27 जुलाई 2026
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मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: सुप्रीम कोर्ट 12 जून को करेगा सुनवाई, परिणाम पर रोक नहीं

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मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: सुप्रीम कोर्ट 12 जून को करेगा सुनवाई, परिणाम पर रोक नहीं

सारांश

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन BJP की आपत्ति पर रद्द हुआ — आरोप है कि हलफनामे में तेलंगाना का लंबित मुकदमा छुपाया गया। सुप्रीम कोर्ट 12 जून को सुनवाई करेगा, पर परिणाम पर रोक नहीं लगाई।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द मामले पर 12 जून को सुनवाई निर्धारित की है।
रिटर्निंग अधिकारी ने BJP की आपत्ति के बाद नामांकन खारिज किया — आरोप है कि हलफनामे में तेलंगाना के लंबित मुकदमे का उल्लेख नहीं था।
नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई माँगी; रिटर्निंग अधिकारी की ओर से मुकुल रोहतगी ने याचिका का विरोध किया।
शीर्ष अदालत ने चुनाव परिणाम पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई।
नटराजन ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर 12 जून को सुनवाई तय की है। 11 जून को हुई त्वरित सुनवाई में शीर्ष अदालत ने फिलहाल चुनाव परिणाम पर कोई रोक लगाने से इनकार कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

रिटर्निंग अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आपत्तियों के बाद नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले का उल्लेख नहीं किया था। नटराजन ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया है और हैदराबाद की अदालत में दायर उस याचिका का भी विरोध किया है जिसे उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश बताया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की माँग करते हुए अदालत को बताया कि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 11 जून है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि समय पर राहत नहीं मिली तो उम्मीदवार को अगले छह वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। दूसरी ओर, रिटर्निंग अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने याचिका का विरोध किया।

जस्टिस प्रशांत कुमार शर्मा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने मामले की सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित की, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से चुनाव परिणाम पर स्थगन की माँग को अस्वीकार कर दिया।

याचिका में क्या कहा गया है

नटराजन ने अपनी याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के विरुद्ध बताया है। याचिका में अदालत से इस फैसले को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की माँग की गई है। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनावों में नामांकन पत्र की तकनीकी खामियों को लेकर विवाद नई बात नहीं है, लेकिन इस मामले में हलफनामे में लंबित मुकदमे की जानकारी न देने का आरोप केंद्रीय प्रश्न बना हुआ है।

आगे क्या होगा

सुप्रीम कोर्ट की पीठ 12 जून को याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगी। चूँकि चुनाव परिणाम पर अभी कोई स्थगन नहीं है, इसलिए मतगणना प्रक्रिया जारी रह सकती है। अदालत के अगले आदेश पर सभी पक्षों की नज़र होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानूनी रणभूमि भी बन चुके हैं। अदालत का अगला आदेश यह तय करेगा कि तकनीकी चूक और राजनीतिक मंशा के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र क्यों रद्द किया गया?
रिटर्निंग अधिकारी ने BJP की आपत्तियों के बाद नटराजन का नामांकन खारिज किया। आरोप है कि उन्होंने नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले की जानकारी नहीं दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला कब सुना जाएगा?
जस्टिस प्रशांत कुमार शर्मा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने इस मामले की सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित की है।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव परिणाम पर रोक लगाई है?
नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल चुनाव परिणाम पर कोई स्थगन नहीं दिया है। अदालत ने केवल 12 जून को विस्तृत सुनवाई का आश्वासन दिया है।
नटराजन की ओर से अदालत में क्या तर्क दिया गया?
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की माँग करते हुए कहा कि नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 जून थी और समय पर राहत न मिलने पर उम्मीदवार को अगले छह वर्षों तक इंतजार करना पड़ सकता है।
मीनाक्षी नटराजन ने आरोपों पर क्या कहा है?
नटराजन ने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने हैदराबाद की अदालत में दायर उस याचिका का विरोध किया है जिसे वे अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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