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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त: CM मोहन यादव बोले — षड्यंत्र कांग्रेस नेताओं ने ही रचा

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त: CM मोहन यादव बोले — षड्यंत्र कांग्रेस नेताओं ने ही रचा

सारांश

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जानकारी छुपाने के आधार पर निरस्त हो गया। CM मोहन यादव ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी साजिश बताया — और पार्टी की आंतरिक दरार एक बार फिर खुलकर सामने आ गई।

मुख्य बातें

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र 10 जून को जानकारी छुपाने के आधार पर निरस्त किया गया।
CM मोहन यादव का आरोप — फॉर्म में जानबूझकर गलती रखी गई, षड्यंत्र कांग्रेस नेताओं ने ही रचा।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव; भाजपा के पास प्रदेश की 29 लोकसभा सीटें।
CM यादव ने कांग्रेस पर विधायकों को विमान से एकत्र कर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया।
CM ने विधायक अंबरीश शर्मा की माता के निधन पर एक्स पर संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए जारी चुनावी प्रक्रिया में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र मंगलवार, 10 जून को जानकारी छुपाने के आधार पर निरस्त कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीधे कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह षड्यंत्र पार्टी के भीतर से ही रचा गया था। नामांकन निरस्त होने के बाद भोपाल से लेकर नई दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री के आरोप

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर हार के डर से अपने प्रत्याशी के नामांकन फॉर्म में त्रुटि रहने दी। उनके अनुसार, इस राज्यसभा सीट पर कांग्रेस के कई नेताओं की नजर थी और जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने खेल बिगाड़ने का काम किया। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जब एक साधारण पंच या सरपंच का उम्मीदवार भी नामांकन भरते समय अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देता है, तो 10-10 बार चुनाव लड़ चुके अनुभवी नेताओं से यह चूक स्वाभाविक नहीं हो सकती।

कांग्रेस की आंतरिक दरार पर भाजपा का हमला

मुख्यमंत्री यादव ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को उजागर करते हुए कहा कि पार्टी को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसीलिए उन्हें विमान से एक जगह इकट्ठा कर डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब सारी कलई खुल गई है और कांग्रेस को आत्म-विश्लेषण करने की जरूरत है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर नामांकन निरस्त कराने में भूमिका का आरोप लगा रही है।

भाजपा की स्थिति और चुनावी संदर्भ

मुख्यमंत्री ने भाजपा की मजबूत स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कमलनाथ की सीट जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया था और वर्तमान में मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटें भाजपा के पास हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अपना उम्मीदवार तक नहीं उतार पाए और विधायकों को एकजुट करने में विफल रहे। गौरतलब है कि यह राज्यसभा चुनाव मध्य प्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक संकट को और उजागर कर रहा है।

विधायक के शोक में CM की संवेदनाएँ

इसी दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंबरीश शर्मा की माता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि लहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक अंबरीश शर्मा की पूज्य माता जी के निधन का हृदय विदारक समाचार प्राप्त हुआ और बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।

आगे क्या होगा

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस की राज्यसभा रणनीति पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। यदि कांग्रेस वैकल्पिक उम्मीदवार नहीं उतार पाती, तो मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा के खाते में जाने की संभावना और प्रबल हो जाएगी। दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ राज्यसभा जैसे सांगठनिक चुनाव में इस स्तर की चूक आत्म-विश्लेषण की माँग करती है। भाजपा इस घटना को विपक्ष की अक्षमता के प्रमाण के रूप में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही, लेकिन असली सवाल यह है कि नामांकन प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक वाकई अनजाने में हुई या नहीं — यह जाँच का विषय है, न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी का।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र क्यों निरस्त किया गया?
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र 10 जून को जानकारी छुपाने के आधार पर निरस्त किया गया। नामांकन फॉर्म में आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित अनिवार्य जानकारी सही तरीके से नहीं भरी गई थी।
CM मोहन यादव ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने जानबूझकर हार के डर से अपने ही प्रत्याशी के नामांकन फॉर्म में गलती रहने दी। उनका कहना है कि इस राज्यसभा सीट पर कई कांग्रेस नेताओं की नजर थी और टिकट न मिलने पर उन्होंने खेल बिगाड़ा।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कितनी सीटों पर चुनाव हो रहा है?
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस की इन सीटों पर स्थिति कमजोर हो गई है और भाजपा की स्थिति और मजबूत मानी जा रही है।
कांग्रेस ने इस विवाद पर क्या रुख अपनाया है?
कांग्रेस ने नामांकन निरस्त होने को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए हैं। हालाँकि CM यादव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस की आंतरिक कलह और विधायकों को एकजुट न कर पाने की अक्षमता को इसकी असली वजह बताया है।
इस घटना का मध्य प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
नामांकन निरस्त होने से कांग्रेस का राज्यसभा चुनाव में दावा कमजोर हो गया है। यदि कांग्रेस वैकल्पिक उम्मीदवार नहीं उतार पाती, तो तीनों सीटें भाजपा के खाते में जाने की संभावना बढ़ जाएगी और पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी भी उजागर होगी।
राष्ट्र प्रेस
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