राजभर ने अखिलेश को दी चुनावी चुनौती: 'चुनाव से भागे तो नेता कैसे?' एक्स पर बोला तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 4 नवंबर 2026 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधे विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती दी। राजभर ने एक्स पर लिखा कि जो नेता चुनाव से भागे, वह नेता कहलाने का हक नहीं रखता।
राजभर की सीधी चुनौती
एक्स पर पोस्ट करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने लिखा, 'सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। वह नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइए, हो जाएं दो-दो हाथ।' राजभर के इस पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और अखिलेश यादव के किसी सीट से न लड़ने की चर्चाएँ राजनीतिक गलियारों में गर्म हैं।
टोना-टोटके पर तीखा तंज
राजभर ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के तरीके पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हमें यह नहीं पता था कि आप टोना-टोटका जैसी बातों पर इतना विश्वास करते हैं। बिना चुनाव लड़े आपका मुख्यमंत्री बनना किसी टोना-टोटके का नतीजा नहीं था, बल्कि परिवार की पार्टी होने के कारण आप उस पद तक पहुँचे थे।'
राजभर ने आगे कहा कि जब यह आशंका हो गई कि चुनावी मैदान में उतरने पर राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, तो वह मुकाबले से पीछे हटने का रास्ता तलाश रहे हैं।
सपा सरकार पर सीधा हमला
मंत्री ने कहा, 'ये लाल टोपी वालों की सरकार नहीं है, जब प्रदेश टोना-टोटका वाले चलाया करते थे। नोएडा से लेकर आगरा, अयोध्या और मथुरा तक टोना-टोटका मानने वालों की सरकार को जनता ने 10 साल पहले ही उखाड़कर फेंक दिया।'
राजभर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ले-दे कर एक बार मुख्यमंत्री बन पाए हैं अखिलेश यादव, 'अब आगे उम्मीद भी नहीं है — तो कम से कम हिम्मत दिखाते हुए किसी एक सीट से लड़ लिए होते। चुनौती से डर गए।'
धार्मिक संदर्भ का इस्तेमाल
राजभर ने काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, 'बाबा विश्वनाथ आपका कल्याण करें... आपके पास चौराहे पर रुककर मिठाई खाने का समय था, मगर कुछ ही दूर पर उनके दरबार में शीश झुकाने का समय नहीं मिला। कम से कम पास में ही काल भैरव बाबा के दरबार में चले गए होते — वहाँ आपके सारे टोना-टोटकों का इलाज हो गया होता।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राजभर ने अखिलेश यादव पर इस तरह सीधा प्रहार किया हो। 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक वाकयुद्ध तेज होता जा रहा है।
आगे क्या होगा
राजभर के इस बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान उत्तर प्रदेश में OBC और पिछड़ा वर्ग की राजनीति को लेकर जारी खींचतान का हिस्सा है, जहाँ सुभासपा और समाजवादी पार्टी दोनों एक ही मतदाता आधार को साधने की कोशिश में हैं। आने वाले दिनों में अखिलेश यादव का पलटवार इस राजनीतिक संघर्ष की दिशा तय करेगा।