झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नथवानी को एनडीए का समर्थन, बाबूलाल मरांडी बोले — 'टेस्टेड व्यक्ति हैं'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनाव में उद्योगपति परिमल नथवानी ने 8 जून 2026 को रांची में अपना नामांकन दाखिल किया। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे नथवानी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायकों का समर्थन प्राप्त है, और उन्होंने दावा किया है कि उनकी जीत सुनिश्चित है।
नामांकन से पहले एनडीए विधायकों से बैठक
नामांकन दाखिल करने से पहले नथवानी सोमवार सुबह रांची के हटिया क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक नवीन जायसवाल के आवास पहुँचे। वहाँ भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के विधायकों के साथ उनकी बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव की रणनीति और समर्थन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में नथवानी ने कहा, 'मैं पुराना झारखंडी हूँ और झारखंड के लोगों ने मेरा काम देखा है। मुझे विश्वास है कि मैं चुनाव जीतूँगा और एक बार फिर राज्य के हितों के लिए काम करने का अवसर मिलेगा।' उन्होंने संख्या बल की विस्तृत चर्चा से परहेज़ किया, लेकिन जीत का पूरा भरोसा जताया।
भाजपा की रणनीतिक मजबूरी
भाजपा विधायक दल के नेता एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि पार्टी के पास राज्यसभा सीट जीतने के लिए अपने दम पर पर्याप्त संख्या बल नहीं था, इसलिए व्यापक रणनीति के तहत नथवानी को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। मरांडी ने नथवानी को एक 'टेस्टेड' व्यक्ति बताया और कहा कि झारखंड उन्हें पहले भी राज्यसभा सदस्य के रूप में देख चुका है।
गौरतलब है कि नथवानी इससे पहले दो बार झारखंड से राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। उनका तर्क है कि विधायक उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें समर्थन देंगे।
सत्तारूढ़ गठबंधन के आरोप
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ गठबंधन ने नथवानी की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता और राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्यसभा चुनाव के ज़रिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहती है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के झारखंड प्रभारी के. राजू ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। भाजपा ने इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
चुनावी मैदान में कौन-कौन
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन का सोमवार, 8 जून को अंतिम दिन था। सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से कांग्रेस ने प्रणव झा और झामुमो ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह मुकाबला तीन-तरफ़ा हो गया है — झामुमो, कांग्रेस और एनडीए समर्थित निर्दलीय नथवानी के बीच।
आगे की राह
यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी एनडीए के बीच विधानसभा में संख्या बल का अंतर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नथवानी की जीत की संभावना काफ़ी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि एनडीए के सहयोगी दल अंतिम मतदान तक एकजुट रहते हैं या नहीं। मतदान की तारीख़ आते-आते सियासी समीकरण और स्पष्ट होने की उम्मीद है।