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मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द: कांग्रेस का दिल्ली में प्रदर्शन, BJP पर 'सीट चोरी' का आरोप

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मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द: कांग्रेस का दिल्ली में प्रदर्शन, BJP पर 'सीट चोरी' का आरोप

सारांश

मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक गैर-संज्ञेय नोटिस के आधार पर रद्द होने पर कांग्रेस सड़क पर उतरी। पार्टी का कहना है यह देश के 80 साल के इतिहास में पहली ऐसी घटना है — और यह सिर्फ एक सीट की नहीं, आने वाले हर चुनाव की लड़ाई है।

मुख्य बातें

मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन एक गैर-संज्ञेय अपराध के नोटिस के आधार पर रद्द किया गया; उनके खिलाफ कोई एफआईआर या न्यायिक जाँच नहीं थी।
कांग्रेस ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रदर्शन किया; जीतू पटवारी समेत अनेक विधायक शामिल हुए।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने इसे देश के 80 साल के इतिहास में पहली ऐसी घटना बताया।
कांग्रेस विधायक विवेक पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने गया।
18 जून को इस सीट पर मतदान प्रस्तावित था; भाजपा पर विधायक खरीद की कोशिश का भी आरोप लगाया गया।

कांग्रेस पार्टी ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया, जब मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में दर्जनों विधायक राजधानी में एकजुट हुए और इस फैसले को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

नामांकन रद्द होने का आधार क्या था

कांग्रेस विधायकों के अनुसार, नटराजन का नामांकन एक गैर-संज्ञेय अपराध के नोटिस के आधार पर खारिज किया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई एफआईआर या न्यायिक जाँच लंबित नहीं थी। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, 'स्पष्ट उल्लेख है कि संविधान में अगर किसी भी व्यक्ति के ऊपर गैर-संज्ञेय अपराध का नोटिस है तो वो नामांकन में दिखाना अनिवार्य नहीं है। सिर्फ अगर आपके ऊपर कोई एफआईआर है, न्यायिक जाँच चल रही है, तो उसका उल्लेख करना पड़ता है।' उन्होंने इसे देश के 80 साल के इतिहास में पहली ऐसी घटना बताया।

भाजपा पर विधायक खरीद का आरोप

जयवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि नामांकन दाखिल करते समय भाजपा कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन देने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने 2020 की घटना का संदर्भ दिया, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 25 विधायक भाजपा में चले गए थे। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा, 'जिस दिन ये राज्यसभा की उम्मीदवारी मीनाक्षी नटराजन की रद्द हुई, ये लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा तीन राज्यसभा सीटों पर एक भी महिला को मौका नहीं देती, फिर भी 33 प्रतिशत आरक्षण की बात करती है।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि संवैधानिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक विवेक पटेल ने बताया कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करने गया। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने नटराजन को 'गांधीवादी विचारक महिला' बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ आज तक कोई केस या एफआईआर नहीं है, और केवल एक नोटिस के आधार पर रोकना सीधे तौर पर लोकतंत्र का कत्ल है।

विपक्ष की माँग और आगे की रणनीति

कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने सवाल उठाया, 'अगर इसी तरह से नामांकन रद्द होते रहेंगे, तो फिर चुनाव लड़ने लायक बचेगा कौन?' पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक राज्यसभा सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले सभी चुनावों में नामांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। गौरतलब है कि 18 जून को इस सीट पर मतदान होना था। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को न्यायिक मंच पर भी ले जाने की तैयारी में बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यदि तथ्यात्मक रूप से सही है, तो यह चुनाव आयोग की व्याख्या-शक्ति की सीमाओं पर गंभीर बहस की माँग करता है। महिला उम्मीदवार को रोकने का यह प्रकरण ऐसे समय आया है जब संसद में महिला आरक्षण कानून लागू होने की प्रतीक्षा है — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द किया गया?
कांग्रेस के अनुसार, नटराजन का नामांकन एक गैर-संज्ञेय अपराध के नोटिस के आधार पर रद्द किया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई एफआईआर या न्यायिक जाँच लंबित नहीं थी। पार्टी का कहना है कि संविधान के तहत ऐसे नोटिस को नामांकन पत्र में दर्शाना अनिवार्य नहीं है।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
कांग्रेस ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रदर्शन किया, जिसमें मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी और कई विधायक शामिल हुए। एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने भी गया। पार्टी इस मुद्दे को न्यायिक मंच पर ले जाने की तैयारी में भी बताई जा रही है।
इस मामले में भाजपा पर क्या आरोप लगाए गए?
कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर आरोप लगाया कि नामांकन दाखिल करते समय उसने कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन देने और सौदा करने का प्रयास किया। जब विधायक नहीं टूटे, तो कथित तौर पर चुनाव आयोग के माध्यम से नामांकन रद्द कराया गया।
मध्य प्रदेश राज्यसभा सीट पर मतदान कब होना था?
इस सीट पर 18 जून को मतदान निर्धारित था। नामांकन रद्द होने से पहले मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार थीं।
2020 में मध्य प्रदेश में क्या हुआ था जिसका कांग्रेस ने संदर्भ दिया?
2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 25 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे, जिससे कमलनाथ सरकार गिर गई थी। कांग्रेस विधायकों ने इस इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि वे भाजपा के साथ किसी भी सौदे से सावधान हैं।
राष्ट्र प्रेस
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