बिप्लब कुमार देब बने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्वोत्तर के तीन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 अगस्त 2026 को अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी टीम की घोषणा करते हुए पूर्वोत्तर भारत के तीन वरिष्ठ नेताओं को अहम संगठनात्मक पद सौंपे। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और पश्चिम त्रिपुरा से वर्तमान लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियाँ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम के तहत की गई हैं।
किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
बिप्लब कुमार देब को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक और असम के मृगांक देव बर्मन को राष्ट्रीय सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। तीनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिप्लब देब का राजनीतिक सफर
55 वर्षीय बिप्लब देब 9 मार्च 2018 से 14 मई 2022 तक त्रिपुरा के 10वें मुख्यमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में भाजपा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी और राज्य में सीपीआई (एम) के 25 वर्षों के शासन का अंत किया था। मई 2022 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद माणिक साहा ने राज्य की कमान संभाली। इसके बाद देब सितंबर 2022 से जून 2024 तक राज्यसभा सदस्य रहे और 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम त्रिपुरा सीट से सांसद चुने गए।
अन्य दो नेताओं की पृष्ठभूमि
फांगनोन कोन्याक नागालैंड से राज्यसभा सांसद हैं और पूर्वोत्तर में महिला नेतृत्व की एक प्रमुख आवाज़ मानी जाती हैं। मृगांक देव बर्मन वर्तमान में असम ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं। वह भाजपा की असम इकाई में कई संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं — पार्टी के प्रदेश महासचिव और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के असम प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने काम किया है।
वरिष्ठ नेताओं की बधाई
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बिप्लब देब को बधाई देते हुए कहा, 'आपका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और जमीनी नेतृत्व पूरे देश में पार्टी संगठन को और मजबूत करेगा।' नागालैंड के उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा विधायक दल के नेता यंथुंगो पैटन ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं। उनका अनुभव, समर्पण और प्रतिबद्धता पार्टी तथा जनता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।' असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भी नई राष्ट्रीय टीम को बधाई दी।
पूर्वोत्तर को प्रतिनिधित्व का संकेत
यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी संगठनात्मक पकड़ और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। गौरतलब है कि एक ही घोषणा में तीन पूर्वोत्तर नेताओं को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी देना, पार्टी की क्षेत्रीय समावेशिता की रणनीति को रेखांकित करता है। आने वाले समय में इन नेताओं की भूमिका पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार में निर्णायक साबित हो सकती है।