मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त: मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस का विरोध, ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में 15 जून 2026 को युवा कांग्रेस ने भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और जिला कलेक्टरों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
मुख्य घटनाक्रम
युवा कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई ने नटराजन के नामांकन को 'द्वेषपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण' बताते हुए प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन आयोजित किए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रदेश निर्वाचन अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उनकी भूमिका की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
युवा कांग्रेस की प्रतिक्रिया
प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया ने सरकार और निर्वाचन आयोग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'आज देश का निर्वाचन आयोग स्वायत्त संवैधानिक संस्था न रहकर सरकार का एक कठपुतली विभाग बनकर रह गया है।' घनघोरिया ने आरोप लगाया कि नटराजन का नामांकन 'महज तकनीकी बहानों से' निरस्त किया गया, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार विपक्ष को चुनावी मैदान से बाहर करना चाहती है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
युवा कांग्रेस ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और पक्षपाती अधिकारियों की भूमिका की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच का आदेश दें। घनघोरिया ने चेतावनी दी कि चुनाव आयुक्त और प्रदेश निर्वाचन अधिकारी 'सरकार के एजेंट की तरह काम करना बंद करें', अन्यथा युवा कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
आम जनता और लोकतंत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब राज्यसभा चुनावों को लेकर देशभर में चुनाव आयोग की भूमिका पर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि नामांकन निरस्ती के कारणों को कांग्रेस 'तकनीकी' बता रही है, जबकि निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
क्या होगा आगे
युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उच्च स्तरीय जांच के आदेश नहीं दिए जाते। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया और निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष इस विवाद की अगली दिशा तय करेगा।