मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कांग्रेस ने कहा 'लोकतंत्र की हत्या', चुनाव आयोग पहुँचे नेता
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 9 जून को रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुँचकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इस कदम को 'पूरी तरह अलोकतांत्रिक' करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है।
चुनाव आयोग पहुँचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
नामांकन रद्द होने की खबर आते ही कांग्रेस नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेता निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुँचे। वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा, 'यह लोकतंत्र का बुनियादी मामला है। हम तब तक यहीं बैठे रहेंगे जब तक हमें अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी जाती। पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और सांसद यहाँ मौजूद हैं।'
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रतिनिधिमंडल को 2 घंटे पहले लिखित सूचना देने के बावजूद अंदर जाने से रोका गया और उन्हें बताया गया कि आयोग में कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं है।
सचिन पायलट और मीनाक्षी नटराजन का पक्ष
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि उम्मीदवार के खिलाफ कोई एफआईआर या चार्जशीट नहीं है और बिना पर्याप्त कारण के नामांकन रद्द किया गया। उन्होंने कहा, 'जिस सीट पर हम जीत रहे थे, उस पर हमारी उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया। ऐसा पहली बार हुआ है कि सिर्फ एक नोटिस की वजह से राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया गया हो।'
स्वयं मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा ने ज़रूरी संख्या बल न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा। उन्होंने इसे राज्यसभा चुनाव में हेरफेर की कोशिश बताते हुए कहा, 'यह सिर्फ एक सीट या उम्मीदवार की बात नहीं है — यह लोकतंत्र और भारत के संघीय ढाँचे की रक्षा का सवाल है।'
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जो हुआ वह 'पूरी तरह राजनीतिक द्वेष का काम था' और पार्टी इसका पूरी ताकत से मुकाबला करेगी।
भाजपा की प्रतिक्रिया: 'सच और संविधान की जीत'
भाजपा नेताओं ने नामांकन रद्द होने को कानूनी प्रक्रिया की जीत बताया। भाजपा विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा कि यह संविधान की जीत है क्योंकि गलत जानकारी इसी मंच पर उजागर हुई। भाजपा नेता राकेश सिंह ने कहा, 'फॉर्म अधूरा था और गलत जानकारी दी गई थी — रिटर्निंग ऑफिसर ने इसी आधार पर नामांकन रद्द किया।'
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आपराधिक मामले को जानबूझकर छिपाया गया था और न्याय हुआ है।
कानूनी आधार क्या है
भाजपा की ओर से पैरवी करने वाले वकील संकेत गुप्ता ने बताया कि तेलंगाना में मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला चल रहा है। उनके अनुसार, नटराजन को इस मामले की जानकारी थी और उन्होंने अपने वकील के जरिए उसमें जवाब भी दाखिल किया था, फिर भी नामांकन पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया। रिटर्निंग ऑफिसर ने यह पाते हुए कि जानकारी जानबूझकर छिपाई गई, नामांकन रद्द कर दिया। गुप्ता ने कहा कि यह लड़ाई चुनाव आयोग की गाइडलाइंस और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आधार पर लड़ी गई।
भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का बयान
भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार महेश केवट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें भगवान श्री राम की केवट-प्रेम की भावना के साथ यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ने की संभावना है।