दीपोत्सव 2026: अयोध्या में 25 एलईडी वैन और 20 डिस्प्ले बोर्ड से सजेगी रामनगरी, योगी सरकार की तैयारी पूरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दीपोत्सव-2026 के लिए अयोध्या को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। 5 नवंबर 2026 को प्रशासन ने पुष्टि की कि शहरभर में 25 एलईडी वैन, 20 एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और 13 प्रमुख मार्गों पर होर्डिंग-स्टैंडी का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। यह दीपोत्सव का दसवाँ संस्करण है, जो रामनगरी को धर्म और तकनीक के अनूठे संगम के रूप में प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उत्सव से निरंतर जोड़े रखने के लिए शहर के 25 चुनिंदा स्थानों पर विशेष एलईडी वैन तैनात करने का निर्णय लिया है। इन स्थानों में सूर्यकुण्ड दर्शननगर, हनुमानगढ़ी रिकाबगंज, झूलेलाल मंदिर चौराहा, गुप्तार घाट, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, लता मंगेशकर चौराहा, गुरुकुल पार्किंग और भरतकुण्ड जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक वाहन के लिए वाहन संख्या और नोडल प्रभारियों के संपर्क विवरण जारी किए गए हैं, ताकि व्यवस्था बाधारहित बनी रहे।
लाइव प्रसारण की व्यवस्था
दीपोत्सव के मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण के लिए शहर के 20 अति-व्यस्त स्थानों पर एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएँगे। इनमें रामघाट चौराहा, हनुमानगढ़ी, रेलवे स्टेशन अयोध्या धाम, तुलसी उद्यान, रामकथा संग्रहालय, वैक्स म्यूजियम और मीडिया सेंटर सहित कई अन्य प्रमुख बिंदु शामिल हैं। इन स्क्रीनों के माध्यम से आने वाले श्रद्धालु शहर के किसी भी कोने से दीपोत्सव के मुख्य आयोजनों के साक्षी बन सकेंगे।
होर्डिंग और सजावट का खाका
रामनगरी के प्रवेश द्वारों से लेकर आंतरिक मार्गों तक 13 मुख्य खंडों पर आकर्षक होर्डिंग और स्टैंडी लगाने की योजना तैयार की गई है। इन खंडों में साकेत पेट्रोल पम्प से रामघाट हाल्ट, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी व भजन संध्या स्थल, कलेक्ट्रेट व विकास भवन परिसर और लखनऊ, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर व रायबरेली जाने वाले प्रमुख राज्य मार्गों के दोनों ओर की परिधि शामिल है।
सुरक्षा और सौंदर्य के निर्देश
जिला सूचना अधिकारी अनुराग रंजन ने बताया कि सौंदर्य और सुरक्षा के उच्च मानक सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी फ्लेक्स या फ्रेम को विद्युत, टेलीफोन या अन्य टावर पोल पर नहीं लगाया जाएगा — सभी को अपने स्वयं के गार्डर और ढाँचे तैयार कर ही प्रचार सामग्री स्थापित करनी होगी। यह व्यवस्था शहर में उत्सव के दौरान सुरक्षा जोखिम को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से की गई है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि दीपोत्सव का यह दसवाँ संस्करण ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब अयोध्या अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर तेज़ी से उभर रही है। इस वर्ष के आयोजन में तकनीकी अवसंरचना का विस्तार पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक है। प्रशासन के अनुसार, नोडल प्रभारियों की नियुक्ति और वाहन-ट्रैकिंग प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दीपोत्सव का हर क्षण अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुँचे।