यूपी चुनाव 2027: जालौन की तीन विधानसभा सीटों का सियासी गणित, 2022 में भाजपा ने जीती थीं दो सीटें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच जालौन जिले की तीन विधानसभा सीटें — माधौगढ़, कालपी और उरई — एक बार फिर सियासी चर्चा के केंद्र में हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन तीन में से दो सीटें अपने नाम की थीं, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में गई थी। अगले चुनाव से पहले इन सीटों की जनसांख्यिकीय और राजनीतिक स्थिति समझना अहम है।
माधौगढ़ सीट: भाजपा का गढ़
माधौगढ़ जालौन जिले की एक प्रमुख विधानसभा सीट है, जो उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में 219वें नंबर पर आती है। यह सामान्य (अनारक्षित) सीट है और एक तहसील भी है। 2022 के चुनाव में यहाँ 4,45,421 पंजीकृत मतदाता थे।
यहाँ से मौजूदा विधायक भाजपा के मूलचंद्र निरंजन (जिन्हें मूलचंद सिंह भी कहा जाता है) हैं, जो 18वीं विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2022 में उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी शीतल कुशवाहा थीं।
कालपी सीट: सपा का दबदबा
कालपी जालौन जिले की एक ऐतिहासिक तहसील और विधानसभा क्षेत्र है। यह भी सामान्य अनारक्षित सीट है और 403 में से 220वीं सीट है। 2022 के चुनाव में यहाँ 3,94,653 पंजीकृत मतदाता थे और मतदान प्रतिशत 60.05 रहा।
2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से समाजवादी पार्टी के विनोद चतुर्वेदी ने करीब 29.48 प्रतिशत वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उन्होंने निषाद पार्टी के छोटे सिंह को हराया, जिन्हें करीब 28.49 प्रतिशत वोट मिले थे। दोनों प्रत्याशियों के बीच यह मुकाबला काफी कड़ा रहा।
उरई सीट: प्रशासनिक केंद्र में भाजपा की जीत
उरई जालौन जिले का प्रशासनिक मुख्यालय और प्रमुख शहर है। यह कानपुर-झाँसी नेशनल हाईवे 27 पर स्थित है। इतिहास में यह शहर मराठा राज्यपाल का निवास रहा है। उरई विधानसभा सीट का क्रमांक 221 है।
यहाँ से मौजूदा विधायक भाजपा के गौरी शंकर वर्मा हैं, जिन्होंने 2022 में समाजवादी पार्टी के दयाशंकर वर्मा को हराकर जीत हासिल की थी।
जालौन जिले की जनसांख्यिकीय तस्वीर
2011 की जनगणना के अनुसार, जालौन जिला आबादी के लिहाज़ से उत्तर प्रदेश में 57वें स्थान पर है। जिले में शहरी आबादी का अनुपात 24.8 प्रतिशत है, जो राज्य के औसत 22.3 प्रतिशत से अधिक है। जनसंख्या घनत्व 370 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जबकि राज्य का औसत 829 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।
साक्षरता दर के मामले में जालौन की स्थिति उल्लेखनीय है — 73.7 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ जिला प्रदेश में 11वें स्थान पर है, जो राज्य के औसत 67.7 प्रतिशत से अधिक है। लिंग अनुपात 865 के आँकड़े के साथ जिला प्रदेश में 63वें स्थान पर है।
जिले में कुल 1,151 गाँव हैं, जिनमें से 209 निर्जन हैं। माधौगढ़ तहसील में सर्वाधिक 223 बसे हुए गाँव हैं, जबकि उरई तहसील में सबसे कम 128 बसे हुए गाँव हैं। जिले में 10 कस्बे हैं, सभी वैधानिक शहर हैं। दशकीय वृद्धि दर 16.2 प्रतिशत रही है, जो राज्य की औसत 20.2 प्रतिशत से कम है। जिले में कुल 2,88,338 परिवार हैं और घरों का औसत आकार 5.9 व्यक्ति है।
2027 की रणनीतिक स्थिति
गौरतलब है कि जालौन जिले में भाजपा की पकड़ मजबूत है, लेकिन कालपी में सपा की जीत यह बताती है कि मैदान पूरी तरह एकतरफा नहीं है। 2027 में इन सीटों पर किसका पलड़ा भारी रहेगा, यह स्थानीय मुद्दों, जाति समीकरण और राष्ट्रीय राजनीतिक हवा पर निर्भर करेगा।