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झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैजनाथ राम और परिमल नथवानी जीते, कांग्रेस की हार पर सियासत गरमाई

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैजनाथ राम और परिमल नथवानी जीते, कांग्रेस की हार पर सियासत गरमाई

सारांश

झारखंड राज्यसभा चुनाव में जेएमएम और एनडीए की जीत के बाद कांग्रेस की हार ने गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए, जबकि जेएमएम ने पार्टी अनुशासन का दावा किया। 81 में से केवल 20 वोट मिलना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।

मुख्य बातें

बैजनाथ राम (जेएमएम) और परिमल नथवानी (एनडीए समर्थित) ने 18 जून 2025 को झारखंड राज्यसभा चुनाव जीता।
मतों का विभाजन: जेएमएम को 30 , एनडीए को 28 और कांग्रेस को 20 वोट मिले।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने हार स्वीकारी और विधायकों की खरीद-फरोख्त का कथित आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रभारी के.
राजू ने जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन में दरार की अटकलों को खारिज किया।
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा कि जेएमएम का एक भी वोट अमान्य नहीं हुआ और पार्टी अनुशासन बरकरार रहा।
परिमल नथवानी पहले भी 12 वर्षों तक झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी ने 18 जून 2025 को झारखंड राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा। नतीजों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है, और गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।

मतदान के आंकड़े और परिणाम

भाजपा विधायक कुशवाहा शशि भूषण मेहता के अनुसार, एनडीए गठबंधन को 28 वोट मिले, जेएमएम को 30 वोट और कांग्रेस को केवल 20 वोट प्राप्त हुए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिला। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में झारखंड के सभी 81 विधायक मतदाता होते हैं।

विजेताओं की प्रतिक्रिया

जीत के बाद बैजनाथ राम ने सभी समर्थकों और विधायकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी विधायकों और मुख्यमंत्री का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया।' विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने परिमल नथवानी की जीत को विधायकों के विवेकपूर्ण निर्णय का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नथवानी पहले भी 12 वर्षों तक झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और विधायक उनके कार्यों से भलीभाँति परिचित हैं।

कांग्रेस की हार और आरोप-प्रत्यारोप

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई और विधायकों की खरीद-फरोख्त हुई। उन्होंने कहा कि जब तक सभी तथ्य सामने नहीं आ जाते, तब तक कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता। हालांकि, ये आरोप अभी तक सत्यापित नहीं हैं।

गठबंधन में दरार की अटकलें

कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने गठबंधन में दरार की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएमएम के 34 विधायकों में से 30 वोट जेएमएम उम्मीदवार को और 4 वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिले, जबकि कांग्रेस के 16 विधायकों ने पार्टी उम्मीदवार को वोट दिया। इस प्रकार कांग्रेस को कुल 20 वोट मिले। जेएमएम सांसद महुआ माजी ने भी पार्टी अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी के हर विधायक ने जेएमएम उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया और एक भी वोट अमान्य नहीं हुआ।

एनडीए पर क्रॉस-वोटिंग का आरोप

माजी ने आरोप लगाया कि एनडीए ने चुनाव से पहले ही रणनीतिक तैयारी कर ली थी। उन्होंने कहा कि एनडीए नेताओं का पहले से जीत का दावा करना यह संकेत देता है कि उन्होंने पहले ही उन विधायकों से संपर्क साध लिया था जिन्होंने बाद में उन्हें वोट दिया। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को अपने पाले में लाने की कथित कोशिशों का उदाहरण दिया। माजी ने कांग्रेस उम्मीदवार की हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दोपहर तक किसी को भी इस परिणाम का अंदाज़ा नहीं था।

यह चुनाव परिणाम झारखंड की राजनीति में गठबंधन की आंतरिक गतिशीलता और विपक्षी एकता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की समीक्षा बैठक और जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की दिशा पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सहयोगी दल के लिए अपेक्षित संख्या से कम है। खरीद-फरोख्त के आरोप गंभीर हैं, लेकिन बिना साक्ष्य के ये राजनीतिक बयानबाज़ी से अधिक नहीं लगते। असली सवाल यह है कि क्या जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन भविष्य के चुनावों में इस आंतरिक दरार को पाट पाएगा, या यह हार एक बड़े विघटन की शुरुआत है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2025 में कौन जीता?
जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी ने 18 जून 2025 को झारखंड राज्यसभा चुनाव जीता। कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में मतों का विभाजन कैसा रहा?
भाजपा विधायक कुशवाहा शशि भूषण मेहता के अनुसार, जेएमएम को 30, एनडीए को 28 और कांग्रेस को 20 वोट मिले। झारखंड के सभी 81 विधायक इस चुनाव में मतदाता होते हैं।
कांग्रेस ने हार के बाद क्या कहा?
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने हार स्वीकार करते हुए समीक्षा बैठक का ऐलान किया। उन्होंने विधायकों की खरीद-फरोख्त का कथित आरोप भी लगाया, हालांकि इसे अभी तक सत्यापित नहीं किया गया है।
क्या कांग्रेस की हार से जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन टूट गया है?
नहीं। कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने गठबंधन में दरार की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जेएमएम के 4 वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिले और दोनों दल पूरी तरह एकजुट हैं।
परिमल नथवानी कौन हैं?
परिमल नथवानी एनडीए समर्थित उम्मीदवार हैं जो पहले भी 12 वर्षों तक झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने उनकी जीत को विधायकों के विवेकपूर्ण निर्णय का परिणाम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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