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यूपी चुनाव 2027: अयोध्या की 5 विधानसभा सीटों पर 2022 में भाजपा ने 4 पर मारी बाज़ी, सपा को मिली 1

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यूपी चुनाव 2027: अयोध्या की 5 विधानसभा सीटों पर 2022 में भाजपा ने 4 पर मारी बाज़ी, सपा को मिली 1

सारांश

2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अयोध्या ज़िले की 5 विधानसभा सीटों का 2022 का लेखाजोखा अहम है — भाजपा ने 4 सीटें जीतीं, लेकिन बीकापुर में जीत का अंतर महज 5,560 था। सपा ने गोसाईंगंज में पैठ बनाए रखी। राम मंदिर के बाद अयोध्या का सियासी समीकरण और पेचीदा हो गया है।

मुख्य बातें

2022 विधानसभा चुनाव में अयोध्या ज़िले की 5 में से 4 सीटें भाजपा ने जीतीं।
रूदौली में भाजपा के राम चंद्र यादव ने 40,616 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
बीकापुर में भाजपा और सपा के बीच सबसे कड़ा मुकाबला रहा — जीत का अंतर महज 5,560 मत ।
अयोध्या सदर सीट पर भाजपा के वेद प्रकाश गुप्ता ने 1,13,414 वोट पाकर जीत हासिल की।
गोसाईंगंज एकमात्र सीट रही जहाँ सपा के अभय सिंह ने 13,079 मतों से भाजपा को हराया।
2027 चुनाव में अयोध्या की ये सीटें भाजपा और सपा दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनी रहेंगी।

अयोध्या जिले की पाँच विधानसभा सीटों — रूदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर, अयोध्या और गोसाईंगंज — पर 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच तीखा मुकाबला देखने को मिला था। भाजपा ने इनमें से चार सीटें जीतीं, जबकि गोसाईंगंज में सपा प्रत्याशी अभय सिंह ने जीत दर्ज कर भाजपा का क्लीन स्वीप रोक दिया। 2027 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ इन परिणामों का सियासी महत्व और बढ़ गया है।

रूदौली: भाजपा की बड़े अंतर से जीत

रूदौली विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार राम चंद्र यादव ने 94,031 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने सपा प्रत्याशी आनंद सेन को 40,616 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया — आनंद सेन को 53,415 वोट मिले।

इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार अब्बास अली जैदी उर्फ रुश्दी 52,181 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की उम्मीदवार निर्मला चौधरी को 9,961 वोट मिले और वह चौथे स्थान पर रहीं।

मिल्कीपुर: भाजपा की एक लाख पार की जीत

मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार चंद्रभानु पासवान ने 1,03,905 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बाबा गोरखनाथ को 13,338 मतों से हराया।

बसपा की उम्मीदवार मीरा देवी 14,427 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार अखिलेश यादव को महज 3,166 वोट मिले।

बीकापुर: कांटे की टक्कर में भाजपा की जीत

बीकापुर विधानसभा सीट पर सबसे रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। भाजपा उम्मीदवार अमित सिंह चौहान ने 1,07,268 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि सपा उम्मीदवार फिरोज खान उर्फ गब्बर महज 5,560 मतों के अंतर से पराजित हुए — उन्हें 1,01,708 वोट मिले थे।

बसपा के सुनील कुमार पाठक 21,385 मतों के साथ तीसरे और कांग्रेस की उम्मीदवार रीता 4,394 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहीं। गौरतलब है कि यह सीट भाजपा के लिए सबसे कठिन रही, जहाँ दोनों प्रमुख दलों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम था।

अयोध्या सदर: भाजपा की निर्णायक जीत

अयोध्या विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार वेद प्रकाश गुप्ता ने 1,13,414 वोट हासिल कर जीत का परचम लहराया। उन्होंने सपा के तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को 19,990 मतों से पराजित किया — पवन पांडेय को 93,424 वोट मिले।

बसपा के रवि प्रकाश 17,706 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उल्लेखनीय यह है कि इस सीट पर नोटा (NOTA) चौथे स्थान पर रहा और उसे 2,011 मत मिले — जो मतदाताओं के असंतोष का एक संकेत है।

गोसाईंगंज: सपा ने किया भाजपा का दबदबा भंग

गोसाईंगंज विधानसभा सीट पर तत्कालीन सपा प्रत्याशी अभय सिंह ने 1,05,863 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार आरती तिवारी को 13,079 मतों के अंतर से हराया — आरती तिवारी को 92,784 वोट मिले।

बसपा के राम सागर वर्मा 37,271 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यह सीट अयोध्या ज़िले में सपा के लिए एकमात्र उज्जवल स्थान रही और 2027 में दोनों दलों की नज़र इस सीट पर विशेष रूप से रहेगी।

यह ऐसे समय में प्रासंगिक हो जाता है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और अयोध्या — राम मंदिर के निर्माण के बाद — राजनीतिक दृष्टि से और भी संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बीकापुर की 5,560 मतों की जीत यह भी दर्शाती है कि सपा के लिए यहाँ वापसी की गुंजाइश पूरी तरह बंद नहीं है। असली सवाल यह है कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या सदर सीट पर भावनात्मक लहर 2027 में कितनी टिकाऊ रहेगी, और क्या सपा गोसाईंगंज की जीत को आधार बनाकर पड़ोसी सीटों में सेंध लगा सकती है। जाति समीकरण, विशेष रूप से बसपा का घटता वोट बैंक, दोनों प्रमुख दलों की रणनीति को नए सिरे से आकार देगा।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2022 में अयोध्या की कितनी विधानसभा सीटें भाजपा ने जीतीं?
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अयोध्या ज़िले की 5 सीटों में से भाजपा ने 4 सीटें जीतीं — रूदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर और अयोध्या सदर। गोसाईंगंज सीट सपा के अभय सिंह ने जीती।
गोसाईंगंज सीट पर 2022 में कौन जीता था?
गोसाईंगंज विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी अभय सिंह ने 1,05,863 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा की आरती तिवारी को 13,079 मतों के अंतर से हराया।
2022 में अयोध्या की किस सीट पर सबसे कड़ा मुकाबला था?
बीकापुर सीट पर 2022 का सबसे कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भाजपा के अमित सिंह चौहान ने सपा के फिरोज खान उर्फ गब्बर को केवल 5,560 मतों के अंतर से हराया, जबकि दोनों को क्रमशः 1,07,268 और 1,01,708 वोट मिले।
2027 के यूपी चुनाव में अयोध्या सीटें क्यों महत्वपूर्ण हैं?
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या ज़िला सांकेतिक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है। 2022 में भाजपा का यहाँ मज़बूत प्रदर्शन और सपा का गोसाईंगंज में टिके रहना — दोनों दल 2027 में इन सीटों को प्राथमिकता देंगे।
2022 में अयोध्या सदर सीट पर क्या हुआ था?
अयोध्या सदर सीट पर भाजपा के वेद प्रकाश गुप्ता ने 1,13,414 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को 19,990 मतों के अंतर से हराया, जिन्हें 93,424 वोट मिले थे।
राष्ट्र प्रेस
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