क्या वीवी राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर बनने जा रहे हैं?

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क्या वीवी राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर बनने जा रहे हैं?

सारांश

वीवी राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर बन सकते हैं। यह राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। जानें उनके चुनाव की प्रक्रिया और शहर की राजनीति पर इसके प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

राजेश तिरुवनंतपुरम के पहले भाजपा मेयर बन सकते हैं।
भाजपा ने 45 वर्षों के बाद सीपीआई(एम) से नियंत्रण छीना।
राजेश का राजनीतिक करियर 1996 में शुरू हुआ था।
भाजपा ने 100 वार्डों में से 50 यह चुनाव राज्य की शहरी राजनीति में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है।

तिरुवनंतपुरम, 25 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वी.वी. राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मेयर बनने की तैयारी में हैं। यह कदम शहर के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

यह घोषणा भाजपा के कार्यालय में आयोजित सभी विजयी पार्षदों की बैठक में की गई। पार्टी के महासचिव एस. सुरेश ने बताया कि भाजपा के सभी विजयी उम्मीदवार मेयर और उप-मेयर बन सकते हैं।

उन्होंने कहा, “राजेश हमारे मेयर पद के उम्मीदवार होंगे। उनका राजनीतिक करियर 1996 में शुरू हुआ। वहीं, आशा नाथ को उप-मेयर पद का उम्मीदवार बनाया गया है, जो वर्तमान में तीसरी बार पार्षद बनी हैं।”

हालांकि मेयर का औपचारिक चुनाव शुक्रवार को होगा, लेकिन राजेश की जीत लगभग निश्चित मानी जा रही है। क्योंकि सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने मेयर पद के लिए अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं।

यह घटनाक्रम 9 दिसंबर को हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शानदार प्रदर्शन के बाद सामने आया है। इन चुनावों में भाजपा ने लगभग 45 वर्षों से नगर निगम पर काबिज सीपीआई(एम) से नियंत्रण छीन लिया।

भाजपा ने कुल 100 वार्डों में से 50 पर जीत दर्ज कर अपने दम पर बहुमत हासिल किया। एलडीएफ को 29 सीटें मिलीं, जबकि यूडीएफ 19 सीटों पर सिमट गया। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया।

9 दिसंबर को नतीजे घोषित होने के बाद से ही भाजपा में मेयर पद को लेकर गहन मंथन चल रहा था। राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के लिए दो बार नई दिल्ली का दौरा किया, जिससे इस फैसले के राजनीतिक महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पार्टी के भीतर मेयर पद के लिए वी.वी. राजेश और हाल ही में सेवानिवृत्त हुई पूर्व पुलिस महानिदेशक आर. श्रीलेखा के नामों पर चर्चा चल रही थी। अंततः भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद राजेश के नाम पर सहमति बनी।

माना जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी राजेश का मजबूत समर्थन किया, जिसका अंतिम निर्णय पर असर पड़ा। गुरुवार को वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने आर. श्रीलेखा से मुलाकात कर उन्हें नेतृत्व के फैसले की जानकारी दी और उनका समर्थन मांगा, जिससे इस पद को लेकर चल रही अटकलों का अंत हो गया।

मेयर का औपचारिक चुनाव संपन्न होने और परिणाम घोषित होने के बाद वी.वी. राजेश शपथ ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही वह तिरुवनंतपुरम में भाजपा के पहले मेयर बन जाएंगे।

राजेश का मेयर बनना केरल की राजधानी में भाजपा के लिए एक प्रतीकात्मक उपलब्धि माना जा रहा है और इसे राज्य की शहरी राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह स्थानीय राजनीति में भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वी.वी. राजेश कौन हैं?
वी.वी. राजेश एक अनुभवी राजनीतिक नेता हैं, जो तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर बनने की तैयारी कर रहे हैं।
भाजपा ने नगर निगम चुनाव क्यों जीते?
भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया और 100 वार्डों में से 50 पर जीत दर्ज की।
क्या राजेश की जीत निश्चित है?
हां, उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।
राजेश का राजनीतिक करियर कब शुरू हुआ?
उनका राजनीतिक करियर 1996 में शुरू हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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