कांग्रेस का आरोप था कि नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों के बावजूद उम्मीदवार को राहत देने का प्रयास हो रहा है, जबकि अन्य राज्यों में समान मामलों में अलग रुख अपनाया गया है। कुछ कांग्रेस समर्थकों के विधानसभा परिसर में प्रवेश के प्रयास के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

भाजपा कार्यकर्ता भी नाथवानी के समर्थन में विधानसभा पहुँचे। भाजपा विधायक सीपी सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

चुनावी समीकरण

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं। भाजपा-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी ने पर्चा भरा है।

अब सभी की निगाहें निर्वाची पदाधिकारी के उस फैसले पर टिकी हैं जो नाथवानी की उम्मीदवारी को वैध ठहराएगा या रद्द करेगा — और जो 18 जून के मतदान से पहले झारखंड की राजनीति की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

भाजपा का 'दोहरे मापदंड' वाला आरोप यह संकेत देता है कि फैसला चाहे जो भी हो, उसे न्यायिक चुनौती मिल सकती है। निर्वाची पदाधिकारी का निर्णय झारखंड की राज्यसभा राजनीति की अगली दिशा तय करेगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिमल नाथवानी के नामांकन पर क्या आपत्तियाँ दर्ज हैं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नाथवानी के नामांकन दस्तावेजों में नाम की वर्तनी असंगत है — कहीं 'परिमल नाथवानी' तो कहीं 'नाथवानी परिमल' दर्ज है। इसके अलावा नामांकन पत्र के कुछ कॉलम रिक्त छोड़े जाने और आवश्यक जानकारियाँ अधूरी होने की आपत्तियाँ भी उठाई गई हैं।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में मतदान कब होगा?
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 18 जून को निर्धारित है। निर्वाची पदाधिकारी का फैसला इससे पहले आने की उम्मीद है, जो नाथवानी की उम्मीदवारी की वैधता तय करेगा।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में कौन-कौन उम्मीदवार हैं?
इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं। भाजपा-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी ने नामांकन दाखिल किया है।
सुनवाई में कांग्रेस की ओर से कौन उपस्थित थे?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद विधानसभा पहुँचे और कानूनी दलीलें दीं। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी तर्क प्रस्तुत किए।
निर्वाची पदाधिकारी ने अभी फैसला क्यों नहीं सुनाया?
दोनों पक्षों की विस्तृत कानूनी दलीलें सुनने के बाद निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने फैसला सुरक्षित रख लिया। मंगलवार को सुनवाई अधूरी रहने के बाद बुधवार को घंटों चली सुनवाई के बावजूद निर्णय की घोषणा नहीं हो सकी।
राष्ट्र प्रेस
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