संगरूर में भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला, पुलिस बोली— दोषियों को नहीं बख्शेंगे
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के संगरूर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय पर सोमवार, 27 जुलाई को कथित तौर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
संगरूर के एसपी दविंदर अत्री ने पत्रकारों को बताया कि सुबह सूचना मिली कि भाजपा कार्यालय की ओर शीशे की बोतल में पेट्रोल बम फेंका गया है। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसपी अत्री ने कहा, 'प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाहर से कार्यालय परिसर की ओर बोतल फेंकी गई थी। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों का दावा है कि घटना रात करीब ढाई बजे अंजाम दी गई, लेकिन पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर सकती।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने भाजपा के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पंजाब में भाजपा कार्यालयों पर हमले, भाजपा नेताओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएं और अपराधियों की बढ़ती हिम्मत — ये सब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के 'जंगल राज' की पहचान बन गए हैं। ढिल्लों ने कहा, 'हिंसा के ज़रिए विरोध की आवाज़ को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी।'
भाजपा नेता रणदीप सिंह देओल ने बताया कि पेट्रोल से भरी बोतल फेंके जाने से कार्यालय परिसर में हल्की आग लगी और पेट्रोल की गंध महसूस की गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। देओल ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय पर भी हमला हो चुका है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
भाजपा ने इस घटना को पंजाब की कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया। देओल के अनुसार, इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि कुछ असामाजिक तत्व पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह कथित तौर पर राज्य में भाजपा के ठिकानों पर हुई इस तरह की एक से अधिक घटनाओं में से एक है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
एसपी अत्री ने स्पष्ट किया कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। साथ ही भाजपा कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और मज़बूत की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जांच में सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्य अहम भूमिका निभाएंगे।