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सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज: मीनाक्षी नटराजन बोलीं — 'जनता की अदालत में लड़ूंगी लड़ाई'

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सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज: मीनाक्षी नटराजन बोलीं — 'जनता की अदालत में लड़ूंगी लड़ाई'

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज कर दी — लेकिन कांग्रेस नेता ने हार नहीं मानी। 'जनता की अदालत' का हवाला देते हुए उन्होंने चुनाव आयोग पर प्रभावित होने का आरोप दोहराया और 48 घंटे की चुप्पी को संदेह की नज़र से देखा।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून 2026 को मीनाक्षी नटराजन की मध्य प्रदेश राज्यसभा नामांकन रद्द मामले की याचिका खारिज की।
कोर्ट ने कहा कि इस फैसले से उच्च न्यायालय स्तर पर संभावित चुनावी याचिका पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नटराजन का नामांकन लंबित आपराधिक मामले की जानकारी न देने के आधार पर रद्द किया गया था।
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में तर्क दिया कि नटराजन के खिलाफ आरोप औपचारिक रूप से तय नहीं हुए थे।
कांग्रेस सदस्यों ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ सत्याग्रह किया।
नटराजन ने चुनाव आयोग पर 48 घंटे की चुप्पी और प्रभावित होने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव नामांकन रद्द होने से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून 2026 को खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से उच्च न्यायालय स्तर पर किसी संभावित चुनावी याचिका पर कोई असर नहीं पड़ेगा। याचिका खारिज होते ही नटराजन ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।

मीनाक्षी नटराजन का बयान

याचिका खारिज होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कहा, 'हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। लोकतंत्र में एक और अदालत होती है, जनता की अदालत। हम अपनी लड़ाई उनके पास ले जाएंगे। मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, क्योंकि ऐसा करना उचित नहीं होगा।'

उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और कहा, 'चुनाव आयोग ने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया है। हमने चुनाव आयोग से संपर्क किया था, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी वह चुप है। उसकी यह चुप्पी अपने आप में ही कुछ कह रही है।'

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

नटराजन ने आरोप लगाया, 'मैं पहले दिन से कह रही हूं कि चुनाव आयोग पूरी तरह से प्रभावित है, और आज यह बात एक बार फिर साबित हो गई है।' उन्होंने कहा कि जब मध्य प्रदेश राज्य के वकील अदालत में खड़े हुए, तो यह मामला राज्य बनाम उम्मीदवार का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का बन गया। उनके अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे जो अब जनता के सामने उजागर हो चुके हैं।

नटराजन ने यह भी कहा, 'सभी जानते हैं कि कॉर्पोरेट जगत के एक व्यक्ति के लिए अलग और संवैधानिक मूल्यों के लिए लड़ने वालों के लिए दूसरा कानून बनता है। पार्टी के निर्णय के अनुसार आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी।'

नामांकन रद्द होने की पृष्ठभूमि

नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द किया गया था कि उन्होंने एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी थी। गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में कांग्रेस ने कोर्ट में तर्क दिया था कि नटराजन के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं किए गए थे, इसलिए नामांकन रद्द करना उचित नहीं था।

कांग्रेस का सत्याग्रह और आगे की राह

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में कांग्रेस सदस्यों ने नई दिल्ली में सत्याग्रह किया और चुनाव आयोग द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर आपत्ति जताई। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तनाव पहले से ही चर्चा में है। नटराजन के अनुसार, पार्टी के निर्देशन में अगले कदम तय किए जाएंगे और संघर्ष जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देता है कि कानूनी लड़ाई अभी लंबी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या 'जनता की अदालत' का यह आह्वान राजनीतिक गतिशीलता में बदल पाता है या महज़ एक बयानबाज़ी बनकर रह जाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन की सुप्रीम कोर्ट याचिका क्यों खारिज हुई?
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द होने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से उच्च न्यायालय स्तर पर किसी संभावित चुनावी याचिका पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन किस आधार पर रद्द किया गया था?
नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द किया गया था कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी। कांग्रेस ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं हुए थे, इसलिए यह रद्दीकरण अनुचित था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन ने क्या कहा?
नटराजन ने कहा कि वे 'जनता की अदालत' में अपनी लड़ाई ले जाएंगी और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन चुनाव आयोग पर प्रभावित होने का आरोप दोहराया।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ क्या कदम उठाए?
कांग्रेस सदस्यों ने नई दिल्ली में सत्याग्रह किया और चुनाव आयोग द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर आपत्ति जताई। नटराजन ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग से संपर्क करने के बावजूद 48 घंटे बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।
अब आगे क्या होगा — क्या नटराजन के लिए कोई कानूनी रास्ता बचा है?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय स्तर पर चुनावी याचिका दायर करने का रास्ता खुला है। नटराजन ने कहा कि पार्टी के निर्देशन में अगले कदम तय किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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