टीएमसी सांसद-विधायकों के जाने से नहीं टूटेगी: कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत का BJP पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने 9 जून 2026 को लखनऊ में स्पष्ट कहा कि कुछ सांसदों या विधायकों के पार्टी छोड़ने से तृणमूल कांग्रेस (TMC) कमज़ोर नहीं पड़ेगी। उनके अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल की असली ताक़त उसके जनाधार और कार्यकर्ताओं में होती है, न कि चुने हुए प्रतिनिधियों की संख्या में।
मुख्य घटनाक्रम
राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'जिस तरह से बहुमत के ज़ोर पर लोकतंत्र का चीरहरण किया जा रहा है, भाजपा को समझना होगा कि समय बदलता है।' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उद्धरण देते हुए कहा कि 'चिंगारी का खेल बुरा होता है।' राजपूत ने यह भी रेखांकित किया कि पार्टियाँ कार्यकर्ताओं के टूटने से बिखरती हैं, जनप्रतिनिधियों के जाने से नहीं।
'इंडिया' गठबंधन पर रुख
राजपूत ने 'इंडिया' ब्लॉक की एकजुटता को लेकर कहा कि गठबंधन में शामिल सभी दलों को परस्पर सम्मान के आधार पर साथ लाया गया है। उन्होंने BJP पर गठबंधन के बारे में 'फर्जी बातें' फैलाने का आरोप लगाया। कांग्रेस का संदेश दोहराते हुए उन्होंने कहा — 'दिल्ली में परिवेश की खातिर, राहुल गांधी और अखिलेश यादव की खातिर, और संविधान बचाना है तो वोट करो इस देश की खातिर।'
शामली धर्मांतरण मामले पर प्रतिक्रिया
शामली धर्मांतरण मामले पर राजपूत ने कहा कि यदि दो वयस्क व्यक्ति बिना किसी लालच या दबाव के धर्म परिवर्तन करते हैं, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जबरदस्ती या प्रलोभन सिद्ध हो, तो पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
BJP पर चुनावी मुद्दों का आरोप
राजपूत के अनुसार, BJP के पास अब ठोस चुनावी मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह धर्मांतरण जैसे मसलों को राष्ट्रीय विमर्श बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों को उभरने से रोकना BJP की पुरानी रणनीति रही है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी एकता को लेकर 'इंडिया' ब्लॉक के भीतर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
आगे क्या
राजपूत के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस TMC के साथ गठबंधन को मज़बूत बनाए रखने के पक्ष में है। 'इंडिया' ब्लॉक की अगली बैठक में विपक्षी रणनीति पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।