अयोध्या दीपोत्सव 2026: CM योगी बोले — डबल इंजन सरकार ने दी अयोध्या को नई सांस्कृतिक पहचान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 नवंबर 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव प्रदान किया है। अयोध्या दीपोत्सव 2026 के अवसर पर एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने यह भी कहा, 'हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।'
दीपोत्सव: वैश्विक सांस्कृतिक संगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव आज भारत और विश्व के मध्य एक अद्भुत सांस्कृतिक रामसेतु बन गया है।' उन्होंने बताया कि श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के कलाकार अपनी भाषा और परंपराओं में रामकथा को जीवंत करते हैं। उनके अनुसार, 'जैसे अनेक नदियाँ एक ही सागर में मिलती हैं, वैसे ही विभिन्न संस्कृतियों की ये धाराएँ श्री अयोध्या जी में आकर एक ही रामत्व में समाहित हो जाती हैं।'
मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि आधुनिक तकनीक इस सांस्कृतिक संगम को और भव्य बनाते हुए नई पीढ़ी को उनकी गौरवशाली विरासत से जोड़ रही है।
सपा पर सीधा हमला
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा निशाना साधा। एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, '2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों की सांस्कृतिक सोच सैफई महोत्सव में अपने परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी। श्री अयोध्या जी की महान विरासत उनकी प्राथमिकता में नहीं थी।' उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'उनके लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।'
गौरतलब है कि यह टिप्पणी समाजवादी पार्टी के पारिवारिक नेतृत्व के सीधे संदर्भ में है, जिसे भाजपा लगातार 'परिवारवाद' के नाम पर निशाने पर लेती रही है।
7 नवंबर को भव्य आयोजन
7 नवंबर 2026 को राम की पैड़ी पर होने वाले मुख्य दीपोत्सव आयोजन में 100 से अधिक भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो का विशेष समावेश होगा। सभी कलाकारों की वेशभूषा दीपोत्सव की सांस्कृतिक थीम पर आधारित होगी।
कहानी, नृत्य, संगीत, वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों के समन्वय से श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत की जाएगी। हिंदी में तैयार पटकथा को नाटकीय रूप देने की ज़िम्मेदारी किसी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त क्रिएटिव डायरेक्टर अथवा स्क्रिप्ट राइटर के निर्देशन में होगी।
आम जनता पर असर
दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा — यह उत्तर प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक कूटनीति का प्रमुख माध्यम बन चुका है। सरयू घाटों पर पारंपरिक दीयों के साथ आधुनिक लेजर तकनीक का संगम लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़े निवेश कर रही है।
आगे भी इस तरह के सांस्कृतिक और तकनीकी संगम के आयोजनों को प्रतिवर्ष और अधिक विस्तार देने की योजना है, जो राज्य की धार्मिक सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने के प्रयासों का हिस्सा है।