15 अगस्त 2026
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कोलकाता: स्वतंत्रता दिवस पर आशुतोष कॉलेज में तृणमूल युवा नेता उपासना चौधरी पर अंडे फेंके गए

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कोलकाता: स्वतंत्रता दिवस पर आशुतोष कॉलेज में तृणमूल युवा नेता उपासना चौधरी पर अंडे फेंके गए

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर कोलकाता के आशुतोष कॉलेज में TMCP अध्यक्ष उपासना चौधरी पर अंडे फेंके गए। उन्होंने BJP-ABVP पर हमले का आरोप लगाया, जिसे दोनों ने नकारा। पश्चिम बंगाल में यह 'अंडा थेरेपी' राजनीतिक संघर्ष का नया प्रतीक बन चुकी है।

मुख्य बातें

15 अगस्त 2026 को कोलकाता के आशुतोष कॉलेज में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान TMCP अध्यक्ष उपासना चौधरी पर अंडे फेंके गए।
कॉलेज पहचान पत्र न होने के कारण उपासना चौधरी को परिसर में प्रवेश से रोका गया, जिसके बाद परिसर के बाहर तनाव भड़का।
उपासना चौधरी ने BJP और ABVP पर हमले का आरोप लगाया और पुलिस पर हमलावरों की मदद करने का भी इल्ज़ाम लगाया।
BJP और ABVP ने सभी आरोपों का खंडन किया; ABVP सदस्य ने इसे जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया।
राज्य में TMC नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं को प्रदर्शनकारी 'अंडा थेरेपी' कहते हैं — यह पश्चिम बंगाल के राजनीतिक संघर्ष का नया प्रतीक बन गया है।

कोलकाता के आशुतोष कॉलेज में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) की युवा नेता और तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) की अध्यक्ष उपासना चौधरी पर अंडे फेंके गए। यह घटना उस समय हुई जब उन्हें कॉलेज परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया और परिसर के बाहर तनाव का माहौल बन गया।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार की सुबह उपासना चौधरी अपने समर्थकों के साथ आशुतोष कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पहुँची थीं। हालांकि, कॉलेज का वैध पहचान पत्र न होने के कारण सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कॉलेज के सामने एकत्र होने से भी मना किया, जिससे इलाके में तनाव तेज़ी से बढ़ा।

इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच उपासना चौधरी के सिर और शरीर पर अंडे फेंके गए। घटना के तुरंत बाद उन्होंने फेसबुक लाइव पर आकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

उपासना चौधरी के आरोप

उपासना चौधरी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने उन पर हमला किया। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने हमें कुछ नहीं बताया, हमारे पहचान पत्र तक नहीं देखे! लेकिन जब हम राष्ट्रीय ध्वज फहराने गए, तो हमें 'बाहरी' करार दिया गया। BJP और ABVP सदस्यों ने हम पर अंडे फेंके।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने हमलावरों की मदद की और कोई कार्रवाई नहीं की।

BJP और ABVP का खंडन

BJP और ABVP ने तृणमूल नेता के आरोपों का खंडन किया है। आशुतोष कॉलेज में एक ABVP सदस्य ने कहा कि उपासना चौधरी जनता के गुस्से का शिकार हुई हैं और जो लोग तृणमूल कांग्रेस से नाखुश हैं, उन्होंने अपना आक्रोश उन पर निकाला।

व्यापक संदर्भ: 'अंडा थेरेपी' की राजनीति

यह घटना पश्चिम बंगाल में हाल के राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में हुई है। हाल के विधानसभा चुनाव के बाद BJP के सत्ता में आने पर TMC के बड़ी संख्या में नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पार्षदों को जबरन वसूली, मारपीट, छेड़छाड़ और धमकी देने सहित कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया। कथित तौर पर, अधिकतर मामलों में जब TMC नेताओं को पुलिस हिरासत में ले जाया जा रहा था, तब क्रोधित लोगों ने उन पर अंडे फेंके और 'चोर' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इस विरोध के तरीके को 'अंडा थेरेपी' का नाम दिया है।

गौरतलब है कि 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की घटना राज्य के राजनीतिक तनाव की गहराई को उजागर करती है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और राजनीतिक दल किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अन्यथा यह घटना भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाएगी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपासना चौधरी कौन हैं और यह घटना क्यों हुई?
उपासना चौधरी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की युवा नेता और तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) की अध्यक्ष हैं। 15 अगस्त 2026 को वे कोलकाता के आशुतोष कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज फहराने गई थीं, लेकिन कॉलेज पहचान पत्र न होने के कारण उन्हें प्रवेश से रोका गया, जिसके बाद परिसर के बाहर तनाव भड़का और उन पर अंडे फेंके गए।
उपासना चौधरी ने हमले का आरोप किस पर लगाया?
उपासना चौधरी ने BJP और ABVP के सदस्यों पर अंडे फेंकने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस पर भी निष्क्रियता और हमलावरों की मदद करने का इल्ज़ाम लगाया। हालांकि BJP और ABVP दोनों ने इन आरोपों का खंडन किया है।
पश्चिम बंगाल में 'अंडा थेरेपी' क्या है?
'अंडा थेरेपी' वह शब्द है जो प्रदर्शनकारियों ने TMC नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं को दिया है। हाल के विधानसभा चुनाव के बाद जब TMC नेताओं को पुलिस हिरासत में ले जाया जा रहा था, तब क्रोधित लोगों ने उन पर अंडे फेंके और 'चोर' के नारे लगाए — यह विरोध का एक सुनियोजित प्रतीक बन गया है।
क्या इस घटना में पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
उपासना चौधरी के अनुसार, पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उल्टे उनके समर्थकों को कॉलेज के सामने एकत्र होने से रोका। पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना हाल के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में BJP और TMC के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को दर्शाती है। राष्ट्रीय पर्व पर ऐसी घटना राज्य के राजनीतिक वातावरण की तनावपूर्ण स्थिति को उजागर करती है और सत्ता-परिवर्तन के बाद के संघर्ष की निरंतरता को रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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