झारखंड राज्यसभा चुनाव 2025: दो सीटों पर मतदान, क्रॉस वोटिंग की आशंका से बसों में आए एनडीए विधायक
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 18 जून 2025 को राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान जारी रहा, जिसमें क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते एनडीए के विधायक बसों में एकसाथ झारखंड विधानसभा परिसर पहुँचे। इंडिया ब्लॉक और एनडीए — दोनों गठबंधनों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
उम्मीदवार और चुनावी समीकरण
इस चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इंडिया ब्लॉक की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बैजनाथ राम को और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी चुनाव लड़ रहे हैं।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में विधायक ही मतदाता होते हैं, इसलिए दोनों गठबंधनों के लिए अपने विधायकों की निष्ठा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। विधायकों की उपस्थिति लगभग पूरी बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम: बसों में आए विधायक, माहौल गरमाया
मतदान से पहले एनडीए के कई विधायक बसों में एकसाथ रांची स्थित विधानसभा परिसर पहुँचे — यह कदम क्रॉस वोटिंग की किसी भी आशंका को दूर करने के लिए उठाया गया। विधानसभा परिसर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को कड़ा रखा गया।
मतदान के दौरान एक अप्रिय घटना भी सामने आई — बेरमो से कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह की एक सुरक्षा अधिकारी के साथ तीखी बहस हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। हालाँकि स्थिति को शीघ्र नियंत्रित कर लिया गया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक सरयू राय ने कहा कि चुनाव प्रबंधन में शामिल BJP नेताओं को भरोसा है कि वे इसे सफलतापूर्वक संभाल लेंगे। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विधायकों को अपने विवेक के अनुसार वोट देना है और वे राज्य तथा देश के हित में निर्णय लेंगे।
BJP विधायक उज्ज्वल दास ने दावा किया कि एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी राज्यसभा के लिए निर्वाचित होंगे।
आम जनता और राज्य की राजनीति पर असर
झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, 'आज हम पूरी एकजुटता के साथ विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। मुझे उम्मीद और भरोसा है कि ऐसे समय में जब देशभर में विधायकों की खरीद-फरोख्त हो रही है, उन्हें लालच देकर तोड़ा जा रहा है और राजनीतिक पार्टियों को खरीदा जा रहा है — झारखंड अपने आत्मसम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए अडिग रहेगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ इंडिया ब्लॉक और एनडीए के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। राज्यसभा की इन दो सीटों का परिणाम झारखंड में सत्ता संतुलन और भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
आगे क्या होगा
मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना के ज़रिए स्पष्ट होगा कि दोनों सीटों पर कौन विजयी होता है। यह चुनाव न केवल राज्यसभा में झारखंड के प्रतिनिधित्व को, बल्कि राज्य में गठबंधन की मजबूती को भी परखेगा।