अभिषेक बनर्जी पर हमला 'सियासी ड्रामा': भाजपा सांसद खड़गे मुर्मु का टीएमसी पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राज्य की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद खड़गे मुर्मु ने इस घटना को 'सियासी ड्रामा' बताते हुए टीएमसी पर 15 वर्षों से हिंसा और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
मुर्मु का सीधा आरोप
खड़गे मुर्मु ने कहा, 'भाजपा ने कभी ड्रामा नहीं किया, लेकिन टीएमसी ने 15 सालों तक ड्रामा किया और जनता पर हमला भी किया। अब उसी का नतीजा मिल रहा है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने राज्य में किसी भी प्रकार की राजनीतिक हिंसा को बर्दाश्त न करने की बात कही है।
मुर्मु ने यह भी आरोप लगाया कि हाल की हिंसक घटनाओं में शामिल लोग दरअसल 4 मई से पहले टीएमसी में रहे कार्यकर्ता हैं, जो अब BJP का झंडा थामे वही व्यवहार दोहरा रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसी अधिकांश घटनाओं में टीएमसी के पुराने सदस्य शामिल पाए जाते हैं।
खुद पर हुए पुराने हमले का जिक्र
भाजपा सांसद ने 6 अक्टूबर 2025 को अपने ऊपर और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, खून बहा और यदि गाड़ी का दरवाजा खुल जाता तो जान जा सकती थी। मुर्मु ने बताया कि उन्हें सिलीगुड़ी के अस्पताल में 20 दिन भर्ती रहना पड़ा, जिनमें से 4 दिन आईसीयू में थे।
उन्होंने दावा किया कि उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मिलने आई थीं और उन्होंने कहा था कि 'आपको तो बस कान के नीचे चोट लगी है।' मुर्मु ने इसे गंभीर चोट को कमतर आँकने की कोशिश बताया।
पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
खड़गे मुर्मु ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के वक्त मौके पर मौजूद पुलिस टीएमसी समर्थक थी और वह केवल 'ड्रामा देखती रही।' उनके अनुसार, यदि पुलिस सक्रिय होती तो हमला इतना गंभीर नहीं होता। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप का यह क्रम नया नहीं है।
अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना
भाजपा सांसद ने अभिषेक बनर्जी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वह 'नंबर एक चोर हैं, यह पूरी दुनिया जानती है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बनर्जी 4 मई के बाद डीजे बजाने की बात कर रहे थे। मुर्मु ने दावा किया कि यदि इस बार टीएमसी सत्ता में आती तो 2021 के बाद हुई हिंसा से भी अधिक हिंसा होती।
भाजपा की सफाई और टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप
खड़गे मुर्मु ने पार्टी की ओर से स्पष्ट किया कि 'भाजपा का किसी हमले में कोई भी हाथ नहीं है। अगर कोई भाजपा कार्यकर्ता शामिल पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।' साथ ही उन्होंने टीएमसी पर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और बंगाल की जनता को लाभ से वंचित रखने का आरोप भी लगाया।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।