मोगा थाने में विस्फोट: रवनीत बिट्टू और कांग्रेस ने AAP सरकार को घेरा, पंजाब में हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मोगा जिले के सदर पुलिस थाने में 9 जुलाई 2025 को हुए विस्फोट के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा हमला बोला। विपक्षी दलों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से जवाबदेही की माँग की है।
विस्फोट की घटना और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
बुधवार को मोगा सदर पुलिस थाने में हुए विस्फोट के बाद पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। घटना से इलाके में दहशत फैल गई। कार्यवाहक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी.एस. बैंस ने बताया कि यह कम तीव्रता वाला विस्फोट था — न कोई हताहत हुआ और न ही किसी बड़े ढाँचे को नुकसान पहुँचा। हालाँकि, पुलिस थाने जैसी संवेदनशील जगह पर इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रवनीत बिट्टू का हमला
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैंने पहले ही आशंका जताई थी कि कुछ ताकतें पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश कर रही हैं और आज की घटना ने इस डर को हकीकत में बदल दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'जो लोग सिर्फ एक चिंगारी लगाकर आग भड़का देते हैं और भाग जाते हैं, उसके बाद पैदा होने वाले डर और अशांति से होने वाले नुकसान का पूरा बोझ पंजाब और पंजाबियों को उठाना पड़ता है।' बिट्टू ने यह घटना AAP सरकार की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी का प्रमाण बताई।
अकाली दल और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'मोगा सदर पुलिस थाने में हुआ विस्फोट एक बार फिर AAP सरकार के तहत कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को उजागर करता है। जब पुलिस थाने भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम पंजाबी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे?' उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने मामले लंबित पड़े हैं और मुख्यमंत्री राज्य को 'अंधेरे दौर' की ओर ले जा रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस विस्फोट को 'राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह बिगड़ने की चौंकाने वाली याद' बताया। उन्होंने कहा, 'प्रचार और बड़े-बड़े दावों के बजाय मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि पंजाब में अपराध इतनी बेखौफी से क्यों बढ़ रहा है। पंजाब के लोग बहाने नहीं, बल्कि जवाबदेही चाहते हैं।'
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ बनी हुई हैं। पुलिस थाने जैसी जगह पर विस्फोट ने आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना को और गहरा किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक लंबे समय से चली आ रही कानून-व्यवस्था की विफलता की कड़ी है।
आगे क्या
पुलिस ने विस्फोट की जाँच शुरू कर दी है और जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक दबाव को देखते हुए आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और जाँच के नतीजे अहम होंगे।