27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुँची, गुरुवार को वेकेशन बेंच में सुनवाई की उम्मीद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुँची, गुरुवार को वेकेशन बेंच में सुनवाई की उम्मीद

सारांश

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की एकमात्र राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन BJP की आपत्ति पर रद्द हुआ — आरोप है कि तेलंगाना के एक लंबित मामले की जानकारी हलफनामे में छिपाई गई। कांग्रेस अब सर्वोच्च न्यायालय में है और गुरुवार को वेकेशन बेंच से राहत की उम्मीद कर रही है।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 11 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन बहाल करने की माँग की।
BJP की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द किया — आरोप: तेलंगाना के लंबित मामले की जानकारी हलफनामे में नहीं दी।
पूर्व कॉर्पोरेट अधिकारी ए.
श्रीलता ने हैदराबाद की अदालत में नटराजन पर कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया।
नटराजन ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया और रिटर्निंग ऑफिसर पर पक्षपात का आरोप लगाया।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच में शीघ्र सुनवाई की उम्मीद।

कांग्रेस ने 11 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें मध्य प्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार को कोर्ट की वेकेशन बेंच के समक्ष इस मामले में शीघ्र सुनवाई की माँग उठाई जाएगी।

नामांकन रद्द होने की पृष्ठभूमि

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नटराजन का नामांकन पत्र अमान्य घोषित कर दिया। BJP का आरोप है कि नटराजन ने अपने नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित कानूनी मामले का उल्लेख नहीं किया था। नटराजन मध्य प्रदेश से कांग्रेस की एकमात्र राज्यसभा उम्मीदवार थीं।

तेलंगाना मामले का विवरण

नामांकन के विरुद्ध दायर आपत्ति के अनुसार, पूर्व कॉर्पोरेट अधिकारी ए. श्रीलता ने हैदराबाद के चौथे अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है। श्रीलता का आरोप है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया, जिन पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप हैं। नटराजन ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे अपनी छवि धूमिल करने की राजनीतिक साजिश करार दिया है और हैदराबाद की अदालत में श्रीलता की याचिका का विरोध किया है।

नटराजन की प्रतिक्रिया

नटराजन ने कहा, 'हम एक ऐसे रणक्षेत्र में हैं जहाँ कांग्रेस नेता न सिर्फ विपक्षी पार्टी के खिलाफ लड़ रहे हैं। दुर्भाग्य से हमारे संविधान बनाने वाले पूर्वजों ने जो संस्थाएँ बनाई थीं, उनका अब अनादर हो रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन फॉर्म भरने में कोई कानूनी या तकनीकी जटिलता नहीं थी और पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दुर्भावना स्पष्ट दिखी।

रिटर्निंग ऑफिसर पर सीधा आरोप लगाते हुए नटराजन ने बुधवार को कहा, 'मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहूँगी कि रिटर्निंग ऑफिसर निष्पक्ष नहीं थे। वे मौजूदा सरकार के प्रवक्ताओं और उनके फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों की तरह काम कर रहे थे।'

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राज्यसभा चुनावों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव पहले से ऊँचा है। गौरतलब है कि नामांकन रद्द होने की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की भूमिका और रिटर्निंग ऑफिसर की स्वायत्तता पर बड़े सवाल खड़े करती है। कांग्रेस का सर्वोच्च न्यायालय जाना यह संकेत देता है कि पार्टी इस मामले को केवल चुनावी हार के रूप में नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रश्न के रूप में उठाना चाहती है।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय की वेकेशन बेंच गुरुवार को इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई के अनुरोध पर विचार कर सकती है। यदि कोर्ट ने तत्काल राहत दी, तो नटराजन की उम्मीदवारी बहाल हो सकती है — अन्यथा मध्य प्रदेश में कांग्रेस इस राज्यसभा सीट से बाहर हो जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विश्वसनीयता की लड़ाई है। गौरतलब है कि तेलंगाना का यह मामला कथित तौर पर एक निजी याचिका पर आधारित है, जिसकी न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है — फिर भी इसे नामांकन रद्द करने का आधार बनाया गया। यदि सर्वोच्च न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करता, तो यह मिसाल भविष्य में विपक्षी उम्मीदवारों के लिए खतरनाक नज़ीर बन सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द किया गया?
BJP की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द किया कि उन्होंने अपने हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित कानूनी मामले का उल्लेख नहीं किया था। नटराजन ने इसे राजनीतिक दुर्भावना करार दिया है।
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में क्या माँग की है?
कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर नटराजन का नामांकन बहाल करने की माँग की है। पार्टी गुरुवार को वेकेशन बेंच के समक्ष शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करने वाली है।
तेलंगाना में नटराजन के खिलाफ क्या मामला है?
पूर्व कॉर्पोरेट अधिकारी ए. श्रीलता ने हैदराबाद के चौथे अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया, जिन पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी के आरोप हैं।
नटराजन ने रिटर्निंग ऑफिसर पर क्या आरोप लगाए?
नटराजन ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर निष्पक्ष नहीं थे और वे मौजूदा सरकार के प्रवक्ताओं की तरह काम कर रहे थे। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश बताया।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच शीघ्र सुनवाई के अनुरोध पर विचार कर सकती है। यदि कोर्ट ने तत्काल राहत दी तो नटराजन की उम्मीदवारी बहाल हो सकती है, अन्यथा मध्य प्रदेश में कांग्रेस इस राज्यसभा सीट से वंचित रह जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले