4 नवंबर 2026
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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल: मोहाली में भारत-कोरिया भिड़ंत, टीम इंडिया की नज़र रिकॉर्ड 7वें फाइनल पर

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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल: मोहाली में भारत-कोरिया भिड़ंत, टीम इंडिया की नज़र रिकॉर्ड 7वें फाइनल पर

सारांश

लीग स्टेज के पाँचों मैच जीत चुकी भारतीय हॉकी टीम बुधवार को मोहाली में कोरिया से भिड़ेगी — रिकॉर्ड सातवें फाइनल की तलाश में। ताकत भरपूर है, पर दूसरे क्वार्टर की पुरानी कमज़ोरी नॉकआउट में सबसे बड़ी परीक्षा बन सकती है।

मुख्य बातें

भारतीय पुरुष हॉकी टीम 4 नवंबर 2026 को मोहाली में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में कोरिया से भिड़ेगी — मैच शाम 7 बजे IST ।
टीम इंडिया रिकॉर्ड सातवीं बार फाइनल में पहुँचने की दावेदार; लीग स्टेज के सभी 5 मैच जीते।
ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में यह पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच।
दोनों टीमों के बीच 26 मैचों में भारत ने 16 जीते, 7 ड्रॉ; इस टूर्नामेंट में 8-0 से हरा चुका है।
दूसरे क्वार्टर में कमज़ोरी चिंता का विषय — चीन, मलेशिया, जापान और कोरिया के खिलाफ लीग मैचों में गोल खाए।
कोच क्रेग फुल्टन ने कहा — 'नॉकआउट का दबाव अलग होता है, अच्छी शुरुआत सबसे जरूरी।'

भारतीय पुरुष हॉकी टीम बुधवार, 4 नवंबर 2026 को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में दक्षिण कोरिया से आमना-सामना करेगी। यह मुकाबला शाम 7 बजे IST से शुरू होगा। टीम इंडिया रिकॉर्ड सातवीं बार फाइनल में पहुँचने के इरादे से मैदान पर उतरेगी — और लीग स्टेज का प्रदर्शन उसे खिताब की सबसे प्रबल दावेदार बनाता है।

ऐतिहासिक मैदान पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में यह पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच होगा, जो इस मुकाबले को ऐतिहासिक महत्व देता है। भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी के नाम पर बने इस स्टेडियम में टीम इंडिया घरेलू दर्शकों के उत्साह के बीच उतरेगी।

गौरतलब है कि मोहाली में आयोजित यह टूर्नामेंट पहले से ही बड़ी सफलता की कहानी लिख रहा है — भारतीय टीम ने लीग स्टेज के सभी पाँच राउंड-रॉबिन मैच जीते और अंक तालिका में शीर्ष पर रही।

कोरिया के खिलाफ भारत का दबदबा

दोनों टीमों के बीच पिछले 26 मैचों का इतिहास भारत के पक्ष में झुका हुआ है। भारत ने 16 मैच जीते हैं, 7 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं, और 3 में कोरिया ने बाज़ी मारी है। हाल के वर्षों में कोरिया के लिए भारत को हराना मुश्किल होता जा रहा है।

इस टूर्नामेंट से पहले भी भारत ने कोरिया को जालंधर में 8-0 के बड़े अंतर से हराया था। इससे पहले एशियन गेम्स में भी भारत ने कोरिया को 8-2 से पीछे छोड़ा था। ये आँकड़े टीम इंडिया की मनोवैज्ञानिक बढ़त को रेखांकित करते हैं।

दूसरे क्वार्टर की कमज़ोरी — नॉकआउट से पहले चिंता

अपनी अटैकिंग फायरपावर और शानदार लीग-स्टेज रिकॉर्ड के बावजूद, टीम इंडिया के लिए एक क्षेत्र चिंता का विषय रहा है — दूसरा क्वार्टर। बांग्लादेश को 13-0 से हराने के बाद खेले गए चार मैचों में भारत ने दूसरे क्वार्टर में बार-बार खेल पर पकड़ ढीली की और विरोधी टीमों को वापसी का मौका दिया।

चीन, मलेशिया और जापान के खिलाफ भी यही पैटर्न दोहराया गया — दूसरे क्वार्टर में बराबरी का गोल खाने के बाद भारत ने अंतिम दो क्वार्टरों में वापसी कर जीत दर्ज की। कोरिया के खिलाफ लीग मुकाबले में भारत ने छह पेनल्टी कॉर्नर दिए थे, जो नॉकआउट में महँगे साबित हो सकते हैं।

कोच फुल्टन की रणनीति

भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कोरिया पर पिछली जीत के बाद कहा था, 'हमारी टीम अच्छी स्थिति में है, लेकिन नॉकआउट का दबाव अलग होता है। हमें अच्छी शुरुआत की जरूरत है — यही सबसे जरूरी होगा।'

फुल्टन का यह बयान रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। नॉकआउट मैचों में एक गलती की कीमत अक्सर टूर्नामेंट से बाहर होने के रूप में चुकानी पड़ती है, इसलिए दूसरे क्वार्टर की उस कमज़ोरी पर काबू पाना टीम की प्राथमिकता होगी।

आगे क्या

यदि भारत सेमीफाइनल जीतता है, तो वह रिकॉर्ड सातवीं बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुँचेगा — यह एक ऐसी उपलब्धि होगी जो एशियाई हॉकी में भारत के निरंतर दबदबे को और मजबूत करेगी। लीग स्टेज के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और हालिया हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को देखते हुए, टीम इंडिया इस मुकाबले में स्पष्ट रूप से पसंदीदा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नॉकआउट हॉकी का व्याकरण अलग होता है — और दूसरे क्वार्टर की वह बार-बार दोहराई जाने वाली कमज़ोरी महज़ संयोग नहीं लगती। कोरिया के खिलाफ लीग मैच में छह पेनल्टी कॉर्नर देना बताता है कि रक्षा पंक्ति में अभी भी दरारें हैं जिन्हें प्रतिद्वंद्वी भुना सकते हैं। कोच फुल्टन का 'अच्छी शुरुआत' वाला बयान सही दिशा में है, पर सवाल यह है कि क्या टीम उस दूसरे क्वार्टर के सुधार को ट्रेनिंग ग्राउंड से मैदान पर उतार पाई है। रिकॉर्ड सातवाँ फाइनल आँकड़ों पर नहीं, उस 15 मिनट की परीक्षा पर टिका है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 सेमीफाइनल में भारत का मैच कब और कहाँ है?
भारत का सेमीफाइनल मुकाबला 4 नवंबर 2026 को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में शाम 7 बजे IST खेला जाएगा। यह इस स्टेडियम में पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच भी है।
भारत और कोरिया के बीच हॉकी का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड कैसा है?
दोनों टीमों के बीच खेले गए 26 मुकाबलों में भारत ने 16 जीते हैं, 7 ड्रॉ रहे हैं और कोरिया ने 3 में जीत दर्ज की है। हाल के वर्षों में भारत का पलड़ा भारी रहा है — इसी टूर्नामेंट में जालंधर मैच में भारत ने कोरिया को 8-0 से हराया था।
टीम इंडिया का लीग स्टेज प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत ने लीग स्टेज के सभी पाँच राउंड-रॉबिन मैच जीते और अंक तालिका में शीर्ष पर रही। बांग्लादेश को 13-0 से हराना उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
भारत के लिए दूसरे क्वार्टर में कमज़ोरी क्यों चिंता का विषय है?
लीग स्टेज के कई मैचों में भारत ने दूसरे क्वार्टर में गोल खाए और खेल पर पकड़ गँवाई — चीन, मलेशिया, जापान और कोरिया के खिलाफ यह पैटर्न दोहराया गया। नॉकआउट में इस कमज़ोरी का फायदा विरोधी टीम उठा सकती है, क्योंकि यहाँ वापसी का मौका नहीं मिलता।
भारत एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में कितनी बार फाइनल खेल चुका है?
भारत अब तक एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के 6 फाइनल में पहुँच चुका है। इस सेमीफाइनल में जीत के साथ वह रिकॉर्ड सातवीं बार फाइनल में जगह बनाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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