26 जुलाई 2026
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झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी का नामांकन वैध, कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी का नामांकन वैध, कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज

सारांश

झारखंड राज्यसभा चुनाव में BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन वैध ठहराया गया। कांग्रेस की आपत्तियां — नाम की भिन्न वर्तनी और रिक्त कॉलम — खारिज हो गईं। अब 18 जून को तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला तय।

मुख्य बातें

निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने 10 जून 2026 को परिमल नाथवानी का नामांकन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत वैध घोषित किया।
कांग्रेस की आपत्तियां — दस्तावेजों में नाम की भिन्न वर्तनी और रिक्त कॉलम — सुनवाई के बाद खारिज कर दी गईं।
कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को सुनवाई कक्ष में प्रवेश न देने और निर्वाची पदाधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया।
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा; मैदान में बैद्यनाथ राम (झामुमो), प्रणव झा (कांग्रेस) और परिमल नाथवानी (BJP समर्थित निर्दलीय) हैं।
9 जून को नाथवानी का नामांकन होल्ड पर रखा गया था; 10 जून की सुनवाई के बाद अंतिम फैसला आया।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में 10 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन पत्र वैध घोषित कर दिया गया। राज्यसभा चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की ओर से दाखिल सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए नाथवानी का नामांकन स्वीकार कर लिया। यह फैसला करीब दो घंटे की सुनवाई के बाद शाम को सुनाया गया।

नामांकन सुनवाई का घटनाक्रम

बुधवार सुबह 10:30 बजे से झारखंड विधानसभा परिसर में निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष नाथवानी के नामांकन पर विस्तृत सुनवाई शुरू हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। करीब दो घंटे की सुनवाई के बाद निर्वाची पदाधिकारी ने फैसला सुरक्षित रखा और शाम को अपना आदेश जारी किया।

आदेश में कहा गया कि नाथवानी का नामांकन पत्र जांच के दौरान वैध पाया गया है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत इसे स्वीकार किया जाता है।

कांग्रेस की आपत्तियां और आरोप

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने नाथवानी के नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि नामांकन पत्र और अन्य दस्तावेजों में उम्मीदवार का नाम अलग-अलग तरीके से दर्ज है — कुछ दस्तावेजों में 'परिमल नाथवानी' जबकि अन्य में 'नाथवानी परिमल' लिखा गया है। इसके अलावा नामांकन पत्र के कुछ कॉलम रिक्त छोड़ने और आवश्यक सूचनाएं न देने का आरोप भी लगाया गया था।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी ओर से पक्ष रखने पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को सुनवाई कक्ष में प्रवेश करने से रोका गया। कांग्रेस ने निर्वाची पदाधिकारी पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और BJP के दबाव में काम करने का आरोप लगाया, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

विधानसभा परिसर में राजनीतिक माहौल

सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर और उसके बाहर राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। कांग्रेस के प्रदर्शन में राज्य सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह समेत कई नेता शामिल हुए। वहीं, BJP के नेता-कार्यकर्ता भी नाथवानी के समर्थन में विधानसभा पहुंचे और उनके नामांकन को वैध ठहराने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

गौरतलब है कि 9 जून को निर्वाची पदाधिकारी ने नाथवानी का नामांकन पत्र होल्ड पर रखा था और आपत्तियों पर दोनों पक्षों की सुनवाई 10 जून को निर्धारित की थी।

चुनाव की स्थिति और आगे की राह

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। चुनाव मैदान में सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार — झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा — के अलावा BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी हैं। नाथवानी के नामांकन के वैध होने के बाद अब तीनों उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला 18 जून को होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार की उपस्थिति मतदान को जटिल बना सकती है। सलमान खुर्शीद को प्रवेश न देने का आरोप, यदि सत्य है, तो यह प्रक्रियागत निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता है — और यह मामला चुनाव आयोग तक पहुंच सकता है। झारखंड में राज्यसभा चुनाव अक्सर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के साथ आते हैं; 18 जून से पहले का राजनीतिक तापमान इसी पैटर्न की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिमल नाथवानी कौन हैं और वे किस पार्टी के उम्मीदवार हैं?
परिमल नाथवानी झारखंड राज्यसभा चुनाव में BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार हैं। वे इंडिया गठबंधन के दो उम्मीदवारों — झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा — के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
कांग्रेस ने नाथवानी के नामांकन पर क्या आपत्तियां उठाई थीं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि नामांकन पत्र और अन्य दस्तावेजों में उम्मीदवार का नाम अलग-अलग तरीके से दर्ज है — कहीं 'परिमल नाथवानी' तो कहीं 'नाथवानी परिमल'। इसके अलावा नामांकन पत्र के कुछ कॉलम रिक्त छोड़ने और आवश्यक सूचनाएं न देने का भी आरोप था। निर्वाची पदाधिकारी ने इन सभी आपत्तियों को 10 जून को खारिज कर दिया।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में मतदान कब होगा?
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान होना है। तीनों उम्मीदवारों — बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नाथवानी — के नामांकन वैध हो जाने के बाद यह चुनाव तय हो गया है।
कांग्रेस ने निर्वाची पदाधिकारी पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस ने निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और BJP के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का यह भी कहना था कि उनके वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को सुनवाई कक्ष में प्रवेश नहीं दिया गया।
नाथवानी का नामांकन पहले होल्ड पर क्यों रखा गया था?
9 जून को कांग्रेस की ओर से आपत्तियां दर्ज होने के बाद निर्वाची पदाधिकारी ने नाथवानी का नामांकन होल्ड पर रखा था। दोनों पक्षों की सुनवाई 10 जून को निर्धारित की गई थी, जिसके बाद सभी आपत्तियां खारिज करते हुए नामांकन वैध घोषित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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