3 अगस्त 2026
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पटियाला रेलवे ट्रैक विस्फोट: विपक्ष ने भगवंत मान सरकार पर लगाया सुरक्षा लापरवाही का आरोप

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पटियाला रेलवे ट्रैक विस्फोट: विपक्ष ने भगवंत मान सरकार पर लगाया सुरक्षा लापरवाही का आरोप

सारांश

पटियाला में शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। SAD और कांग्रेस ने CM भगवंत मान पर खुफिया चेतावनियों के बावजूद निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। यह घटना सरहिंद धमाके और RPG हमले के बाद राज्य में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं की कड़ी में एक और खतरनाक संकेत है।

मुख्य बातें

28 अप्रैल को पटियाला जिले में शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर बम विस्फोट हुआ, ट्रेन सेवाएँ ठप हुईं।
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा — खतरे की जानकारी पहले से थी, फिर भी कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने पुलिस के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए 1980-90 के दशक जैसी स्थिति लौटने की चेतावनी दी।
कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बटाला में दोहरी हत्या और रेलवे विस्फोट को पंजाब की शांति के लिए खतरा बताया।
विपक्ष ने CM भगवंत मान से तत्काल उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा और ठोस कार्ययोजना की माँग की।

पटियाला जिले में शंभू-हरियाणा बॉर्डर के निकट दिल्ली-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर हुए बम विस्फोट के बाद 28 अप्रैल को पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) समेत विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर खुफिया चेतावनियों के बावजूद एहतियाती कदम न उठाने का आरोप लगाया है।

विस्फोट का घटनाक्रम

विस्फोट ने राजपुरा और शंभू के बीच रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे ट्रेन सेवाएँ ठप हो गईं। यह घटना उसी दिन बटाला में दो लोगों की हत्या के साथ हुई। गौरतलब है कि यह विस्फोट सरहिंद धमाके, गुरदासपुर में संदिग्ध वस्तुएँ मिलने और राज्य इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमले के बाद पंजाब में हुई ताज़ा सुरक्षा चूक है।

अकाली दल की तीखी प्रतिक्रिया

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

RPG हमला, और अब शंभू — एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं जिसे महज विपक्षी राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। असली सवाल यह है कि खुफिया चेतावनियाँ मिलने के बाद भी एहतियाती तंत्र क्यों विफल रहा — यह जवाब सरकार को देना होगा, न कि विपक्ष को। AAP सरकार की आंतरिक राजनीतिक उठापटक के बीच यदि सुरक्षा प्राथमिकताएँ पिछड़ रही हैं, तो यह केवल शासन की विफलता नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला रेलवे ट्रैक विस्फोट कहाँ और कब हुआ?
यह विस्फोट 28 अप्रैल 2026 को पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा और शंभू के बीच दिल्ली-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर हुआ। धमाके से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेन सेवाएँ बाधित हुईं।
विपक्ष ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
विपक्ष ने आरोप लगाया कि खुफिया एजेंसियों ने पहले से खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया। SAD और कांग्रेस दोनों ने CM भगवंत मान की सुरक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की।
सुखबीर सिंह बादल ने इस घटना पर क्या कहा?
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने एक्स पर पोस्ट कर विस्फोट को 'कायरतापूर्ण कोशिश' बताया और कहा कि कई दिन पहले खतरे की जानकारी मिलने के बावजूद कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने CM मान से 'गहरी नींद से जागकर' बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की।
पंजाब में हाल के महीनों में कौन-कौन सी सुरक्षा घटनाएँ हुई हैं?
हाल के समय में पंजाब में सरहिंद धमाका, पुलिस थानों और चौकियों पर विस्फोट, राज्य इंटेलिजेंस मुख्यालय पर RPG हमला और गुरदासपुर में संदिग्ध वस्तुएँ मिलने की घटनाएँ हो चुकी हैं। 28 अप्रैल का रेलवे ट्रैक विस्फोट इसी शृंखला की नई कड़ी है।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँग की?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि AAP सरकार अपने अस्तित्व की लड़ाई में उलझी है, जिसका फायदा अराजक तत्व उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार से बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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