यूपी विधानसभा चुनाव 2027: बहराइच की 7 सीटों पर 2022 के नतीजे — भाजपा ने 4, सपा ने 2 सीटें जीती थीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सरगर्मी अभी से तेज हो चुकी है। बहराइच जिले की सात विधानसभा सीटों पर 2022 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चार, समाजवादी पार्टी (सपा) ने दो और BJP की सहयोगी अपना दल (एस) ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी। इन सीटों के चुनावी इतिहास और 2022 के मतदान आँकड़ों को समझना आगामी चुनाव की राजनीतिक दिशा का पूर्वाभास देता है।
बलहा विधानसभा सीट: भाजपा की सरोज सोनकर ने 16,573 मतों से जीत दर्ज की
बलहा विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार सरोज सोनकर ने 1,00,483 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के अक्षयबर नाथ कनौजिया को 83,910 वोट मिले, और जीत का अंतर 16,573 वोट रहा।
तीसरे स्थान पर बसपा के रामचंद्र 15,578 वोट के साथ रहे। इस सीट पर विकास, रोज़गार, कानून-व्यवस्था और जातीय समीकरण मुख्य चुनावी मुद्दे रहे।
बहराइच सदर: भाजपा की अनुपमा जायसवाल ने महज 4,078 वोटों के अंतर से जीत हासिल की
बहराइच सदर विधानसभा सीट पर 2022 में भाजपा की अनुपमा जायसवाल और सपा के यासर शाह के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। अनुपमा जायसवाल ने 1,07,628 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि यासर शाह को 1,03,550 वोट मिले। जीत का अंतर केवल 4,078 वोट था।
बसपा के नईम 10,299 वोटों के साथ तीसरे और कांग्रेस के रईस अहमद 3,275 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। इस सीट का करीबी मुकाबला इसे जिले की सबसे चर्चित सीटों में शामिल करता है और 2027 में भी यहाँ कड़ी टक्कर की संभावना है।
नानपारा: अपना दल (एस) की जीत ने भाजपा गठबंधन की स्थिति मजबूत की
नानपारा विधानसभा सीट पर 2022 में भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) के उम्मीदवार रामनिवास वर्मा ने सपा की माधुरी वर्मा को 12,184 वोटों के अंतर से हराया। रामनिवास वर्मा को 87,689 वोट और माधुरी वर्मा को 75,505 वोट मिले।
बसपा के हकीकत अली 17,949 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उल्लेखनीय है कि यह सीट BJP के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से जुड़ी रही है, जो बहराइच दौरे पर नानपारा अवश्य जाते थे। 2027 में यहाँ गठबंधन और विपक्ष के बीच मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
मटेरा और कैसरगंज: सपा के खाते में गईं ये दोनों सीटें
मटेरा विधानसभा सीट पर 2022 में सपा की उम्मीदवार मारिया ने भाजपा के अरुण वीर सिंह को 10,428 वोटों के अंतर से हराया। मारिया को 1,02,255 वोट और अरुण वीर सिंह को 91,827 वोट मिले। बसपा के आकिब उल्ला खां 8,918 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। गौरतलब है कि 2017 में प्रदेश में भाजपा की लहर होने और बहराइच की 7 में से 6 सीटें जीतने के बावजूद मटेरा सपा के पास ही रही — 2022 में भी यह परंपरा कायम रही।
कैसरगंज विधानसभा सीट पर 2022 में सपा के उम्मीदवार आनंद यादव ने भाजपा के गौरव वर्मा को 7,711 वोटों के अंतर से हराकर भाजपा के कब्जे वाली यह सीट छीन ली। हालाँकि 2024 के लोकसभा चुनाव में कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा के करण भूषण सिंह ने सपा के भारत राम मिश्रा को 1,48,843 वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह विधानसभा और लोकसभा स्तर पर अलग-अलग दलों की सफलता का दिलचस्प उदाहरण है।
महसी और पयागपुर: भाजपा के गढ़ में बड़े अंतर से जीत
महसी विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार सुरेश्वर सिंह ने 2022 में सपा के कृष्ण कुमार ओझा को 42,684 वोटों के बड़े अंतर से हराया। सुरेश्वर सिंह को 1,17,883 वोट और ओझा को 75,199 वोट मिले। यह जिले की किसी भी सीट पर सबसे बड़ा जीत का अंतर था। 2017 में भी भाजपा ने यहाँ जीत दर्ज की थी।
पयागपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के सुभाष त्रिपाठी ने सपा के मुकेश श्रीवास्तव को 12,056 वोटों के अंतर से हराया। त्रिपाठी को 1,10,162 वोट और श्रीवास्तव को 98,106 वोट मिले। बसपा की गीता 11,232 वोटों के साथ तीसरे और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बिलाल अंसारी 3,586 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे।
2027 के चुनाव में बहराइच जिले की ये सातों सीटें एक बार फिर जिले की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगी — और पिछले चुनावों के समीकरण ही इसका आधार बनेंगे।