एसआरईआई लोन डिफॉल्ट: ईडी ने ₹6.35 करोड़ की संपत्ति जब्त की, एआरएसएस और एएमआरएल ग्रुप पर छापा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसआरईआई ग्रुप से जुड़े लोन डिफॉल्ट मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ₹6.35 करोड़ की संपत्ति और कीमती सामान जब्त एवं फ्रीज किया है। ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 11 सितंबर 2026 को ओडिशा के एआरएसएस ग्रुप और हैदराबाद के एएमआर/एएमआरएल ग्रुप के प्रमोटरों तथा उनसे संबद्ध संस्थाओं के कई परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
जब्त संपत्ति का विवरण
ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में जब्त की गई ₹6.35 करोड़ की संपत्ति तीन श्रेणियों में बँटी है। इनमें लगभग ₹1.50 करोड़ का बैंक बैलेंस, लगभग ₹2.90 करोड़ की डीमैट और सिक्योरिटी होल्डिंग्स, तथा लगभग ₹1.95 करोड़ मूल्य की नकदी और आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा कई डिजिटल डिवाइस, अकाउंट बुक्स, चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह तलाशी अभियान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत संचालित किया गया। जांच का केंद्र एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (एसईएफएल) द्वारा दिए गए कथित धोखाधड़ी और अनियमित ऋण हैं, जिनका बाद में भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और एएमआरएल हाईटेक सिटी लिमिटेड सहित अनेक संस्थाओं ने एसआरईआई से बड़ी क्रेडिट सुविधाएं लीं और बाद में डिफॉल्ट कर दिया।
दोनों समूहों पर एसआरईआई का कुल बकाया ₹1,111 करोड़ बताया जा रहा है — यह राशि इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।
संदिग्ध वित्तीय अनियमितताएँ
ईडी की जांच में कथित तौर पर 'एवरग्रीनिंग' की प्रक्रिया के संकेत मिले हैं, जिसमें पुराने ऋण को चुकाने के लिए नया ऋण लिया जाता है। इसके अतिरिक्त फंड डायवर्जन और राउंड-ट्रिपिंग जैसी संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि एसआरईआई ग्रुप स्वयं भी एक बड़े वित्तीय संकट में है और उसके खिलाफ दिवाला प्रक्रिया पहले से चल रही है।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
ईडी के अनुसार, जब्त की गई सामग्री की विस्तृत फॉरेंसिक जांच जारी है और मनी लॉन्ड्रिंग के दृष्टिकोण से संबंधित फंड के स्रोत तथा उपयोग को ट्रेस किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।