18 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी विवाद पर BJP का पलटवार: देबजीत सरकार बोले, 15 साल की TMC तानाशाही का नतीजा है जनता का गुस्सा

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अभिषेक बनर्जी विवाद पर BJP का पलटवार: देबजीत सरकार बोले, 15 साल की TMC तानाशाही का नतीजा है जनता का गुस्सा

सारांश

BJP प्रवक्ता देबजीत सरकार ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े विवाद पर कहा कि 15 साल की TMC तानाशाही ने ही जनता में यह गुस्सा भरा है। उन्होंने जेपी नड्डा, सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष पर हुए पुराने हमलों का हवाला देते हुए TMC पर राजनीतिक हिंसा को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता देबजीत सरकार ने 31 मई 2026 को कोलकाता में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया दी।
सरकार ने कहा कि 15 वर्षों की TMC शासन की तानाशाही ही पश्चिम बंगाल में जनता के गुस्से की जड़ है।
BJP ने हिंसा की निंदा की, लेकिन साथ ही TMC पर जेपी नड्डा , सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष पर हुए पुराने हमलों में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
देबजीत सरकार ने दावा किया कि BJP सरकार की मज़बूत कानून-व्यवस्था के कारण ही स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा, 'अभी राज्य में BJP की सरकार है, इसलिए ये लोग बच गए।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने 31 मई 2026 को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े हालिया विवादों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में आज जो राजनीतिक तनाव देखा जा रहा है, वह 15 वर्षों की TMC शासन में पनपी तानाशाही का स्वाभाविक परिणाम है।

मुख्य बयान: जनता की नाराज़गी को समझना होगा

देबजीत सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जहाँ TMC के कार्यकर्ताओं या नेताओं पर उत्पात और राजनीतिक हिंसा के आरोप न लगे हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती और ऐसी घटनाएँ निंदनीय हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि यह समझना ज़रूरी है कि ये परिस्थितियाँ आखिरकार पैदा कैसे हुईं।

सरकार ने कहा, 'यदि आज कुछ लोग अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारे लगा रहे हैं, उन्हें अपशब्द कह रहे हैं या विरोध कर रहे हैं, तो इसके पीछे जनता की नाराज़गी को भी समझना होगा।'

अतीत की घटनाओं का हवाला

BJP प्रवक्ता ने पुराने विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमला हुआ था, उस समय अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि नड्डा 'गड्ढे में गिर गए'। सरकार ने इसे TMC नेतृत्व की राजनीतिक हिंसा के प्रति संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।

उन्होंने BJP नेता सुवेंदु अधिकारी पर हुए हमले और दिलीप घोष की गाड़ी में तोड़फोड़ की घटनाओं का भी ज़िक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि उन मामलों में तत्कालीन राज्य सरकार और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की थी और कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनका आरोप था कि उस समय प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाए।

कानून-व्यवस्था पर BJP का दावा

देबजीत सरकार ने कहा कि वर्तमान में कानून-व्यवस्था की वजह से स्थिति नियंत्रण में है। उनके अनुसार, यदि मज़बूत प्रशासनिक व्यवस्था न होती तो हालात और गंभीर हो सकते थे।

उन्होंने कहा, 'अभी राज्य में BJP की सरकार है, इसलिए ये लोग बच गए।' यह बयान राज्य की कानून-व्यवस्था पर BJP के दावे को रेखांकित करता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक टकराव लंबे समय से चला आ रहा है। TMC पर BJP नेताओं के खिलाफ हिंसा के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, जबकि TMC इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता-संघर्ष एक बार फिर तेज़ हो रहा है।

आगे क्या

देबजीत सरकार के इस बयान के बाद TMC की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि क्या BJP ने भी अपने कार्यकाल में राजनीतिक हिंसा की जवाबदेही सुनिश्चित की। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास किसी एक दल तक सीमित नहीं रहा, और इस संदर्भ में 'हिंसा की निंदा' के साथ 'जनता के गुस्से की वैधता' को एक साथ स्थापित करने की कोशिश एक नाजुक राजनीतिक संतुलन है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देबजीत सरकार ने अभिषेक बनर्जी विवाद पर क्या कहा?
BJP प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जनता की नाराज़गी 15 वर्षों की TMC तानाशाही का नतीजा है। उन्होंने हिंसा की निंदा करते हुए भी TMC पर पुराने हमलों में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
BJP ने जेपी नड्डा पर हमले का ज़िक्र क्यों किया?
देबजीत सरकार ने जेपी नड्डा पर हुए पुराने हमले का उल्लेख यह दर्शाने के लिए किया कि उस समय अभिषेक बनर्जी ने संवेदनशील प्रतिक्रिया नहीं दी थी। उनके अनुसार, TMC नेतृत्व ने तब विरोधियों पर हुई हिंसा को गंभीरता से नहीं लिया।
पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव की क्या पृष्ठभूमि है?
पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप का लंबा इतिहास रहा है। दोनों दल एक-दूसरे पर कार्यकर्ताओं पर हमले और प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप लगाते रहे हैं।
देबजीत सरकार ने कानून-व्यवस्था पर क्या दावा किया?
सरकार ने कहा कि BJP सरकार की मज़बूत प्रशासनिक व्यवस्था के कारण ही स्थिति नियंत्रण में है। उनके अनुसार, यदि यह व्यवस्था न होती तो हालात और गंभीर हो सकते थे।
क्या BJP ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का समर्थन किया?
नहीं। देबजीत सरकार ने स्पष्ट किया कि BJP किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती और ऐसी घटनाएँ निंदनीय हैं। हालाँकि, उन्होंने इस घटना के लिए TMC की दीर्घकालिक राजनीतिक नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया।
राष्ट्र प्रेस
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