मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: सुप्रीम कोर्ट 12 जून को करेगा सुनवाई, परिणाम पर रोक नहीं
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर 12 जून को सुनवाई तय की है। 11 जून को हुई त्वरित सुनवाई में शीर्ष अदालत ने फिलहाल चुनाव परिणाम पर कोई रोक लगाने से इनकार कर दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
रिटर्निंग अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आपत्तियों के बाद नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले का उल्लेख नहीं किया था। नटराजन ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया है और हैदराबाद की अदालत में दायर उस याचिका का भी विरोध किया है जिसे उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश बताया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ
नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की माँग करते हुए अदालत को बताया कि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 11 जून है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि समय पर राहत नहीं मिली तो उम्मीदवार को अगले छह वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। दूसरी ओर, रिटर्निंग अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने याचिका का विरोध किया।
जस्टिस प्रशांत कुमार शर्मा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने मामले की सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित की, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से चुनाव परिणाम पर स्थगन की माँग को अस्वीकार कर दिया।
याचिका में क्या कहा गया है
नटराजन ने अपनी याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के विरुद्ध बताया है। याचिका में अदालत से इस फैसले को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की माँग की गई है। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनावों में नामांकन पत्र की तकनीकी खामियों को लेकर विवाद नई बात नहीं है, लेकिन इस मामले में हलफनामे में लंबित मुकदमे की जानकारी न देने का आरोप केंद्रीय प्रश्न बना हुआ है।
आगे क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट की पीठ 12 जून को याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगी। चूँकि चुनाव परिणाम पर अभी कोई स्थगन नहीं है, इसलिए मतगणना प्रक्रिया जारी रह सकती है। अदालत के अगले आदेश पर सभी पक्षों की नज़र होगी।