महुआ मोइत्रा के 'बुर्का' वाले बयान पर नादिया में शिकायत, BJP नेता ने होगलबारिया थाने में दर्ज कराया मामला
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के कथित भड़काऊ बयान को लेकर 17 जून को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में हलचल मच गई, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता हीरक भट्टाचार्य ने करिमपुर स्थित होगलबारिया थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोइत्रा के बयान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाते हैं और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।
विवाद की जड़: क्या हुआ था कृष्णानगर में
घटनाक्रम की शुरुआत कृष्णानगर जिला सत्र न्यायालय के बाहर से हुई, जहाँ BJP की कई महिला नेताएँ अंडे और टमाटर लेकर खड़ी थीं। उनका कहना था कि महुआ मोइत्रा एक पुराने मामले में अदालत में पेश हो सकती हैं और यदि वे आईं तो उन पर यह सामग्री फेंकी जाएगी। यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
मोइत्रा का जवाब: फेसबुक पर दो वीडियो
इस प्रदर्शन के बाद सांसद मोइत्रा ने फेसबुक पर दो अलग-अलग वीडियो जारी किए। पहले वीडियो में उन्होंने कहा कि वे अदालत परिसर में अंडे फेंकने की तैयारी में खड़ी सभी महिलाओं के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएँगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं करती, तो वे सर्वोच्च न्यायालय तक जाने से नहीं हिचकेंगी।
दूसरे वीडियो में उन्होंने कहा कि वे वीडियो में दिखाई दे रही सभी महिलाओं के नाम लेकर एफआईआर दर्ज कराएँगी। इसी वीडियो में उन्होंने एक टिप्पणी की जो विवाद की असली वजह बनी — उन्होंने तंज करते हुए कहा, ''ऐसे अंडे फेंकने की बजाय अगर बुर्का पहनकर अंडे फेंकोगी तो कोई तुम्हें देख नहीं पाएगा। तब कोई शिकायत भी नहीं होगी।'' यह बयान तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
BJP की प्रतिक्रिया और शिकायत
मोइत्रा के इस बयान के बाद BJP नेता हीरक भट्टाचार्य ने होगलबारिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में दो प्रमुख आरोप लगाए गए हैं — पहला, दो समुदायों के बीच धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास; और दूसरा, भड़काऊ बयान देना। BJP का आरोप है कि मोइत्रा लगातार ऐसे बयान दे रही हैं जो धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं।
पुलिस की स्थिति
नादिया जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जाँच की जा रही है। अभी तक किसी के खिलाफ कोई गिरफ्तारी या औपचारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
आगे की स्थिति
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। जाँच के नतीजे और मोइत्रा की संभावित कानूनी कार्रवाई — दोनों मिलकर इस मामले को और जटिल बना सकते हैं। नादिया पुलिस के अगले कदम पर सभी की नज़र बनी हुई है।