उत्तराखंड में IMD का रेड अलर्ट: हरिद्वार, देहरादून समेत 7 जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 9 जुलाई 2025 को उत्तराखंड के हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि शेष जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 25 से 26 मौसम केंद्रों पर भारी से अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की गई है, और विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा।
मुख्य घटनाक्रम
उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक सी.एस. तोमर ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य में कई स्थानों पर अत्यंत भारी और भारी वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक प्रभावित जिला उधम सिंह नगर रहा, जहाँ अत्यंत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। पौड़ी और हरिद्वार समेत पाँच-छह मौसम केंद्रों पर भी बहुत भारी वर्षा दर्ज हुई।
तोमर के अनुसार, व्यापक वर्षा का यह दौर यह संकेत देता है कि राज्य में सक्रिय मौसम प्रणाली अभी कमज़ोर नहीं हुई है। अगले 48 घंटों में पूरे उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
अलर्ट की स्थिति और प्रभावित जिले
9 जुलाई को जारी रेड अलर्ट में हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।
10 जुलाई को कुमाऊँ के मैदानी क्षेत्रों तथा उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में रेड अलर्ट जारी रहेगा, जबकि बागेश्वर, पौड़ी और देहरादून समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। 10 जुलाई से 13 जुलाई तक शेष जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
आम जनता पर असर
मौसम विभाग के अनुसार, येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में भी अचानक बाढ़, भूस्खलन, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। कुमाऊँ क्षेत्र में वर्षा का सिलसिला अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक समय तक जारी रह सकता है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में मानसून सत्र के दौरान भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएँ प्रतिवर्ष जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के पर्वतीय मार्गों पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही भी जारी है।
प्रशासन और नागरिकों को सलाह
मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही सफ़र करने, नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
क्या होगा आगे
तोमर के अनुसार, राज्य के अन्य हिस्सों में अगले पाँच से छह दिनों तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बने हुए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौसम प्रणाली की सक्रियता को देखते हुए अलर्ट की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार अद्यतन जानकारी जारी की जाएगी।