अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद आरजेडी सांसद मनोज झा का BJP पर तीखा हमला, बोले — 'सत्ता का चक्र स्थायी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा ने 31 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधा। झा ने कहा कि लोकतंत्र में भाषाई और वास्तविक — दोनों प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है, और सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता का चक्र स्थायी नहीं होता।
हमले पर प्रतिक्रिया
मनोज झा ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी घटनाएं लोकतंत्र को शर्मसार करती हैं। पूरे चुनाव के दौरान, मैंने लिखा भी था और बार-बार कहा भी था कि बंगाल के चुनाव हिंसा के एक ऐसे दौर की ओर बढ़ रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषाई हिंसा ही वास्तविक हिंसा को जन्म देती है और उसके लिए सामाजिक स्वीकार्यता व औचित्य तैयार करती है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
TMC के दौर की हिंसा पर दोहरे मानदंड का खंडन
जब कुछ पक्षों ने यह तर्क दिया कि TMC शासन में भी इस प्रकार की घटनाएं होती थीं, तो झा ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'अगर तब ऐसा हुआ था, तो वह भी गलत था और आज जो हो रहा है, वह भी गलत है।' उनका यह बयान राजनीतिक हिंसा पर दलगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक सैद्धांतिक रुख को दर्शाता है।
झा ने आगे कहा कि पक्ष और विपक्ष — सभी को एक साथ बैठकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा। उन्होंने चेतावनी दी, 'सत्ता का चक्र स्थायी नहीं है। आना-जाना इसका चरित्र है। अगर इसमें ऐसी छवियां देखेंगी तो देश सांस नहीं ले पाएगा।'
परीक्षा प्रणाली और 'मन की बात' पर निशाना
इसी दौरान NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर भी मनोज झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'सिर्फ भाषणों से कुछ हासिल नहीं होगा। ठोस काम की जरूरत है। आपने 'एग्जाम वॉरियर' नाम की एक किताब लिखी और पूरे परीक्षा सिस्टम को एक तरह का युद्ध का मैदान बना दिया।'
आरजेडी सांसद ने कहा कि 'वॉरियर' शब्द खुद 'वॉर' यानी युद्ध से आया है, जिसने छात्रों को एक टकराव वाली मानसिकता में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की संरचनात्मक कमियों के लिए ऐसे लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए जिनमें शिक्षा और अकादमिक मामलों को लेकर कोई संवेदना नहीं है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गौरतलब है कि झा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल BJP पर बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आरजेडी का यह रुख संकेत देता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है।
आगे देखना होगा कि BJP इस आरोप का जवाब किस प्रकार देती है और बंगाल में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है।