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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कांग्रेस नेताओं का रातभर धरना, दिग्विजय सिंह बोले — 'सरासर सीट चोरी'

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कांग्रेस नेताओं का रातभर धरना, दिग्विजय सिंह बोले — 'सरासर सीट चोरी'

सारांश

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होते ही भोपाल में सियासी आग भड़क उठी। दिग्विजय सिंह ने इसे 'सीट चोरी' बताया, कमलनाथ ने 'असंवैधानिक' कहा और कांग्रेस नेताओं ने रातभर चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र 10 जून को रद्द कर दिया गया।
कांग्रेस नेता हरीश चौधरी , जीतू पटवारी और उमंग सिंघार समेत कई नेताओं ने भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर रातभर धरना दिया।
वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने नामांकन रद्द करने को 'अवैधानिक' और 'सरासर सीट चोरी' बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे 'पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक' करार दिया।
दिग्विजय सिंह के अनुसार जिस प्रकरण के आधार पर नामांकन रद्द हुआ, उसमें अब तक न एफआईआर दर्ज है, न मामला — केवल नोटिस जारी हुआ है।

मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के बाद भोपाल में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया। 10 जून को चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं ने रातभर धरना दिया। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस फैसले को 'सरासर सीट चोरी' करार दिया और इसे अवैधानिक बताया।

मुख्य घटनाक्रम

नामांकन रद्द होते ही कांग्रेस के प्रदेश इंचार्ज हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीएलपी नेता उमंग सिंघार समेत कई नेता भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पटवारी ने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव आयोग उनकी माँगें नहीं सुनता, धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "लोकतंत्र की हत्या है। मीनाक्षी का राज्यसभा का नामांकन पत्र रद्द करना अवैधानिक है। जिस प्रकरण के कारण रद्द किया गया है, आज तक ना उसकी एफआईआर है, ना वह प्रकरण दर्ज है। सिर्फ नोटिस जारी हुआ है, जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करने का प्रावधान भी नहीं है। यह तो सरासर 'सीट चोरी' है। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए नामांकन रद्द करने को 'पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) देश में लोकतंत्र और संविधान की हत्या कर रही है और कांग्रेस हर स्तर पर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगी।

कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख

कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक बयान में कहा कि चुनाव आयोग ने बिना पर्याप्त कारण के नामांकन रद्द किया है। पार्टी ने इसे 'लोकतंत्र पर सीधा हमला' और 'बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार' बताया। जीतू पटवारी ने चेतावनी दी कि पार्टी किसी भी कीमत पर लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी।

विवाद की जड़: नामांकन रद्द क्यों हुआ

दिग्विजय सिंह के अनुसार, जिस प्रकरण के आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसमें अब तक न कोई एफआईआर दर्ज है और न ही कोई मामला। केवल एक नोटिस जारी हुआ है, जबकि नामांकन पत्र में ऐसे नोटिस का उल्लेख करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया निर्णायक दौर में है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को कानूनी और राजनीतिक — दोनों स्तरों पर लड़ेगी। धरना जारी रहने की स्थिति में आने वाले घंटों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनावों में नामांकन रद्द होने के विवाद पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संकट का रूप ले चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह चुनाव आयोग की प्रक्रियागत पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राज्यसभा चुनावों में नामांकन-अस्वीकृति के विवाद नए नहीं हैं, लेकिन जब विपक्ष के नेता सार्वजनिक रूप से 'सीट चोरी' जैसे आरोप लगाएँ, तो आयोग की चुप्पी लोकतांत्रिक विश्वसनीयता की कीमत पर आती है। असली परीक्षा यह है कि चुनाव आयोग अपना निर्णय किस कानूनी आधार पर सार्वजनिक करता है — और क्या वह आधार न्यायिक समीक्षा में टिक पाएगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द किया गया?
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के अनुसार, जिस प्रकरण के आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसमें न कोई एफआईआर दर्ज है और न ही कोई मामला — केवल एक नोटिस जारी हुआ है। नामांकन पत्र में ऐसे नोटिस का उल्लेख करने का कोई कानूनी प्रावधान भी नहीं है।
कांग्रेस ने नामांकन रद्द होने पर क्या किया?
कांग्रेस के प्रदेश इंचार्ज हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीएलपी नेता उमंग सिंघार समेत कई नेताओं ने भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर रातभर धरना दिया। पटवारी ने कहा कि जब तक माँगें नहीं सुनी जातीं, धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
दिग्विजय सिंह ने 'सीट चोरी' क्यों कहा?
दिग्विजय सिंह ने एक्स पर लिखा कि नामांकन रद्द करना अवैधानिक है क्योंकि जिस प्रकरण का हवाला दिया गया वह न दर्ज है, न उसकी एफआईआर है। उनके अनुसार यह प्रक्रियागत खामी का इस्तेमाल कर कांग्रेस उम्मीदवार को चुनाव से बाहर करना है — इसलिए उन्होंने इसे 'सरासर सीट चोरी' कहा।
कमलनाथ ने इस मामले पर क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नामांकन रद्द करने को 'पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक' बताया। उन्होंने भाजपा पर देश में लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस हर स्तर पर इस अन्याय के खिलाफ लड़ेगी।
इस विवाद में आगे क्या होने की संभावना है?
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को कानूनी और राजनीतिक — दोनों मोर्चों पर लड़ेगी। चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित न्यायिक हस्तक्षेप आने वाले घंटों में स्थिति स्पष्ट करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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