झारखंड राज्यसभा चुनाव: इंडिया गठबंधन के 56 विधायक एकजुट, 8 जून को बैद्यनाथ राम और प्रणव झा दाखिल करेंगे नामांकन
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन ने 7 जून को रांची में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, जहाँ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सभी घटक दलों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के उम्मीदवार प्रणव झा सोमवार 8 जून को सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। गठबंधन नेताओं ने दावा किया कि मौजूदा विधायक संख्या के आधार पर दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।
बैठक का घटनाक्रम
रविवार को आयोजित इस बैठक में जेएमएम, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [सीपीआई-एमएल] और अन्य वामपंथी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दोनों उम्मीदवार — बैद्यनाथ राम और प्रणव झा — भी इस बैठक में उपस्थित रहे। जेएमएम के केंद्रीय महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
गठबंधन नेताओं की प्रतिक्रिया
विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक गणित और विधायकों की संख्या को देखते हुए इंडिया गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत पूरी तरह तय है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन आवश्यकतानुसार अपनी रणनीति बनाता रहेगा।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गठबंधन की एकजुटता को रेखांकित करते हुए कहा कि 8 जून को सुबह 11 बजे सभी विधायक एक साथ नामांकन दाखिल कराएंगे। उन्होंने दावा किया कि जेएमएम, राजद, कांग्रेस, सीपीआई-एमएल और अन्य वामपंथी दल पूरी तरह एकमत हैं और गठबंधन एक बार फिर अपनी ताकत साबित करेगा।
56 विधायकों की एकजुटता का दावा
सीपीआई-एमएल के विधायक बाबूलाल महतो ने कहा कि गठबंधन के सभी 56 विधायक एक स्वर में दोनों उम्मीदवारों के समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान जो एकता दिखेगी, वही एकता मतदान के दिन भी कायम रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी राज्यसभा सीटों के लिए अपनी रणनीति बना रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन की मजबूत स्थिति है, जो राज्यसभा चुनाव में उसकी दावेदारी को बल देती है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन ने पिछले विधानसभा चुनाव में भी अपनी एकजुटता का परिचय दिया था। अब राज्यसभा की इन सीटों पर जीत गठबंधन की संसदीय उपस्थिति को और मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया और मतदान की तारीख से यह स्पष्ट होगा कि गठबंधन का यह आत्मविश्वास कितना ठोस है।