23 जुलाई 2026
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झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस-जेएमएम ने दाखिल किया नामांकन, भाजपा पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' के आरोप

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस-जेएमएम ने दाखिल किया नामांकन, भाजपा पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' के आरोप

सारांश

झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस-जेएमएम ने अपने दोनों उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल कर दिया है और जीत का दावा किया है। साथ ही भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश का आरोप लगाया है — जो झारखंड की राजनीति में कोई नई बात नहीं है।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने प्रणव झा और जेएमएम ने बैद्यनाथ राम को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया; दोनों ने 8 जून 2026 को नामांकन दाखिल किया।
गठबंधन ने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल है।
मंत्री दीपिका पांडे सिंह और कांग्रेस प्रभारी के.
राजू ने भाजपा पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' की कोशिश का आरोप लगाया।
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि गठबंधन धर्म के तहत सीट साझा की गई; हेमंत सोरेन ने इंडिया गठबंधन को मज़बूत करने की कोशिश की है।
भाजपा के उम्मीदवारों के नाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं।

झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों ने सोमवार, 8 जून 2026 को रांची में अपना नामांकन दाखिल किया। सीट बंटवारे के तहत कांग्रेस ने प्रणव झा को और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने बैद्यनाथ राम को मैदान में उतारा है। गठबंधन ने दोनों सीटों पर जीत का दावा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' की कोशिश का आरोप लगाया है।

नामांकन और गठबंधन की स्थिति

जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने नामांकन के अवसर पर कहा, "मुख्यमंत्री के नेतृत्व और उनकी मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया जाएगा। हमारे गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) के दोनों उम्मीदवार जीतेंगे।" कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने भी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया और कहा, "विजयी गठबंधन के दो प्रत्याशियों की होगी। इसमें कोई संशय नहीं है।"

भाजपा पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' के आरोप

झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "हम लोगों के पास महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या है, लेकिन भाजपा किस प्रकार से फिर इस राज्य को हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में बदनाम करना चाहती है, यह इनके प्रत्याशियों के अभी तक नाम क्लियर नहीं होने पर साफ हो चुका है।" उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी ऐसा हुआ था।

कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने भी कहा, "भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग के लिए तैर रहा है, मगर इंडिया अलायंस को कोई तोड़ नहीं सकता। हमारे इंडिया अलायंस के दोनों उम्मीदवार को जीत हासिल होगी।"

जेएमएम का गठबंधन धर्म पर बयान

राज्यसभा सीट बंटवारे पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि गठबंधन में कभी-कभी त्याग करना पड़ता है। उन्होंने कहा, "मौजूदा राजनीतिक हालात में मकसद इंडिया गठबंधन को मजबूत करना है और हेमंत सोरेन ने हमेशा इसके लिए कोशिश की है।" पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए गठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार सत्ता में है और भाजपा विपक्ष में है। गौरतलब है कि राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप नए नहीं हैं — पूर्व सरकारों के दौर में भी ऐसे विवाद उठ चुके हैं। भाजपा की ओर से अब तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा न होना, गठबंधन के लिए संदेह का आधार बना हुआ है।

आगे क्या होगा

राज्यसभा चुनाव की तारीख नज़दीक आने के साथ सभी दलों की रणनीति स्पष्ट होती जाएगी। गठबंधन ने अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने के लिए सक्रिय प्रयास शुरू कर दिए हैं। भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही चुनावी समीकरण का पूरा चित्र सामने आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार आरोप उस समय लगाए जा रहे हैं जब भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम भी घोषित नहीं किए हैं — यह कांग्रेस-जेएमएम की रणनीतिक 'प्री-एम्प्टिव' राजनीति का हिस्सा लगता है। असली सवाल यह है कि क्या इंडिया गठबंधन की संख्या वास्तव में उतनी पक्की है जितनी दावा की जा रही है, या यह आत्मविश्वास चुनावी दबाव में दरक सकता है। झारखंड का राजनीतिक इतिहास बताता है कि यहाँ विधायकों की निष्ठा अंतिम समय तक अनिश्चित रहती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस-जेएमएम के उम्मीदवार कौन हैं?
कांग्रेस ने प्रणव झा को और जेएमएम ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने 8 जून 2026 को रांची में नामांकन दाखिल किया।
कांग्रेस-जेएमएम ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप क्यों लगाया?
गठबंधन का कहना है कि भाजपा के उम्मीदवारों के नाम अभी तक घोषित नहीं हुए हैं, जो दल-बदल या विधायकों को तोड़ने की कोशिश का संकेत है। मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में भी ऐसी घटनाओं का उल्लेख किया।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की स्थिति क्या है?
कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन का दावा है कि उनके पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त विधायक हैं। जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि संख्याबल उनके पक्ष में है।
जेएमएम ने राज्यसभा सीट बंटवारे पर क्या कहा?
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि गठबंधन धर्म के तहत सीट साझा की गई और कभी-कभी त्याग करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में इंडिया गठबंधन को मज़बूत करना प्राथमिकता है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा की क्या स्थिति है?
रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा ने अब तक अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। गठबंधन ने इसी को हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश का संकेत बताया है, हालाँकि भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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