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एसकेएनएल बैंक फ्रॉड: ईडी ने रायगढ़ में ₹60 करोड़ की समुद्र किनारे संपत्ति जब्त की, कुल अटैचमेंट ₹179.55 करोड़

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एसकेएनएल बैंक फ्रॉड: ईडी ने रायगढ़ में ₹60 करोड़ की समुद्र किनारे संपत्ति जब्त की, कुल अटैचमेंट ₹179.55 करोड़

सारांश

एसकेएनएल के कथित ₹1,400 करोड़ के बैंक फ्रॉड में ईडी की जांच अब देश की सीमाओं से परे जा चुकी है — रायगढ़ की समुद्र किनारे संपत्ति और लंदन में बकिंघम पैलेस के पास प्रॉपर्टी की जब्ती इस बात का संकेत है कि कथित रूप से दूसरी जगह भेजा गया धन कहाँ-कहाँ छिपाया गया।

मुख्य बातें

ईडी ने एसकेएनएल बैंक धोखाधड़ी मामले में रायगढ़ जिले के मुरुड में ₹60 करोड़ से अधिक मूल्य की समुद्र किनारे संपत्ति जब्त की।
यह जब्ती पीएमएलए के तहत ईडी के इंदौर जोनल ऑफिस ने की।
मामले में कुल अटैचमेंट अब ₹179.55 करोड़ हो गई है, जिसमें लंदन में ₹119.55 करोड़ की संपत्ति भी शामिल है।
पूर्व चेयरमैन एवं एमडी नितिन शंभुकुमार कासलीवाल पर कथित तौर पर जटिल कंपनी नेटवर्क के ज़रिए ऋण राशि को दूसरी जगह भेजने का आरोप है।
इस मामले में कथित बैंक धोखाधड़ी की कुल राशि ₹1,400 करोड़ बताई गई है।
23 दिसंबर 2025 को की गई तलाशी में मिले दस्तावेज़ों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड (एसकेएनएल) से जुड़े कथित ₹1,400 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में ₹60 करोड़ से अधिक मूल्य की एक प्रमुख अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है। ईडी के इंदौर जोनल ऑफिस ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की। इस जब्ती के साथ इस मामले में कुल अटैचमेंट अब ₹179.55 करोड़ तक पहुँच गई है।

जब्त संपत्ति का विवरण

जब्त की गई यह संपत्ति रायगढ़ जिले के मुरुड में अलीबाग के निकट समुद्र तट पर स्थित है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह अचल संपत्ति कथित तौर पर बैंकों के एक समूह से लिए गए ऋण की राशि को हेराफेरी कर प्राप्त धन से खरीदी गई थी। एजेंसी ने इसे बैंक धोखाधड़ी से अर्जित अपराध की कमाई से सीधे जुड़ा हुआ चिह्नित किया है।

मुख्य आरोपी और धन के प्रवाह की संरचना

जांच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि एसकेएनएल के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन शंभुकुमार कासलीवाल ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नियंत्रण वाली आपस में जुड़ी कंपनियों तथा ग्रुप कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के ज़रिए ऋण की राशि को दूसरी जगह भेजा। ईडी का आरोप है कि बैंकों से ली गई बड़ी क्रेडिट सुविधाओं का एक बड़ा हिस्सा वैध व्यावसायिक उद्देश्यों में लगाने के बजाय धोखाधड़ी से संबद्ध कंपनियों के माध्यम से अन्यत्र भेज दिया गया। इन फंड्स को उनके स्रोत और स्वामित्व को छिपाने के लिए कई स्तरों वाले लेनदेन के ज़रिए घुमाया गया।

पूर्व की कार्रवाइयाँ और लंदन कनेक्शन

यह ताज़ा जब्ती 23 दिसंबर 2025 को ईडी द्वारा की गई व्यापक तलाशी के कुछ महीनों बाद हुई है। उन तलाशी अभियानों में एजेंसी को विदेशी ट्रस्टों और कॉर्पोरेट ढाँचों के ज़रिए कथित तौर पर रखी गई विदेशी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ और साक्ष्य मिले थे। उन्हीं साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने इससे पहले लंदन में बकिंघम पैलेस के निकट स्थित एक संपत्ति को अटैच किया था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹119.55 करोड़ आंकी गई थी।

मामले का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि एसकेएनएल एक समय भारत के प्रमुख टेक्सटाइल समूहों में से एक था। कथित तौर पर ₹1,400 करोड़ के इस बैंक धोखाधड़ी मामले में बैंकों के एक समूह को नुकसान पहुँचाने का आरोप है। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी बड़े कॉर्पोरेट ऋण धोखाधड़ी मामलों में देश और विदेश दोनों जगह संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई तेज़ कर रही है।

आगे की जांच

ईडी के अनुसार, अवैध धन से अर्जित संपत्तियों की रिकवरी की दिशा में जांच अभी जारी है। मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जांच में और परतें उजागर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बड़े कॉर्पोरेट फ्रॉड मामलों में जब्ती और अभियोजन के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रहती है; अदालत में दोषसिद्धि की दर इन हाई-प्रोफाइल अटैचमेंट के अनुपात में नहीं रही है। असली कसौटी यह होगी कि बैंकों को वास्तव में कितनी राशि वापस मिलती है और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसकेएनएल बैंक धोखाधड़ी मामला क्या है?
एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड (एसकेएनएल) पर बैंकों के एक समूह से लिए गए ऋण में कथित तौर पर ₹1,400 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी पीएमएलए के तहत जांच कर रही है कि ऋण राशि को जटिल कंपनी नेटवर्क के ज़रिए कथित रूप से दूसरी जगह भेजा गया और संपत्तियाँ खरीदी गईं।
ईडी ने रायगढ़ में कौन-सी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने रायगढ़ जिले के मुरुड में अलीबाग के निकट समुद्र तट पर स्थित एक अचल संपत्ति जब्त की है, जिसकी कीमत ₹60 करोड़ से अधिक आंकी गई है। इसे कथित बैंक धोखाधड़ी से प्राप्त अपराध की कमाई से खरीदा गया बताया जा रहा है।
इस मामले में अब तक कुल कितनी संपत्ति जब्त हुई है?
इस मामले में कुल अटैचमेंट अब ₹179.55 करोड़ हो गई है। इसमें रायगढ़ की ₹60 करोड़ से अधिक की संपत्ति के अलावा लंदन में बकिंघम पैलेस के निकट ₹119.55 करोड़ की संपत्ति भी शामिल है।
नितिन कासलीवाल पर क्या आरोप हैं?
एसकेएनएल के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन शंभुकुमार कासलीवाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के नियंत्रण वाली आपस में जुड़ी कंपनियों के नेटवर्क के ज़रिए बैंक ऋण की राशि को कथित तौर पर दूसरी जगह भेजा और कई स्तरों के लेनदेन से उसके स्रोत को छिपाया।
ईडी ने इस मामले में पहले क्या कार्रवाई की थी?
23 दिसंबर 2025 को ईडी ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें विदेशी ट्रस्टों और कॉर्पोरेट ढाँचों से जुड़े दस्तावेज़ व साक्ष्य मिले थे। उन्हीं के आधार पर लंदन में ₹119.55 करोड़ की संपत्ति पहले जब्त की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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