4 नवंबर 2026
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अयोध्या दीपोत्सव 2026: CM योगी बोले — डबल इंजन सरकार ने दी अयोध्या को नई सांस्कृतिक पहचान

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: CM योगी बोले — डबल इंजन सरकार ने दी अयोध्या को नई सांस्कृतिक पहचान

सारांश

अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ दीयों का उत्सव नहीं — यह भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का मंच बन चुका है। CM योगी ने इसे 'सांस्कृतिक रामसेतु' बताया, सपा पर सैफई महोत्सव को लेकर हमला बोला और 7 नवंबर के भव्य आयोजन का खाका पेश किया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 4 नवंबर 2026 को एक्स पर कहा कि PM मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव दिया।
श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड के कलाकार अयोध्या दीपोत्सव में अपनी परंपराओं में रामकथा प्रस्तुत करते हैं।
मुख्य आयोजन 7 नवंबर 2026 को राम की पैड़ी पर; 100 से अधिक लोक एवं शास्त्रीय कलाकार प्रस्तुति देंगे।
मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो के साथ श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा का मंचन होगा।
CM योगी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा — '2017 से पहले अयोध्या की विरासत उनकी प्राथमिकता नहीं थी।'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 नवंबर 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव प्रदान किया है। अयोध्या दीपोत्सव 2026 के अवसर पर एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने यह भी कहा, 'हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।'

दीपोत्सव: वैश्विक सांस्कृतिक संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव आज भारत और विश्व के मध्य एक अद्भुत सांस्कृतिक रामसेतु बन गया है।' उन्होंने बताया कि श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के कलाकार अपनी भाषा और परंपराओं में रामकथा को जीवंत करते हैं। उनके अनुसार, 'जैसे अनेक नदियाँ एक ही सागर में मिलती हैं, वैसे ही विभिन्न संस्कृतियों की ये धाराएँ श्री अयोध्या जी में आकर एक ही रामत्व में समाहित हो जाती हैं।'

मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि आधुनिक तकनीक इस सांस्कृतिक संगम को और भव्य बनाते हुए नई पीढ़ी को उनकी गौरवशाली विरासत से जोड़ रही है।

सपा पर सीधा हमला

इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा निशाना साधा। एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, '2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों की सांस्कृतिक सोच सैफई महोत्सव में अपने परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी। श्री अयोध्या जी की महान विरासत उनकी प्राथमिकता में नहीं थी।' उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'उनके लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।'

गौरतलब है कि यह टिप्पणी समाजवादी पार्टी के पारिवारिक नेतृत्व के सीधे संदर्भ में है, जिसे भाजपा लगातार 'परिवारवाद' के नाम पर निशाने पर लेती रही है।

7 नवंबर को भव्य आयोजन

7 नवंबर 2026 को राम की पैड़ी पर होने वाले मुख्य दीपोत्सव आयोजन में 100 से अधिक भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो का विशेष समावेश होगा। सभी कलाकारों की वेशभूषा दीपोत्सव की सांस्कृतिक थीम पर आधारित होगी।

कहानी, नृत्य, संगीत, वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों के समन्वय से श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत की जाएगी। हिंदी में तैयार पटकथा को नाटकीय रूप देने की ज़िम्मेदारी किसी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त क्रिएटिव डायरेक्टर अथवा स्क्रिप्ट राइटर के निर्देशन में होगी।

आम जनता पर असर

दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा — यह उत्तर प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक कूटनीति का प्रमुख माध्यम बन चुका है। सरयू घाटों पर पारंपरिक दीयों के साथ आधुनिक लेजर तकनीक का संगम लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़े निवेश कर रही है।

आगे भी इस तरह के सांस्कृतिक और तकनीकी संगम के आयोजनों को प्रतिवर्ष और अधिक विस्तार देने की योजना है, जो राज्य की धार्मिक सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने के प्रयासों का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्थानीय रोज़गार और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल भी उठते रहे हैं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 कब और कहाँ होगा?
अयोध्या दीपोत्सव 2026 का मुख्य आयोजन 7 नवंबर 2026 को राम की पैड़ी पर होगा। इसमें मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन, लेजर शो और 100 से अधिक लोक एवं शास्त्रीय कलाकारों की प्रस्तुति शामिल होगी।
CM योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को 'सांस्कृतिक रामसेतु' क्यों कहा?
CM योगी ने कहा कि श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित कई देशों के कलाकार अपनी भाषाओं और परंपराओं में रामकथा प्रस्तुत करते हैं, जिससे अयोध्या विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने का केंद्र बन जाती है।
CM योगी ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
CM योगी ने कहा कि 2017 से पहले सत्ता में रहे लोगों की सांस्कृतिक सोच केवल सैफई महोत्सव में अपने परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी और अयोध्या की महान विरासत उनकी प्राथमिकता नहीं थी।
दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक की क्या भूमिका होगी?
7 नवंबर के आयोजन में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो के साथ-साथ वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों के समन्वय से श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा प्रस्तुत की जाएगी। पटकथा किसी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त क्रिएटिव डायरेक्टर के निर्देशन में तैयार की जाएगी।
डबल इंजन सरकार और अयोध्या के विकास में क्या संबंध है?
CM योगी के अनुसार, PM मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। दीपोत्सव को इसी 'डबल इंजन' विकास का प्रतीकात्मक प्रमाण बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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