मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द: कांग्रेस का दिल्ली में प्रदर्शन, BJP पर 'सीट चोरी' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस पार्टी ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया, जब मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में दर्जनों विधायक राजधानी में एकजुट हुए और इस फैसले को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
नामांकन रद्द होने का आधार क्या था
कांग्रेस विधायकों के अनुसार, नटराजन का नामांकन एक गैर-संज्ञेय अपराध के नोटिस के आधार पर खारिज किया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई एफआईआर या न्यायिक जाँच लंबित नहीं थी। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, 'स्पष्ट उल्लेख है कि संविधान में अगर किसी भी व्यक्ति के ऊपर गैर-संज्ञेय अपराध का नोटिस है तो वो नामांकन में दिखाना अनिवार्य नहीं है। सिर्फ अगर आपके ऊपर कोई एफआईआर है, न्यायिक जाँच चल रही है, तो उसका उल्लेख करना पड़ता है।' उन्होंने इसे देश के 80 साल के इतिहास में पहली ऐसी घटना बताया।
भाजपा पर विधायक खरीद का आरोप
जयवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि नामांकन दाखिल करते समय भाजपा कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन देने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने 2020 की घटना का संदर्भ दिया, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 25 विधायक भाजपा में चले गए थे। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा, 'जिस दिन ये राज्यसभा की उम्मीदवारी मीनाक्षी नटराजन की रद्द हुई, ये लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा तीन राज्यसभा सीटों पर एक भी महिला को मौका नहीं देती, फिर भी 33 प्रतिशत आरक्षण की बात करती है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि संवैधानिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक विवेक पटेल ने बताया कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करने गया। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने नटराजन को 'गांधीवादी विचारक महिला' बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ आज तक कोई केस या एफआईआर नहीं है, और केवल एक नोटिस के आधार पर रोकना सीधे तौर पर लोकतंत्र का कत्ल है।
विपक्ष की माँग और आगे की रणनीति
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने सवाल उठाया, 'अगर इसी तरह से नामांकन रद्द होते रहेंगे, तो फिर चुनाव लड़ने लायक बचेगा कौन?' पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक राज्यसभा सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले सभी चुनावों में नामांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। गौरतलब है कि 18 जून को इस सीट पर मतदान होना था। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को न्यायिक मंच पर भी ले जाने की तैयारी में बताई जा रही है।