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अभिषेक बनर्जी पर हमला 'सियासी ड्रामा': भाजपा सांसद खड़गे मुर्मु का टीएमसी पर सीधा हमला

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अभिषेक बनर्जी पर हमला 'सियासी ड्रामा': भाजपा सांसद खड़गे मुर्मु का टीएमसी पर सीधा हमला

सारांश

अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद बंगाल की राजनीति फिर उबाल पर है। भाजपा सांसद खड़गे मुर्मु ने इसे 'सियासी ड्रामा' बताते हुए टीएमसी पर 15 साल की हिंसा का ठीकरा फोड़ा और खुद पर 2025 में हुए हमले का हवाला देकर पुलिस मिलीभगत का भी आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद खड़गे मुर्मु ने अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को 'सियासी ड्रामा' करार दिया।
मुर्मु ने टीएमसी पर 15 वर्षों से हिंसा और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
6 अक्टूबर 2025 को मुर्मु और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले में 20 दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, जिसमें 4 दिन आईसीयू में थे।
मुर्मु ने पुलिस पर टीएमसी समर्थक होने और हमले के दौरान निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।
BJP ने स्पष्ट किया कि पार्टी का किसी भी हमले में हाथ नहीं है और दोषी कार्यकर्ता पर सख्त कार्रवाई होगी।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राज्य की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद खड़गे मुर्मु ने इस घटना को 'सियासी ड्रामा' बताते हुए टीएमसी पर 15 वर्षों से हिंसा और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

मुर्मु का सीधा आरोप

खड़गे मुर्मु ने कहा, 'भाजपा ने कभी ड्रामा नहीं किया, लेकिन टीएमसी ने 15 सालों तक ड्रामा किया और जनता पर हमला भी किया। अब उसी का नतीजा मिल रहा है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने राज्य में किसी भी प्रकार की राजनीतिक हिंसा को बर्दाश्त न करने की बात कही है।

मुर्मु ने यह भी आरोप लगाया कि हाल की हिंसक घटनाओं में शामिल लोग दरअसल 4 मई से पहले टीएमसी में रहे कार्यकर्ता हैं, जो अब BJP का झंडा थामे वही व्यवहार दोहरा रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसी अधिकांश घटनाओं में टीएमसी के पुराने सदस्य शामिल पाए जाते हैं।

खुद पर हुए पुराने हमले का जिक्र

भाजपा सांसद ने 6 अक्टूबर 2025 को अपने ऊपर और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, खून बहा और यदि गाड़ी का दरवाजा खुल जाता तो जान जा सकती थी। मुर्मु ने बताया कि उन्हें सिलीगुड़ी के अस्पताल में 20 दिन भर्ती रहना पड़ा, जिनमें से 4 दिन आईसीयू में थे।

उन्होंने दावा किया कि उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मिलने आई थीं और उन्होंने कहा था कि 'आपको तो बस कान के नीचे चोट लगी है।' मुर्मु ने इसे गंभीर चोट को कमतर आँकने की कोशिश बताया।

पुलिस पर मिलीभगत का आरोप

खड़गे मुर्मु ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के वक्त मौके पर मौजूद पुलिस टीएमसी समर्थक थी और वह केवल 'ड्रामा देखती रही।' उनके अनुसार, यदि पुलिस सक्रिय होती तो हमला इतना गंभीर नहीं होता। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप का यह क्रम नया नहीं है।

अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना

भाजपा सांसद ने अभिषेक बनर्जी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वह 'नंबर एक चोर हैं, यह पूरी दुनिया जानती है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बनर्जी 4 मई के बाद डीजे बजाने की बात कर रहे थे। मुर्मु ने दावा किया कि यदि इस बार टीएमसी सत्ता में आती तो 2021 के बाद हुई हिंसा से भी अधिक हिंसा होती।

भाजपा की सफाई और टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप

खड़गे मुर्मु ने पार्टी की ओर से स्पष्ट किया कि 'भाजपा का किसी हमले में कोई भी हाथ नहीं है। अगर कोई भाजपा कार्यकर्ता शामिल पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।' साथ ही उन्होंने टीएमसी पर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और बंगाल की जनता को लाभ से वंचित रखने का आरोप भी लगाया।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बिना स्वतंत्र जाँच के केवल बयानबाजी से जमीनी सच्चाई नहीं बदलती।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को भाजपा ने 'सियासी ड्रामा' क्यों बताया?
भाजपा सांसद खड़गे मुर्मु ने इस घटना को 'सियासी ड्रामा' करार दिया क्योंकि उनके अनुसार टीएमसी ने 15 वर्षों तक खुद हिंसा को बढ़ावा दिया और अब उसी का परिणाम भुगत रही है। उन्होंने इसे सहानुभूति जुटाने की कोशिश बताया।
खड़गे मुर्मु पर पहले कब और कैसे हमला हुआ था?
6 अक्टूबर 2025 को खड़गे मुर्मु और विधायक शंकर घोष पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर पथराव किया था। इस हमले में मुर्मु को सिलीगुड़ी के अस्पताल में 20 दिन भर्ती रहना पड़ा, जिनमें 4 दिन आईसीयू में थे।
भाजपा का कहना है कि हिंसा में टीएमसी के पुराने लोग शामिल हैं — इसका क्या मतलब है?
मुर्मु के अनुसार 4 मई से पहले जो लोग टीएमसी में थे, वे अब BJP में शामिल होकर वही व्यवहार दोहरा रहे हैं। उनका दावा है कि हाल की हिंसक घटनाओं में ऐसे ही पूर्व टीएमसी सदस्य पाए गए हैं।
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर अपना क्या रुख स्पष्ट किया?
BJP ने स्पष्ट किया कि पार्टी का किसी भी हमले में हाथ नहीं है और यदि कोई BJP कार्यकर्ता दोषी पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा को बर्दाश्त न करने की बात कही है।
टीएमसी पर केंद्र की योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप क्यों लगाया गया?
खड़गे मुर्मु ने आरोप लगाया कि टीएमसी की नीतियों के कारण बंगाल की जनता केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रही। उनके अनुसार टीएमसी ने इन योजनाओं में भ्रष्टाचार किया और आम जनता को लूटा।
राष्ट्र प्रेस
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