मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, भोपाल में विजय उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 12 जून को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में विजय उत्सव मनाया। भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त हो गया और उन्हें चुनाव आयोग तथा सर्वोच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली।
मुख्य घटनाक्रम
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा के तीनों प्रत्याशियों को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निर्वाचन अधिकारी ने इस आधार पर निरस्त किया कि नामांकन पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई गई थी। इसके बाद नटराजन ने चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन दोनों जगह से राहत नहीं मिली।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भाजपा विधानसभा बहुमत के बल पर राज्यसभा में अपनी स्थिति और मज़बूत करना चाह रही थी। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विजय उत्सव में कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में आपराधिक जानकारी छिपाना कांग्रेस का 'पूर्व नियोजित षड्यंत्र' है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने 'राज्यसभा चुनाव में संभावित हार से बचने और भाजपा को बदनाम करने के लिए नामांकन में जानबूझकर गलती की।' मोहन यादव के अनुसार, कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे कि मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा पहुँचें, इसीलिए जानबूझकर नामांकन पत्र में अपराध की जानकारी छिपाई गई।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि 'राज्यसभा के निर्वाचन में सत्य की जीत हुई है।' उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने जिस आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया था, सर्वोच्च न्यायालय ने भी उस पर मुहर लगा दी है। खण्डेलवाल ने यह भी कहा कि 'कांग्रेस का झूठ और राजनीतिक षड्यंत्र राज्यसभा के चुनाव में फिर उजागर हो गया है।'
भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन शक्ति से भाजपा का विजय अभियान जारी है और मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें जीतकर पार्टी ने 'फिर एक बार इतिहास रचा है।'
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हुई। हालाँकि, भाजपा नेताओं के अनुसार, कांग्रेस ने भाजपा पर 'गलत आरोप' लगाने की कोशिश की। कांग्रेस का कहना रहा है कि नामांकन निरस्त होने के पीछे उसे अनुचित तरीके से निशाना बनाया गया — यह आरोप भाजपा पूरी तरह खारिज करती है।
आगे क्या
तीनों नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों — तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट — का विधिवत स्वागत किया गया। इस जीत से मध्य प्रदेश से राज्यसभा में भाजपा की स्थिति और मज़बूत होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आगामी संसदीय सत्र में सत्तारूढ़ गठबंधन की संख्या बल पर असर डाल सकता है।