16 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद आरजेडी सांसद मनोज झा का BJP पर तीखा हमला, बोले — 'सत्ता का चक्र स्थायी नहीं'

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अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद आरजेडी सांसद मनोज झा का BJP पर तीखा हमला, बोले — 'सत्ता का चक्र स्थायी नहीं'

सारांश

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद आरजेडी सांसद मनोज झा ने BJP को कड़ी चेतावनी दी — 'सत्ता का चक्र स्थायी नहीं।' साथ ही NEET और परीक्षा प्रणाली की खामियों पर PM मोदी के 'मन की बात' को भी आड़े हाथों लिया।

मुख्य बातें

आरजेडी सांसद मनोज झा ने 31 मई 2026 को अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को 'लोकतंत्र के लिए शर्मनाक' बताया।
झा ने कहा — भाषाई हिंसा ही वास्तविक हिंसा को जन्म देती है और उसे औचित्य प्रदान करती है।
TMC के शासन में हुई हिंसा का तर्क देने वालों को झा ने यह कहते हुए खारिज किया कि 'तब भी गलत था, अब भी गलत है।' झा ने NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली की खामियों के लिए PM मोदी की 'एग्जाम वॉरियर' मानसिकता को जिम्मेदार ठहराया।
'मन की बात' को एकतरफा संवाद बताते हुए झा ने PM से लाखों पीड़ित छात्रों से सीधे बात करने की अपील की।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा ने 31 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधा। झा ने कहा कि लोकतंत्र में भाषाई और वास्तविक — दोनों प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है, और सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता का चक्र स्थायी नहीं होता।

हमले पर प्रतिक्रिया

मनोज झा ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी घटनाएं लोकतंत्र को शर्मसार करती हैं। पूरे चुनाव के दौरान, मैंने लिखा भी था और बार-बार कहा भी था कि बंगाल के चुनाव हिंसा के एक ऐसे दौर की ओर बढ़ रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषाई हिंसा ही वास्तविक हिंसा को जन्म देती है और उसके लिए सामाजिक स्वीकार्यता व औचित्य तैयार करती है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

TMC के दौर की हिंसा पर दोहरे मानदंड का खंडन

जब कुछ पक्षों ने यह तर्क दिया कि TMC शासन में भी इस प्रकार की घटनाएं होती थीं, तो झा ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'अगर तब ऐसा हुआ था, तो वह भी गलत था और आज जो हो रहा है, वह भी गलत है।' उनका यह बयान राजनीतिक हिंसा पर दलगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक सैद्धांतिक रुख को दर्शाता है।

झा ने आगे कहा कि पक्ष और विपक्ष — सभी को एक साथ बैठकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा। उन्होंने चेतावनी दी, 'सत्ता का चक्र स्थायी नहीं है। आना-जाना इसका चरित्र है। अगर इसमें ऐसी छवियां देखेंगी तो देश सांस नहीं ले पाएगा।'

परीक्षा प्रणाली और 'मन की बात' पर निशाना

इसी दौरान NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर भी मनोज झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'सिर्फ भाषणों से कुछ हासिल नहीं होगा। ठोस काम की जरूरत है। आपने 'एग्जाम वॉरियर' नाम की एक किताब लिखी और पूरे परीक्षा सिस्टम को एक तरह का युद्ध का मैदान बना दिया।'

आरजेडी सांसद ने कहा कि 'वॉरियर' शब्द खुद 'वॉर' यानी युद्ध से आया है, जिसने छात्रों को एक टकराव वाली मानसिकता में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की संरचनात्मक कमियों के लिए ऐसे लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए जिनमें शिक्षा और अकादमिक मामलों को लेकर कोई संवेदना नहीं है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि झा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल BJP पर बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आरजेडी का यह रुख संकेत देता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है।

आगे देखना होगा कि BJP इस आरोप का जवाब किस प्रकार देती है और बंगाल में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा है जो बंगाल हिंसा को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संकट के रूप में स्थापित करना चाहती है। हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि TMC के अपने शासन काल में हुई हिंसा पर विपक्ष उतना叫मुखर नहीं रहा — झा ने इसे स्वीकार तो किया, पर आरजेडी की उस दौर की चुप्पी पर सफाई नहीं दी। NEET और परीक्षा प्रणाली पर उनकी टिप्पणी वैध है, लेकिन इसे अभिषेक बनर्जी के हमले की खबर के साथ जोड़ना विषय से भटकाव भी है। मुख्यधारा की कवरेज इस दोहरेपन को अक्सर नजरअंदाज कर देती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी पर हमला कब और कहाँ हुआ?
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना पश्चिम बंगाल में हुई, जिसकी जानकारी 31 मई 2026 को सामने आई। घटना के विस्तृत विवरण की अभी आधिकारिक पुष्टि जारी है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
मनोज झा ने BJP पर बंगाल में हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाषाई हिंसा ही वास्तविक हिंसा को जन्म देती है। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता का चक्र स्थायी नहीं है और ऐसी छवियाँ लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं।
मनोज झा ने NEET और परीक्षा प्रणाली पर क्या कहा?
झा ने PM मोदी की 'एग्जाम वॉरियर' किताब को लेकर कहा कि इसने छात्रों में टकराव वाली मानसिकता पैदा की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक कमियों को केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से दूर किया जा सकता है।
क्या मनोज झा ने TMC के शासन काल की हिंसा को भी गलत माना?
हाँ, मनोज झा ने स्पष्ट रूप से कहा कि TMC के दौर में हुई हिंसा भी उतनी ही गलत थी जितनी आज हो रही है। उन्होंने दोहरे मानदंड को अस्वीकार करते हुए कहा कि हिंसा कभी भी और किसी भी शासन में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
'मन की बात' पर मनोज झा की क्या प्रतिक्रिया थी?
झा ने 'मन की बात' को एकतरफा संवाद बताया और PM मोदी से आग्रह किया कि वे उन लाखों छात्रों से सीधे बात करें जो परीक्षा प्रणाली की खामियों से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि यह पीड़ा एक बच्चे की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की है।
राष्ट्र प्रेस
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