समसेरगंज एनकाउंटर: पश्चिम बंगाल पुलिस ने गठित की 5 सदस्यीय SIT, देब्येंदु तमांग करेंगे अगुवाई
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुर्शिदाबाद के समसेरगंज में 27 अक्टूबर 2026 की दोपहर हुए एनकाउंटर की जांच के लिए पाँच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस एनकाउंटर में स्थानीय भाजपा नेता सुजीत मंडल की हत्या के आरोपी समीउल शेख की मौत हुई थी। राज्य सरकार के निर्देश पर बनाई गई इस SIT की पुष्टि मुर्शिदाबाद रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) अजीत सिंह यादव ने की।
SIT की संरचना और नेतृत्व
SIT की अध्यक्षता समसेरगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी देब्येंदु तमांग करेंगे। दल के शेष चार सदस्य स्वरूप बिस्वास (इंस्पेक्टर), अभिजीत सरकार, निलेश चंद्र सरकार और मिथुन हलदर हैं — ये तीनों सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं। पहले SIT गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई, उसके बाद दल का औपचारिक गठन किया गया।
एनकाउंटर का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, समीउल शेख को 27 अक्टूबर को अपराध स्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एस्कॉर्ट कर रहे पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर कई राउंड गोलियाँ चलाईं। पुलिस के दावे के मुताबिक, मौके पर मौजूद एक इंस्पेक्टर की जवाबी फायरिंग में शेख की मौत हो गई।
मूल मामला: सुजीत मंडल हत्याकांड
समसेरगंज के ओल्ड डाकबंगला इलाके के निवासी और स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सुजीत मंडल 28 अगस्त को लापता हो गए थे, जिसके बाद उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन आरोपियों — समीउल शेख, तजकिरा बीबी और जॉनी शेख — को गिरफ्तार किया था। इनमें से समीउल शेख ही एनकाउंटर में मारा गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक हत्याओं को लेकर तनाव पहले से बना हुआ है।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। मंडल की पत्नी सुमना मंडल ने आरोप लगाया कि पति के लापता होने के बाद बार-बार स्थानीय थाने में जाने के बावजूद उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। घटना के बाद कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन, तबादले और विभागीय जांच सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने इस चूक को 'बड़ी भूल' बताया था।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि SIT का गठन न्यायिक और राजनीतिक दबाव के बीच हुआ है, जिसमें BJP ने एनकाउंटर की स्वतंत्र जांच की माँग की है। SIT की जांच के निष्कर्ष तय करेंगे कि पुलिस का दावा — जवाबी फायरिंग में मौत — सही है या नहीं। दल से उम्मीद है कि वह शीघ्र अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।