18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआरईआई लोन डिफॉल्ट: ईडी ने ₹6.35 करोड़ की संपत्ति जब्त की, एआरएसएस और एएमआरएल ग्रुप पर छापा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआरईआई लोन डिफॉल्ट: ईडी ने ₹6.35 करोड़ की संपत्ति जब्त की, एआरएसएस और एएमआरएल ग्रुप पर छापा

सारांश

एसआरईआई ग्रुप के ₹1,111 करोड़ के लोन डिफॉल्ट मामले में ईडी ने ओडिशा के एआरएसएस और हैदराबाद के एएमआरएल ग्रुप पर छापा मारा और ₹6.35 करोड़ की संपत्ति जब्त की। एवरग्रीनिंग, फंड डायवर्जन और राउंड-ट्रिपिंग के संकेत मिले हैं; जांच जारी है।

मुख्य बातें

ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 11 सितंबर 2026 को एआरएसएस ग्रुप (ओडिशा) और एएमआरएल ग्रुप (हैदराबाद) पर छापा मारा।
कुल ₹6.35 करोड़ की संपत्ति जब्त — इनमें ₹1.50 करोड़ बैंक बैलेंस, ₹2.90 करोड़ डीमैट/सिक्योरिटी और ₹1.95 करोड़ नकदी व आभूषण।
दोनों समूहों पर एसआरईआई का कुल ₹1,111 करोड़ बकाया है।
कार्रवाई पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत की गई।
जांच में एवरग्रीनिंग, फंड डायवर्जन और राउंड-ट्रिपिंग के संकेत मिले हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसआरईआई ग्रुप से जुड़े लोन डिफॉल्ट मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ₹6.35 करोड़ की संपत्ति और कीमती सामान जब्त एवं फ्रीज किया है। ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 11 सितंबर 2026 को ओडिशा के एआरएसएस ग्रुप और हैदराबाद के एएमआर/एएमआरएल ग्रुप के प्रमोटरों तथा उनसे संबद्ध संस्थाओं के कई परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

जब्त संपत्ति का विवरण

ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में जब्त की गई ₹6.35 करोड़ की संपत्ति तीन श्रेणियों में बँटी है। इनमें लगभग ₹1.50 करोड़ का बैंक बैलेंस, लगभग ₹2.90 करोड़ की डीमैट और सिक्योरिटी होल्डिंग्स, तथा लगभग ₹1.95 करोड़ मूल्य की नकदी और आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा कई डिजिटल डिवाइस, अकाउंट बुक्स, चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

यह तलाशी अभियान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत संचालित किया गया। जांच का केंद्र एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (एसईएफएल) द्वारा दिए गए कथित धोखाधड़ी और अनियमित ऋण हैं, जिनका बाद में भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और एएमआरएल हाईटेक सिटी लिमिटेड सहित अनेक संस्थाओं ने एसआरईआई से बड़ी क्रेडिट सुविधाएं लीं और बाद में डिफॉल्ट कर दिया।

दोनों समूहों पर एसआरईआई का कुल बकाया ₹1,111 करोड़ बताया जा रहा है — यह राशि इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।

संदिग्ध वित्तीय अनियमितताएँ

ईडी की जांच में कथित तौर पर 'एवरग्रीनिंग' की प्रक्रिया के संकेत मिले हैं, जिसमें पुराने ऋण को चुकाने के लिए नया ऋण लिया जाता है। इसके अतिरिक्त फंड डायवर्जन और राउंड-ट्रिपिंग जैसी संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि एसआरईआई ग्रुप स्वयं भी एक बड़े वित्तीय संकट में है और उसके खिलाफ दिवाला प्रक्रिया पहले से चल रही है।

जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

ईडी के अनुसार, जब्त की गई सामग्री की विस्तृत फॉरेंसिक जांच जारी है और मनी लॉन्ड्रिंग के दृष्टिकोण से संबंधित फंड के स्रोत तथा उपयोग को ट्रेस किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

111 करोड़ के बकाये के सामने ₹6.35 करोड़ की जब्ती बेहद छोटी लगती है, जो यह सवाल उठाती है कि बाकी धन कहाँ गया। एवरग्रीनिंग की समस्या नई नहीं है — भारतीय बैंकिंग और एनबीएफसी क्षेत्र में यह वर्षों से जाँच एजेंसियों के रडार पर है, फिर भी इसे रोकने की नियामकीय क्षमता पर सवाल बने हुए हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या ईडी की जांच केवल संपत्ति कुर्की तक सीमित रहती है, या इससे उन लोगों तक पहुँचा जाएगा जिन्होंने इस पूरी व्यवस्था को संभव बनाया।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआरईआई लोन डिफॉल्ट मामला क्या है?
एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड ने कथित तौर पर अनेक कंपनियों को अनियमित तरीके से बड़ी क्रेडिट सुविधाएं दीं, जिन्होंने बाद में भुगतान नहीं किया। इसी के आधार पर ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
ईडी ने 11 सितंबर 2026 को कहाँ-कहाँ छापेमारी की?
ईडी ने ओडिशा के एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और हैदराबाद के एएमआरएल हाईटेक सिटी लिमिटेड के प्रमोटरों व उनसे जुड़ी संस्थाओं के कई परिसरों पर एक साथ तलाशी ली। इन दोनों समूहों पर एसआरईआई का कुल ₹1,111 करोड़ बकाया बताया जा रहा है।
एवरग्रीनिंग क्या है और इसे क्यों अनियमित माना जाता है?
एवरग्रीनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें एक पुराने ऋण को चुकाने के लिए नया ऋण दिया जाता है, जिससे डिफॉल्ट छुपा रहता है। यह बैंकिंग नियामकीय मानदंडों का उल्लंघन है क्योंकि इससे वित्तीय संस्था की वास्तविक एनपीए स्थिति सामने नहीं आती।
जब्त संपत्ति में क्या-क्या शामिल है?
जब्त की गई ₹6.35 करोड़ की संपत्ति में लगभग ₹1.50 करोड़ का बैंक बैलेंस, लगभग ₹2.90 करोड़ की डीमैट और सिक्योरिटी होल्डिंग्स तथा लगभग ₹1.95 करोड़ मूल्य की नकदी और आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल डिवाइस, अकाउंट बुक्स और वित्तीय दस्तावेज़ भी जब्त किए गए हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी के अनुसार जब्त सामग्री की विस्तृत फॉरेंसिक जांच चल रही है और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से फंड के स्रोत तथा उपयोग को ट्रेस किया जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि और महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आ सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले