झारखंड राज्यसभा चुनाव 2025: एनडीए ने किया मॉक पोल, आदित्य साहू बोले- नाथवानी की जीत सौ फीसदी तय
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने रांची के रेडिसन ब्लू होटल में अपने विधायकों को एकजुट कर मतदान प्रक्रिया का मॉक पोल कराया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया कि एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की जीत शत-प्रतिशत सुनिश्चित है।
मॉक पोल और प्रशिक्षण सत्र
बुधवार, 17 जून को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में एनडीए विधायकों को मतदान की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। मॉक पोल के ज़रिए यह सुनिश्चित किया गया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि न हो। बताया गया है कि गठबंधन के कई विधायक पहली बार राज्यसभा चुनाव में मतदान करने जा रहे हैं, इसलिए यह प्रशिक्षण सत्र विशेष रूप से आयोजित किया गया।
इस बैठक में BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी सहित गठबंधन के विधायक उपस्थित रहे।
एनडीए की एकजुटता का दावा
आदित्य साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनडीए के सभी विधायक एकमत हैं और नाथवानी को पूरा समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर मतदान करेंगे — जो संभावित रूप से आईएनडीआईए गठबंधन के असंतुष्ट विधायकों की ओर इशारा माना जा रहा है।
कांग्रेस पर पलटवार
साहू ने कांग्रेस पर 'होटल पॉलिटिक्स' का आरोप लगाने पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी खुद रांची के बीएनआर होटल में अपने विधायकों को ठहरा रही है, वह दूसरों पर उंगली उठाने की स्थिति में नहीं है। साहू के अनुसार, कांग्रेस पहले दावा कर रही थी कि उसके विधायक सीधे अपने घरों से मतदान के लिए पहुँचेंगे, लेकिन अब वे भी होटल में एकत्रित हैं।
इसके अलावा साहू ने कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झारखंड प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी सिरी बेला प्रसाद को पोलिंग एजेंट बनाया है, जो यह संकेत देता है कि पार्टी को अपने स्थानीय नेताओं पर भरोसा नहीं है।
तीन प्रत्याशी, दो सीटें — मुकाबला दिलचस्प
झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। आईएनडीआईए गठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैजनाथ राम और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रणव झा उम्मीदवार हैं। एनडीए ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है। दो सीटों पर तीन दावेदारों के कारण यह चुनाव राजनीतिक रूप से निर्णायक माना जा रहा है।
आगे क्या
18 जून को होने वाले मतदान के परिणाम झारखंड की राजनीतिक समीकरणों पर सीधा असर डालेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 'अंतरात्मा की आवाज़' वाला फैक्टर किसी उम्मीदवार के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभाता है।