मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर 11 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीनों उम्मीदवार — तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट — निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। नामांकन पत्रों की जाँच में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द होने के बाद मैदान में केवल तीन उम्मीदवार बचे, जिससे 18 जून को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता ही नहीं रही। निर्वाचन अधिकारी ने तीनों विजेताओं को औपचारिक प्रमाण पत्र भी सौंप दिए।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य में राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया था, जिसमें कुल चार उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। स्क्रूटनी के दौरान BJP की आपत्तियों के आधार पर रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया। आरोप है कि नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले की जानकारी नहीं दी थी। तीन सीटों के लिए ठीक तीन वैध उम्मीदवार शेष रहे, जिससे निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन गई।
कांग्रेस की कानूनी चुनौती
नामांकन रद्द होने के खिलाफ कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में 12 जून को सुनवाई का आश्वासन दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब निर्वाचन पहले ही पूर्ण घोषित हो चुका है, इसलिए याचिका का परिणाम प्रक्रियागत दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होगा।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा में BJP के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए मतदान होने की स्थिति में भी तीनों सीटें जीतना पार्टी के लिए कठिन नहीं था। नामांकन रद्द होने की घटना ने हालाँकि राज्यसभा चुनावों में हलफनामे की पारदर्शिता और नामांकन प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी उम्मीदवार के पर्चे को तकनीकी आधार पर रद्द करना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए चिंताजनक संकेत है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय की 12 जून की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि क्या नटराजन के नामांकन को बहाल करने की कोई कानूनी गुंजाइश बचती है। तीनों नवनिर्वाचित सदस्य राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे और उनका कार्यकाल शीघ्र प्रारंभ होगा।